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CG NEWS- बड़ी खबर : नर्सिंग घोटाला भी नहीं बन पाया राह का रोड़ा, आयुष विवि के नए कुलपति होंगे डॉ. अशोक कुमार चंद्राकर, आदेश जारी...

आयुष विश्वविद्यालय के नए कुलपति की नियुक्ति अटकी हुई थी. नर्सिंग घोटाला सामने आने के बाद नए कुलपति डॉ. अशोक कुमार चंद्राकर की पोस्टिंग में पेंच आ गया था.

CG NEWS- बड़ी खबर : नर्सिंग घोटाला भी नहीं बन पाया राह का रोड़ा, आयुष विवि के नए कुलपति होंगे डॉ. अशोक कुमार चंद्राकर, आदेश जारी...

रायपुर. आयुष विश्वविद्यालय के नए कुलपति की नियुक्ति अटकी हुई थी. नर्सिंग घोटाला सामने आने के बाद नए कुलपति डॉ. अशोक कुमार चंद्राकर की पोस्टिंग में पेंच आ गया था. आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति के लिए दौड़ में सबसे आगे चल रहे डॉ अशोक कुमार चंद्राकर को आख़िरकार आज नए कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण करने का आदेश जारी कर दिया गया है.

बता दें कि पिछले दिनों ही राजभवन से नए कुलपति के नाम की घोषणा होने के आसार थे. इसी बीच नर्सिंग घोटाले में शासन की जांच रिपोर्ट सामने आ गई. उसमें चिकित्सा शिक्षा संचालक डा. एके चंद्राकर की भूमिका उजागर हुई. अचानक एक चर्चित घोटाले की जांच में उनका नाम होने से पूरी प्रक्रिया ही एक तरह से ठिठक गई थी.
आयुष विवि के कुलपति डॉ. जीबी गुप्ता पिछले साल अक्टूबर में रिटायर हुए थे. उनके बाद पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. आभा सिंह को कार्यकारी कुलपति बनाया गया था. भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही राजभवन ने नए कुलपति के लिए आवेदन मंगाया था. इनमें चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारी समेत पांच डॉक्टरों ने कुलपति के लिए आवेदन किया था.
क्या था नर्सिंग घोटाला
2016 नवंबर में प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में आवेदन फार्म जमा करने की अंतिम तारीख गुजरने के बाद भी सैकड़ों की संख्या में प्रवेश दिया गया. आवेदन करने की प्रक्रिया ऑन लाइन थी. तारीख गुजरने के बाद पूरा सिस्टम अपने आप लॉक हो गया था. उसके बाद भी लॉक खोलकर पूरा सिस्टम ऑन किया गया और छात्राओं को प्रवेश दिया गया. इतनी छात्राओं को प्रवेश देने से बवाल मच गया और इसकी उच्च स्तर पर शिकायत की गई. हल्ला मचने के बाद चिकित्सा शिक्षा संचालनालय में नर्सिंग शाखा देखने वाले डा. खंडवाल और डा. सुमीत त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया. उसके बाद शासन स्तर पर अलग से जांच शुरू की गई. शासन की जांच में चिकित्सा शिक्षा संचालक के अन्य डाक्टरों के साथ-साथ डीएमई डा. चंद्राकर का नाम भी सामने आया. डाक्टरों ने कहा कि संचालक के आदेश पर ही सिस्टम का पोर्टल खोला गया था.
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