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खुशखबरी: अब 11वीं-12वीं के छात्रों को मुफ्त में मिलेगी किताबें, प्रस्ताव भेजने की तैयारी में सरकार

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Mar 14 2018 3:56PM IST
खुशखबरी: अब 11वीं-12वीं के छात्रों को मुफ्त में मिलेगी किताबें, प्रस्ताव भेजने की तैयारी में सरकार

छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां ग्यारहवीं-बारहवीं के छात्रों को मुफ्त में किताबें बांटी जाएंगी। सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में निशुल्क पुस्तक वितरण के लिए पाठ्य पुस्तक निगम प्रस्ताव भेजने की तैयारी में है।

यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो आगामी शैक्षणिक सत्र से छात्रों को निशुल्क किताबें वितरित की जाएंगी। केवल सरकारी स्कूलों एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में ही ये किताबें वितरित की जाएंगी।

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गौरतलब है कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र से ग्यारहवीं कक्षा में एनसीईआरटी की किताबें कुछ विषयों में लागू की गई हैं। शैक्षणिक सत्र 2018-19 से ग्यारहवीं के अन्य विषयों के साथ बारहवीं में भी एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाएगा।

निजी प्रकाशकों की एनसीईआरटी की किताबें छात्रों को बहुत महंगी पड़ती हैं। ये किताबें शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले गरीबी रेखा से नीचे वाले छात्रों की पहुंच से बाहर हैं। पापुनि द्वारा प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इस माह यह प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।

30 करोड़ की लागत

आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में ग्यारहवीं कक्षा में अध्ययनरत छात्राें की संख्या लगभग 2 लाख 80 हजार एवं बारहवीं कक्षा के छात्रों की संख्या 2 लाख 70 हजार है। इन छात्रों को यदि निशुल्क किताबें वितरित की जाती हैं, तो अनुमानित लागत लगभग 30 करोड़ होगी।

दसवीं कक्षा में जिन छात्रों को निशुल्क किताबें वितरित की जाती हैं, उनकी संख्या साढ़े चार लाख है। इस हिसाब से जितनी लागत दसवीं कक्षा के छात्रों को किताबों के निशुल्क वितरण में आती है, उतनी लागत हायर सेकंडरी की दोनों कक्षाओं को मिलाकर आएगी।

इसलिए लिया गया फैसला

सरकार द्वारा गत वर्ष ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा में एनसीईआरटी की किताबें लागू की गई हैं। एंट्रेस एग्जाम एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाआें में स्टेट बोर्ड के छात्रों के सीबीएसई स्टूडेंट्स की तुलना में पिछड़ने के कारण यह निर्णय लिया गया।

पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा इस वर्ष ग्यारहवीं कक्षा के लिए एनसीईआरटी की कम कीमतों वाली किताबें छापी भी गईं। इसके बाद भी बुक स्टोर संचालकों और निजी प्रकाशकों के कमीशन के कारण ये किताबें छात्रों तक पहुंच नहीं पाईं।

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निजी प्रकाशकों की किताबें छात्रों को दो से तीन गुनी अधिक कीमतों पर लेनी पड़ रही हैं। सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत प्रत्येक छात्र को एनसीईआरटी किताब का लाभ मिल सके, इसलिए यह प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

प्रस्ताव की तैयारी

पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष देवजी पटेल ने कहा, सरकार काे ग्यारवीं-बारहवीं के छात्रों को निशुल्क एनसीईआरटी की किताबों के वितरण के लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी में हैं। यदि सभी छात्रों के लिए ऐसा संभव नहीं, तो कोशिश करेंगे कि कम से कम लड़कियों को मुफ्त किताबें दे सकें।

(भाषा- इनपुट)

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-Tags:#Chattisgarh#Education Ministry#Free books#Senior Secondary Board#Raman Singh
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