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CG NEWS : सरकार ने निकाला लाभ के पद से होने वाली हानि का तोड़, 38 निगम मंडल होंगे बाहर

लाभ के पद को लेकर देश के राजनीतिक दलों में बहुत विवाद रहा है। इन्हें लेकर न्यायालयों में कई याचिकाएं भी पिछले कुछ समय से दाखिल की गई हैं। इसे लेकर कई राज्यों में सरकारों पर संकट भी आए और कई राज्यों में सरकारें गिरने से बचीं।

CG NEWS : सरकार ने निकाला लाभ के पद से होने वाली हानि का तोड़, 38 निगम मंडल होंगे बाहर
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रायपुर. लाभ के पद को लेकर देश के राजनीतिक दलों में बहुत विवाद रहा है। इन्हें लेकर न्यायालयों में कई याचिकाएं भी पिछले कुछ समय से दाखिल की गई हैं। इसे लेकर कई राज्यों में सरकारों पर संकट भी आए और कई राज्यों में सरकारें गिरने से बचीं। अब छत्तीसगढ़ सरकार ने इन मामलों से मुक्ति पाने का तोड़ निकाल लिया है। राज्य की कांग्रेस सरकार ने एक विधेयक लाकर विधानमंडल के सदस्यों के निरर्हता संबंधी संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश किया है।

संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने इसे पेश करते हुए कहा है कि यह अधिनियम छत्तीसगढ़ विधान मंडल सदस्य निरर्हता निवारण अधिनियम की अनुसूची के संबंध में उठने वाली शंकाओं को दूर करने का प्रयास है। ऐसी शंकाओं को दूर करने तथा राज्य शासन के अधीन कुछ लाभ के पदों को उक्त अधिनियम की अनुसूची में शामिल किया गया है। इसमें 38 निगम मंडलों को इस दायरे से में लाया गया है। इन पदों पर विधानमंडल के लिए चुने गए जाने अथवा बने रहने से निरर्हित न हों। इस अधिनियम को 1 जनवरी 2019 से प्रवृत्त हुआ माना जाएगा। पूर्व में इस विधेयक के अनुसूची 19 में पूर्व में करीब 90 संस्थानों, प्राधिकरण और आयोगों को जोड़ा गया था। अब इसमें विस्तार करते हुए 38 निगम मंडल और प्राधिकरणों को भी इसमें शामिल किया गया है।
यह भी नहीं होंगे लाभ के पद
प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, रायपुर, सभी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, रायपुर विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग, योग आयोग, अटल नगर विकास प्राधिकरण सहित अन्य निगम मंडल एवं आयोग शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने राज्य में 15 साल बाद सरकार बनाई है। कांग्रेस को तीन चौथाई बहुमत मिला है। ऐसे में सरकार विधायकों काे भी निगम मंडलों में नियुक्त करने की कवायद प्रारंभ कर सकती है, इसके पूर्व सरकार उन सभी मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं से बचने का प्रयास करने में लगी है।
जो छूट गए, उन्हें भी शामिल करने का प्रयास
छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव देवेंद्र वर्मा ने बताया कि अधिनियम के द्वारा सरकार उन सभी आयोग और निगम मंडलों को अधिसूचित कर उन्हें लाभ के पद से हटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि 2005 में भाजपा सरकार ने कुछ सोसायटियों को भी इसके अंतर्गत लाकर लाभ के पद से अलग रखा था। जो संस्थाएं छूट गई हाेंगी, उन्हें इसमें जोड़ने का प्रयास है। अब इस सूची को और आगे बढ़ाकर राजनीतिक नियुक्ति के प्रयास होंगे। लाभ के पद को लेकर राज्य सरकार को अधिनियम बनाने का अधिकार है।

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