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CG Elections 2018: ये हैं काले हीरे की नगरी ''मनेंद्रगढ़ विधानसभा'' क्षेत्र के मुख्य मुद्दे

कभी कांग्रेसियों का गढ़ रहे मनेंद्रगढ़ विधानसभा में पिछले एक दशक से भाजपा सत्तासीन है। सामान्य सीट वाली इस विधानसभा में व्यावसायिक शहर मनेन्द्रगढ़ के अलावा कोयलांचल नगरी चिरमिरी नगर निगम भी समाहित है।

CG Elections 2018: ये हैं काले हीरे की नगरी

बैकुंठपुर। कभी कांग्रेसियों का गढ़ रहे मनेंद्रगढ़ विधानसभा में पिछले एक दशक से भाजपा सत्तासीन है। सामान्य सीट वाली इस विधानसभा में व्यावसायिक शहर मनेन्द्रगढ़ के अलावा कोयलांचल नगरी चिरमिरी नगर निगम भी समाहित है। इलाका कोयलांचल होने के कारण यहां एसईसीएल और निगम क्षेत्र के मतदाताओं का अच्छा खासा वर्चस्व रहता है। वर्तमान में यहां भाजपा की सत्ता में स्वीकृत कैंसर रिसर्च सेंटर खोले जाने सहित कई प्रमुख मुद्दे हावी हैं, बेरोजगारी और पलायन से चिरमिरी के अस्तित्व पर उठ रहा सवाल मुख्य मुद्दा होगा।

चिरमिरी कॉलरी क्षेत्र की स्थिति अजीबो-गरीब है, आज यहां कई जगहों पर जमीन के अंदर आग लगी है, जिससे लगातार धुआं निकल रहा है। करीब 16 किलोमीटर के दायरे में बसी चिरमिरी में कई जगहों पर धुआं निरंतर निकल रहा है। क्षेत्र के जानकार इसे खतरनाक गैस बताते हैं। वहीं इसकी वजह से आसपास के पेड़ भी चपेट में आने लगे हैं। लोगों का कहना है कि कोल खदान क्षेत्र में पड़ी दरारों की वजह से आए दिन पशुओं की मौत होते जा रही है।

वर्तमान में इस आग धुआं धीरे-धीरे अब रिहायसी इलाकों की ओर पहुंच रहा है। चिरमिरी क्षेत्र की कोल खदान क्षेत्र में रहने वालों की सांसें बरसात के दिनों में थम जाती है, क्योंकि इस समय भूस्खलन के मामले आते ही रहते हैं। पूर्व में हल्दीबाड़ी, पुराना जीएम कार्यालय आदि जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं। चिरमिरी कोयला खदान क्षेत्र में प्रतिबंधित क्षेत्र जहां पर जमीन में दरारें पड़ी हैं, वहां से निरंतर धुआं निकल रहा है।

कैंसर रिसर्च सेंटर और करोड़ों की सड़क दी

विधायक श्यामबिहारी जायसवाल ने बताया कि बड़े कार्यों में करोड़ों रुपए से सड़क निर्माण, विद्युतीकरण, मिनी स्टेडियम निर्माण शामिल हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि मनेन्द्रगढ़ में कैंसर रिसर्च संस्था के लिए 45 करोड़ रुपए स्वीकृति कराना है। इसके अलावा प्रमुख उपलब्धियों में केंवची से चिरमिरी, नागपुर राष्ट्रीय राज्यमार्ग निर्माण एवं नागपुर हॉल्ट स्टेशन से चिरमिरी रेल्वे स्टेशन तक 10.5 किलोमीटर तक रेल लाइन के विस्तार के लिए 114 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिलना है। विधानसभा की जनता के समस्याओं के निदान के लिए मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी में प्रति सप्ताह एक दिन विधायक कार्यालय में जनसंवाद कार्यक्रम किया जाता है।

क्षेत्र का विकास किसी से भी छिपा नहीं

भाजपा के ब्लाक अध्यक्ष द्वारिका जायसवाल ने कहा कि वर्तमान चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने के लिए बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर रहे हैं। भाजपा शासन काल में इतने विकास कार्य हुए हैं , जो किसी से छिपा नहीं है, सभी लोगों को दिख रहा है। हम चुनाव जीतने पर विश्वास रखते हैं, हमारे मंत्री, नेता, पीएम, सीएम सदैव आम लोगों के हितों के लिए सोचते हैं।

विकास कार्यों के बल पर जनता के बीच हैं

मेरा कार्यकाल विकास कार्यों व नई-नई उपलब्धियों से भरा पड़ा है, जिन्हें शब्दों से नहीं गिनाया जा सकता। विधानसभा क्षेत्र की जनता खुद ब खुद बताएगी। हम विकास कार्यों के बल पर ही जनता के बीच उतर रहे हैं। जनता इसे अच्छी तरह से जानती और समझती है। (श्यामबिहारी जायसवाल विधायक)

जनता बदलाव चाहती है, चुनाव में दिखेगा

विधानसभा क्षेत्र में कितने विकास कार्य हुए हैं, यह किसी सी छिपा नहीं है। अब जनता बदलाव देख रही है, जिसका असर आगामी चुनाव में होगा। क्षेत्र में रोजगार, स्वास्थ्य और स्थायित्व बड़े मुद्दे हैं। जनता समझदार है। (गुलाब सिंह, पूर्व विधायक)

ये हैं टिकट के प्रमुख दावेदार

भाजपा

वर्तमान विधायक श्याम बिहारी जायसवाल, पूर्व विधायक दीपक पटेल, प्रदेश किसान मोर्चा के नेता लखनलाल श्रीवास्तव, श्रीमती राजकुमारी अग्रवाल, कीर्ति बासु रावल।

कांग्रेस

डॉ. विनय जायसवाल, वर्तमान महापौर और हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए के. डोमरु रेड्डी, ओम प्रकाश गुप्ता ,अशोक श्रीवास्तव, प्रभा पटेल, रमेश सिंह, श्रीमती बबीता सिंह।

जोगी इफेक्ट

भाजपा, कांग्रेस के अलावा क्षेत्र में जोगी कांग्रेस से शाहिद महमूद और बीएसपी का भी अपना महत्व रखेगा, फिलहाल इनके दावेदारों की लंबी लिस्ट सामने नहीं आ सकी है।

अबतक सिर्फ आश्वासन ही मिला है

क्षेत्र में विकास के सभी दावे खोखले हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है। हर साल बड़ी संख्या में खदानों से लोग रिटायर हो रहे हैं। नई भर्तियां नहीं होने और रोजगार नहीं होने की वजह से पलायन भी बढ़ रहा है। (प्रमोद सिंह, स्थानीय नागरिक)

चिरमिरी में स्थायित्व सबसे बड़ा सवाल

चिरमिरी में अधिकतर लोगों के पास अपना खुद का मकान नहीं है। खदानों में काम करने वाले एसईसीएल के बनाए कॉलोनी में रहते हैं। िरटायरमेंट के बाद उन्हें भी वहां नहीं रहने दिया जाता। धीरे-धीरे लोग यहां से जा रहे हैं। (जयश्री नामदेव, स्थानीय नागरिक)

नगर निगम तो सिर्फ खानापूर्ति कर रही

पूर्व विधायक गुलाब सिंह ने कहा कि वर्तमान में मेरा कांग्रेस से कोई नाता नहीं है। चुनाव के दौरान कई तरह की परिस्थितियां बनीं थी, जिसकी वजह से मुझे हार का सामना करना पड़ा था। जनता बदलाव चाहती है। क्षेत्र में सड़कें नहीं के बराबर है। उच्चशिक्षा के लिए अभी स्थ्ाानीय विद्यािर्थयों को बाहर जाना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधाएं शहरों में ही खस्ताहाल है। अंचल में हालात और भी खराब हैं। चिरमिरी की जनता पानी के लिए पूर्ण रूप से एसईसीएल पर निर्भर है। निगम तो सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। मूलभूत सुविधाओं के लिए भी लोगों को भटकना पड़ता है। रोजगार नहीं होने की वजह से लोग पलायन कर रहे हैं।

भाजपा की विफलता ही हमारी सफलता

कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष सुभाष कश्यप ने कहा कि मनेन्द्रगढ़ विधानसभा कांग्रेस बाहुल्य क्षेत्र है। लगातार क्षेत्र से कांग्रेस का विधायक रहा है आपसी तालमेल की कमी के कारण पिछला चुनाव कांग्रेस हार गई। इस बार पार्टी के कार्यकर्ता संगठित है। भाजपा की विफलता को क्षेत्र की जनता के सामने कांगेस के कार्यकर्ता रखेंगे। माहौल हमारे पक्ष में है। इसबार कांग्रेस की सरकार बननी तय है।

पिछले एक दशक से मनेंद्रगढ़ में भाजपा सत्तासीन है

मनेंद्रगढ़ सामान्य विधानसभा सीट है। जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र भी है। मध्यप्रदेश के समय से ये कांग्रेसियों का गढ़ रहा। 2008 में भाजपा को पहली बार जीत मिली। पिछले एक दशक से यहां भाजपा की सत्ता है। वर्तमान में भाजपा के श्यामबिहारी जायसवाल यहां से विधायक हैं। 2003 के चुनाव में कांग्रेस के गुलाबसिंह ने भाजपा के रामलखन सिंह को 7500 मतों से हराया। 2008 में विधानसभा क्षेत्रों के विस्ताार के दौरान कांग्रेस ने गुलाब सिंह को भरतपुर सोनहत से उतारा और मनेंद्रगढ़ से रामानुज अग्रवाल को टिकट दी। भाजपा ने दीपक पटेल को मौका दिया। इसमें दीपक पटेल ने 14 हजार से भी ज्यादा मतों से जीत दर्ज की। 2013 में भ्ााजपा ने दीपक पटेल से किनारा करते हुए श्यामबिहारी जायसवाल को टिकट दिया। इस बार कांग्रेस ने गुलाब सिंह को चुना। लेकिन भितरघात की वजह से कांग्रेस ने ये सीट गंवाई।

विकास ही होगा मुद्दा

विकास को लेकर स्थ्ाानीय लोगों में खासा गुस्सा दिख रहा है। एकमात्र नगर निगम चिरमिरी के अस्तित्व की लड़ाई भी जोर पकड़ने लगी है। दोनों पार्टियों के लिए ये मुद्दा अहम और चुनौती भरा होगा।

ये करेंगे प्रभावित

जातिगत नजरिए से देखा जाए तो यहां सबसे ज्यादा गोड़, साहू, अल्पसंख्यक के वोट प्रभावित करते हैं। इनके वोट काफी हद तक चुनाव प्रत्याशी को काफी मदद करते हैं।

2008 समीकरण: टिकट बंटवारे के बाद गुटबाजी के कारण कांग्रेस की हार

प्रत्याशी पार्टी मत जीत का

दीपक पटेल भाजपा 30912 अंतर

रामानुज अग्रवाल कांग्रेस 16630 14282

2013 समीकरण: पिछली बार की तरह इस बार भी भितरघात बनी हार की वजह

प्रत्याशी पार्टी मत जीत का

श्यामबिहारी जायसवाल भाजपा 32613 अंतर

गुलाब सिंह कांग्रेस 28435 4178

4.6%

वोट से भाजपा को मिली जीत

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