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CG Budget Session : मुख्यमंत्री ने कहा- विपक्ष यह कहने की हिम्मत दिखाए कि हमने अब तक बहुत अच्छा काम किया है, हम हर वादे पूरा करेंगे...

विधानसभा सत्र के आज सातवें दिन अनुदान मांगों पर मंत्री रविंद्र चौबे ने वक्तव्य देते हुए कहा कि सभी सदस्यों ने अनुदान मांगों पर सुझाव दिया है. हो सकता है कि विपक्ष का सुझाव आलोचनात्मक और सत्तापक्ष को सुझाव रचनात्मक हो. हमने सभी के सुझावों को नोट किया है.

CG Budget Session : मुख्यमंत्री ने कहा- विपक्ष यह कहने की हिम्मत दिखाए कि हमने अब तक बहुत अच्छा काम किया है, हम हर वादे पूरा करेंगे...

रायपुर. विधानसभा सत्र के आज सातवें दिन अनुदान मांगों पर मंत्री रविंद्र चौबे ने वक्तव्य देते हुए कहा कि सभी सदस्यों ने अनुदान मांगों पर सुझाव दिया है. हो सकता है कि विपक्ष का सुझाव आलोचनात्मक और सत्तापक्ष को सुझाव रचनात्मक हो. हमने सभी के सुझावों को नोट किया है.

किसानों ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नेतृत्व को और नीतियों को स्वीकार किया है. भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार बना है इसलिए अन्नदाता को हम बहुत बहुत धन्यवाद देते हैं. पिछले कृषि बजट से इस बार बजट अधिक है. एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के बजट में 172 करोड़ जबकि पिछले साल की तुलना में 2% अधिक है.
उद्यानिकी में इस बार पिछले साल की तुलना में 19% अधिक दिया गया. पशुपालन विभाग में पिछले साल की तुलना में 18 दशमलव 44% अधिक है. मत्स्यपालन में पिछले साल की तुलना में 10% अधिक है. इस सरकार ने जो वादे जनता से किया था और किसानों से जो वादा किया था उसे पूरा किया है.
पूरे बजट में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषि का बजट बढ़ाकर रखा है ताकि वो अपने हर वादे को पूरा करेंगे. छत्तीसगढ़ में कृषि उद्यानिकी पशुपालन और पालन के क्षेत्र में बजट की कोई कमी नहीं है. इसीलिए हमने कहा कि विभागों में किस प्रकार की योजना बनाई है, किस दिशा में जाना है.
योजनाओं का क्रियान्वयन किस तरह से करना है इस पर सुझाव दीजिए. इस बजट में किसानों के लिए सभी प्रावधान किए गए हैं. इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट में 21% की राशि रखी है. इसके लिए तो मुख्यमंत्री को बधाई दिया जाना चाहिए. हमने जन घोषणा पत्र में उल्लेखित वादों को पूरा करने की शुरुआत कर दी है.सारे वादे पूरे करेंगे और इसके लिए प्रतिबद्ध हैं.
आपकी सरकार में किसान कितने परेशान हुआ करते थे. विपक्षी हिम्मत दिखाएं यह कहने का कि सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है. इस बजट में 355 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गन्ने की खरीदी सुनिश्चित की. इस बजट में अपने नदियों की इंटरलिंकिंग करने का भी प्रावधान किया है. 411 छोटी सिंचाई योजनाओं के संधारण और नवीनीकरण का प्रावधान किया है. मंडियों में तकनीकी का उपयोग हो. किसानों को लाभ मिले इस दिशा में हमारी सरकार काम कर रही है.
बस्तर से हमने मक्का की प्रोसेसिंग यूनिट की शुरुआत की है. आने वाले समय में 5 फूड पार्क की स्थापना की जाएगी. तेजगढ़ में एग्रीकल्चर बेस्ड उद्योग लगाने की आवश्यकता है. सिर्फ कवर्धा में आप शक्कर कारखाना खोल पाए. छत्तीसगढ़ में हम फूड प्रोसेसिंग इकाइयां लगाएंगे ये हमारी सोच है. छत्तीसगढ़ में एग्रीकल्चर बेस्ड इंडस्ट्रीज लगना चाहिए. रोजगार के अवसर इसी के माध्यम से मिलेगा. हमारे किसान अपने पैरों पर खड़े होंगे इसलिए बजट में इस प्रकार की सारी व्यवस्थाएं की गई है.
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