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बेखौफ दौड़ रहे काले शीशे वाले वाहन, पुलिस का ध्यान सिर्फ बाइक सवार पर

राजधानी में यातायात पुलिस ने काले शीशे वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई से पूरी तरह किनारा कर लिया है।

बेखौफ दौड़ रहे काले शीशे वाले वाहन, पुलिस का ध्यान सिर्फ बाइक सवार पर
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राजधानी में यातायात पुलिस ने काले शीशे वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई से पूरी तरह किनारा कर लिया है। अब पुलिस का अभियान और चालानी कार्रवाई सिर्फ दोपहिया चालकों पर ही केंद्रित है। चौपहिया और बड़ी गाड़ियों के चालक जमकर यातायात के तमाम नियमों का उल्लंघन करते हैं, इसके बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है।

शहर में धड़ल्ले से काले शीशे वाली गाड़िया फर्राटे से दौड़ रही हैं। वाहनों में काले शीशे की आड़ में हुई घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में आदेश जारी किया था। जिसके तहत चारपहिया वाहनों में पारदर्शी कांच लगा होना अनिवार्य किया गया था। इस आदेश के बाद पुलिस विभाग ने कुछ दिनों तक कार्रवाई भी की, लेकिन बाद में यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई।

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शहर में फिर से काले शीशे लगे वाहन दौड़ रहे हैं। कार चालक सभी चौक चौराहों से गुजरते हुए खुलेआम मोबाइल का भी उपयोग करते हैं। उसके बावजूद पुलिस उन पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करती है। यातायात पुलिस द्वारा चारपहिया वाहनों पर कार्रवाई नहीं करने से अब सवाल भी उठने लग गए है।

आपराधिक गतिविधियों में उपयोग

गहरे काले रंग के शीशे से वाहन के भीतर की गतिविधियों का पता नहीं चल पाता, ऐसे वाहनों का उपयोग असामाजिक तत्व अधिक करते हैं। बीते वर्षों में प्रदेश भर में चौपहिया वाहनों से काली फिल्म हटाने की मुहिम शुरु हुई, वह आगे चलकर ठंडी पड़ गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार कोर्ट ने जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त वीवीआईपी के वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों में लगे काली फिल्म हटाने के आदेश दिए हैं। आदेश का उल्लंघन करने पर दो हजार रुपए अर्थदंड का भी प्रावधान है।

दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान

केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के नियम 100 के तहत वाहनों के खिड़कियों के शीशे काले या रंगीन नहीं होने चाहिए। नियमानुसार वाहनों की खिड़कियों के साइड विंडो शीशा कम से कम 50 प्रतिशत सामने और पीछे का शीशा 70 प्रतिशत पारदर्शी होना चाहिए। केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के नियम (2) के तहत वाहनों में लगे काले शीशे को हटाने का प्रावधान है। मोटरयान अधिनियम 1988 धारा 177 और 179 के तहत वाहन मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान है।

प्रेशर हॉर्न-गलत नंबर प्लेट पर भी कार्रवाई बंद

पिछले साल आईजी के निर्देश पर गलत तरीके से वाहनों में नंबर लिखाने वाले और प्रेशर हॉर्न का उपयोग करने वाले चालकों पर कार्रवाई हुई थी। इसके बाद से यह अभियान भी ठंडा पड़ गया है।

एएसपी यातायात बलराम हिरवानी ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी वाहनों पर समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है। काले शीशे और गलत नंबर प्लेट पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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