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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव नतीजेः बृजमोहन ने बचाई लाज, राजधानी सहित रायपुर जिले में भाजपा का सूपड़ा साफ

परिवर्तन की सुनामी में भाजपा के दिग्गज नेता बृजमोहन अग्रवाल ही अपनी और भाजपा की लाज बचा सके। रायपुर जिले की सात सीटों में छह सीटों पर पहले चक्र से ही कांग्रेस के प्रत्याशी बढ़त पर रहे, जो अंत तक कायम रही।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव नतीजेः बृजमोहन ने बचाई लाज, राजधानी सहित रायपुर जिले में भाजपा का सूपड़ा साफ

परिवर्तन की सुनामी में भाजपा के दिग्गज नेता बृजमोहन अग्रवाल ही अपनी और भाजपा की लाज बचा सके। रायपुर जिले की सात सीटों में छह सीटों पर पहले चक्र से ही कांग्रेस के प्रत्याशी बढ़त पर रहे, जो अंत तक कायम रही। शुरुआती दौर में बृजमोहन अग्रलाल भी कांग्रेस के प्रत्याशी कन्हैया अग्रवाल से पीछे हो गए थे, लेकिन बाद में वे अागे हो गए।

रायपुर से पहला नतीजा रायपुर उत्तर का आया, जिसमें कुलदीप जुनेजा को 16 हजार से ज्यादा मतों से जीत मिली। इसके बाद नतीजे आते गए और कांग्रेस के खाते में जाते रहे। भाजपा के लिए एकमात्र सीट बृजमोहन अग्रवाल ही बचा सके। दूसरे मंत्री राजेश मूणत को करारी हार का सामना करना पड़ा।

रायपुर जिले की सात सीटों पर सुबह को जब डाकमत्रों से मतगणना का आगाज हुआ, तो इसी के साथ रुझान कांग्रेस के पक्ष में आना प्रारंभ हुआ। यह रुझान ऐसा रहा, जो बढ़ता ही चला गया, कम नहीं हुआ। जब ईवीएम मशीनें खुलीं और जनता के मत सामने लगे, तो इन मतों ने कांग्रेस का साथ दिया और भाजपा के प्रत्याशियों को निराश किया।
पहले चक्र में बृजमोहन को भी झटका
मतगणना में जब पहले चक्र के परिणाम सामने आए, तो इसमें रायपुर उत्तर से कुलदीप जुनेजा ने श्रीचंद सुंदरानी से 1806 मतों की बढ़त से आगाज किया। इसी तरह रायपुर पश्चिम से भाजपा के मंत्री राजेश मूणत से कांग्रेस के विकास उपाध्याय ने पहले चक्र में 849 मतों की बढ़त के साथ खाता खोला। यह बढ़त भी लगातार बढ़ती गई। इस चक्र में जहां श्री मूणत को 3065 मत मिले, वहीं श्री उपाध्याय को 3816 मत मिले। रायपुर दक्षिण से भाजपा के कद्दावर नेता बृजमोहन अग्रवाल को भी बड़ा झटका लगा, उनसे इस चक्र में कांग्रेस के कन्हैया अग्रवाल ने 509 मतों की बढ़त ले ली थी। बाद में बृजमोहन अग्रवाल ने इस बढ़त को समाप्त कर अपनी बढ़त बनाई।
रायपुर ग्रामीण से कांग्रेस के सत्यनारायण शर्मा ने भी पहले चक्र से ही बढ़त बनाई। इस चक्र में उनको 3093 मत मिले, जबकि नंदे साहू को 2731 मत मिले। इसी तरह धरसीवां से भाजपा के देवजी जी पटेल को पहले चक्र में जहां 2636 मत मिले, वहीं कांग्रेस की अनिता योगेंद्र शर्मा को 4237 मत मिले। अभनपुर से भाजपा के चंद्रशेखर साहू को 3237 और कांग्रेस के धनेंद्र साहू को 3381 मत मिले। आरंग से शिव डहरिया को 3986 तो संजय ढीढी को 2381 मत मिले। इस पहले चक्र में भाजपा के किसी को भी बढ़त नहीं मिल सकी। एकमात्र बृजमोहन अग्रवाल ने ही आगे चलकर अपनी बढ़त को समाप्त कर बढ़त लेने में सफलता प्राप्त की।
शुरू से अंत तक डटे रहे सत्यनारायण, विकास, कुलदीप
राजधानी की चार सीटों में से तीन सीटों के कांग्रेस के प्रत्याशी सत्यनारायण शर्मा के साथ विकास उपाध्याय और कुलदीप जुनेजा शुरू से ही मतगणना स्थल पर डटे रहे। सत्यनारायण शर्मा जहां मतगणना कक्ष में बैठे रहे, वहीं विकास उपाध्याय मतगणना कक्ष के बाहर अपने समर्थकों के साथ रहे। कुलदीप जुनेजा जहां मतगणना कक्ष में आते जाते रहे, वहां मतगणना स्थल के बाहर भी जीत मिलने तक अपने समर्थकों के साथ घूमते हुए लोगों से मिलते रहे। उनकी बढ़त जब सात हजार थी, तब उन्होंने उम्मीद जताई थी कि उनकी बढ़त इतनी ही और बढ़ेगी और वे 14 हजार से ज्यादा मतों से जीतेंगे और अंत में हुआ भी यही।
पहले विजेता बने कुलदीप जुनेजा
राजधानी से पहले विजेता कांग्रेस के कुलदीप जुनेजा बने। रायपुर उत्तर में 15 चक्र हुए। इसकी गिनती में 10 घंटे से ज्यादा का समय लगा। इस विस का नतीजा करीब साढ़े छह बजे आया। कुलदीप जुनेजा को 59843 मत मिले। भाजपा के श्रीचंद सुंदरानी को 43502 मत मिले। कुलदीप जुनेजा को 16341 मतों से जीत मिली। जोगी कांग्रेस के अमर गिदवानी को 2510 मत मिले। इस विस में नोटा में 705 मत पड़े।
मतगणना स्थल पर बढ़ते गए कांग्रेस के समर्थक
जब मतगणना का सुबह को आगाज हुआ, तो कोई काफी कम संख्या में कांग्रेस के समर्थक मतगणना स्थल पर थे, लेकिन जैसे-जैसे रुझान कांग्रेस के पक्ष में आता गया, कांग्रेस के समर्थकों की दौड़ सेजबहार के मतगणना स्थल की तरफ होने लगी। शाम होते-होते जब लगने लगा कि अब तो कांग्रेस की सरकार बनने से कोई रोक नहीं सकता और भाजपा का सूपड़ा साफ हो रहा था, तो कांग्रेस के समर्थक बाइक और कारों में कांग्रेस का झंडा लहराते हुए पहुंचने लगे। शाम को स्थिति यह हो गई कि रास्ता पूरी तरह जाम हाे गया। रायपुर आने वालों को सेजबहार की गृह निर्माण मंडल की कालोनी से दतरेंगा, काठाडीह और भाठागांव होकर रायपुर आना पड़ा।
देवजी पटेल से स्वीकारी हार
मतगणना स्थल पर भाजपा के प्रत्याशी देवजी पटेल ही पहुंचे। वे जब मतगणना कक्ष से बाहर आए, तो उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में अपनी हार के साथ भाजपा की हार को स्वीकार करते हुए कहा, इसमें संदेह नहीं कि कांग्रेस के हमारे विपक्षी भाइयों ने अच्छी मेहनत की। उन्होंने कहा, भाजपा ने प्रदेश में विकास के काम किए, लेकिन इसके बाद भी भाजपा की हार समझ से परे है। जनता मौन रही और उसका यह मौन इस रूप में सामने आया है।
मैं सीएम का दावेदान नहीं : धनेंद्र
कांग्रेस के धनेंद्र साहू शाम को मतगणना स्थल पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस की इतनी बड़ी जीत पर कहा, उन्हें तो पहले से ही इसका अंदाजा था कि 55 से 65 सीटें कांग्रेस को मिलेंगी। उन्होंने कहा, कांग्रेस की यह जीत किसानों की जीत है। उन्होंने कहा, हमारी पार्टी ने जो भी वादे किए हैं, सब पूरे किए जाएंगे। अपने वादों को पूरा करने के लिए क्या करना है, इस पर पहले ही होमवर्क किया जा चुका है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि वे सीएम के दावेदार हैं। उन्होंने कहा, मैं कांग्रेस का एक छोटा कार्यकर्ता हूं। सीएम का फैसला हाईकमान करेगा। मुझे जो जिम्मेदारी दी जाएगी, वह पूरी करूंगा।
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