logo
Breaking

CG Budget Session : सीएम भूपेश बघेल बोले- पहली बार हो रहा है कटौती प्रस्ताव में ज्यादा राशि की मांग, विपक्ष चाहें तो कटौती प्रस्ताव वापस ले लें

विधानसभा सत्र के आज सातवें दिन नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच कटौती प्रस्ताव को लेकर जमकर नोंक-झोंक हो गई. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि कटौती प्रस्ताव में नेता प्रतिपक्ष अधिक राशि दिए जाने की मांग कर रहे हैं. अगर ऐसा है तो वह कटौती प्रस्ताव वापस ले लें.

CG Budget Session : सीएम भूपेश बघेल बोले- पहली बार हो रहा है कटौती प्रस्ताव में ज्यादा राशि की मांग, विपक्ष चाहें तो कटौती प्रस्ताव वापस ले लें

रायपुर. विधानसभा सत्र के आज सातवें दिन नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच कटौती प्रस्ताव को लेकर जमकर नोंक-झोंक हो गई. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि कटौती प्रस्ताव में नेता प्रतिपक्ष अधिक राशि दिए जाने की मांग कर रहे हैं. अगर ऐसा है तो वह कटौती प्रस्ताव वापस ले लें. धरमलाल कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने किसानों के संदर्भ में बजट में जिन बातों का उल्लेख किया उसने भी कितनी विषमता है, हम देख पा रहे हैं.

कृषि विभाग के अनुदान मांगों पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सिर्फ कर्ज माफ करने से किसानों का हित नहीं होगा. उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना होगा. कृषि पर आधारित हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत हो इसके लिए हमें सिंचाई की व्यवस्था करनी होगी. बजट आने के बाद अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है आज किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने के काम में गति कम होगा. बजट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं दिखता जिससे किसानों को सिंचाई के साधन उपलब्ध कराने में मदद मिले.
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि विपक्ष से हमें सकारात्मक सुझाव की उम्मीद थी और किसी भी सदस्य ने सुझाव नहीं दिया. धरमलाल कौशिक ने आगे कहा कि जब तक हम सिंचाई के क्षेत्र में वृद्धि नहीं करेंगे तब तक किसानों का लाभ नहीं होगा.
इस बात को सोचने की आवश्यकता है कि सिंचाई के क्षेत्रों में किन किन प्रयासों की आवश्यकता है.नदिया सूख रही है. एनीकट का कांसेप्ट आया था इसकी दिशा में भी कोई काम नजर नहीं आता. पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराना भी जरूरी है. कम खर्च में कैसे ज्यादा उत्पादन कर सकते हैं इस बात पर शोध किए जाने की आवश्यकता है, जिससे नई-नई फसलें उपलब्ध हो सके. हम जब दूसरे जगहों से बीज लेते हैं तो हमें रेट ज्यादा देना पड़ता है. हमें इस बात को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि किसानों के बीच का जर्मिनेशन अच्छे से हो.
किसानों को कम समय में अच्छा बीज उपलब्ध कराने की आवश्यकता है. जलस्तर को कैसे सुधारा जा सकता है, रीचार्ज कैसे कर सकते हैं इसे लेकर पहल करने की जरुरत है. बजट में इसके लिए प्रावधान नहीं नजर आया. जबकि जलस्तर पर समय रहते ध्यान नहीं दिए तो स्थिति अच्छी नहीं होगी. श्वेत क्रांति के लिए हमारे पास बहुत अच्छी संभावना है लेकिन इस दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता है. दूध का उपयोग कैसे बढ़े इस बात पर भी विचार करने की आवश्यकता है. क्योंकि दूध निकालने के बाद जो उसका लागत है वह रेट किसान को मिल सके उसे, लाभ हो इस दिशा में सोचने की आवश्यकता है.
फूलों की पैदावार में जुटे किसानों को भी आर्थिक रूप से सहायता किया जाना चाहिए. जिससे किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें मुझे लगता था कि कृषि बजट में ज्यादा पैसा दिया जाएगा. क्योंकि कृषि मंत्री अनुभवी उनके अनुभव का लाभ किसानों को मिलेगा लेकिन ऐसा नही किया गया है.
सरकार ने किसानों का बिजली बिल माफ करने वाले कोई निर्णय नहीं लिया यह सरकार वादा की सरकार है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि किसान आपकी बातों में आने वाली नहीं है. किसानों ने कांग्रेस पर भरोसा किया है और आगे भी करेंगे.
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा किसान अब आप के छलावे में आने वाले नहीं हैं. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा मतलब आप स्वीकार कर रहे हैं कि आप ने किसानों के साथ छलावा किया था? सभी प्रमुख विषयों पर बजट पर कुछ नहीं कहा गया है इसलिए हम अनुदान मांगों का विरोध करते हैं.
Share it
Top