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कोरोना पर जेल प्रशासन की लापरवाही, कैदियों को नहीं मिले मास्क

1200 की क्षमता वाले जेल में 3 हजार से अधिक कैदियों वाले बिलासपुर जेल में कोरोना वायरस से बचाव के लिए किसी प्रकार की ऐहतिहात नहीं बरती जा रही है। पढ़िए पूरी खबर-

कोरोना पर जेल प्रशासन की लापरवाही, कैदियों को नहीं मिले मास्क

बिलासपुर। केन्द्रीय जेल में कोरोना वायरस की सतर्कता को लेकर जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही नजर आई है। दरसअल 1200 की क्षमता वाले जेल में 3 हजार से अधिक कैदियों वाले बिलासपुर जेल में कोरोना वायरस से बचाव के लिए किसी प्रकार की ऐहतिहात नहीं बरती जा रही है। यहां ना कैदियों के लिए मास्क की व्यवस्था है और न ही सेनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। जबकि रोजाना सैकड़ों कैदी पेशी के लिए जेल से बाहर अलग-अलग कोर्ट जाते हैं और लोगों के संपर्क में आते हैं।

इस संबंध में बिलासपुर केन्द्रीय जेल अधीक्षक एस.के. मिश्रा ने हरिभूमि, INH 24X7 को बताया कि- 'कोरोना वायरस जैसी स्थितियां बिलासपुर जेल में नहीं है, लेकिन फिर भी हम तैयार है। कोरोना वायरस के बचाव के लिए हमने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और कलेक्टर साहब को 6 मार्च को पत्र लिखकर लगभग दो हजार मास्क की डिमांड की है, लेकिन मास्क अब तक नहीं मिला है।'

1200 कैदियों की क्षमता वाले जेल में जहाँ तीन हजार से अधिक कैदी लाकअप में है, यहाँ कुल 3,044 बंदी है, इनमें से 565 बंदी ऐसे है जो कि विचाराधीन है और पेशी में बाहर जाते हैं। हमारे पास जो उपकरण है हम उन्हीं से उनका उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण कर पाते हैं। हालांकि कोरोना वायरस जैसी स्थितियां जेल में नहीं है।

जेल की चिकित्सक डॉ. श्रद्धा दास ने बताया कि- 'मैं पिछले 12 सालों से महिला और पुरुष जेल के मरीजों का इलाज करती हूँ। हमारे पास जो व्यवस्था सालों से चली आ रही है, वहीँ आज भी है। इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ गई है, इसमें सर्दी- खांसी, बुखार व कमजोरी और अन्य तरह की बिमारियों के लगभग 200 मरीजों का उपचार कर रही हूँ। कोरोना का हमारे पास कोई जांच उपकरण नहीं है और कोरोना और वायरल फेवर दोनों का लक्षण सामान्य ही है। हमारे लिए ये चुनौतियों से भरा हुआ है। इसका प्रकोप जिस तरह से फैला है यह बहुत गंभीर है, कोरोना वायरस हमारे लिए एकदम नया वायरस है, इसका प्रशिक्षण भी हमे नहीं मिला है। हम संक्रमित को कैसे पहचान पायेंगे, इस पर असमंजस बना हुआ है।

CMHO डॉ. प्रमोद महाजन ने बताया कि- 'हमें पत्र नहीं मिला है। अगर सर्दी-खांसी, बुखार और कमजोरी के ओपीडी में मरीज मिल रहें है तो मास्क भिजवा दिए जायेंगे और शासन का निर्देश हर किसी को मानना अनिवार्य रूप से आवश्यक भी है।'

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व मस्तूरी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने बिलासपुर केंद्रीय जेल की लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि- 'कोरोना जैसे खतरनाक वायरस पर जेल प्रशासन का धरातल में तैयार नहीं होना और कैदियों के प्रति मानवीय व्यवहार ना करना दुर्भाग्यजनक है। इस विषय पर शासन और प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए और बिना देर किए उचित कदम उठाना चाहिए। ताकि ऐसे अधिकारी सजग और व्यवहारिक हो सके।'

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