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लोकसभा की तैयारी के साथ हार का कारण जानने में जुटी भाजपा

विधानसभा में करारी हार के बाद भाजपा ने अब लोकसभा की तैयारी के साथ हार का कारण जानने का काम प्रारंभ करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में सबसे पहले भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक बस्तर के दौरे पर गए हैं।

लोकसभा की तैयारी के साथ हार का कारण जानने में जुटी भाजपा

विधानसभा में करारी हार के बाद भाजपा ने अब लोकसभा की तैयारी के साथ हार का कारण जानने का काम प्रारंभ करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में सबसे पहले भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक बस्तर के दौरे पर गए हैं।

भाजपा का विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा फोकस बस्तर और सरगुजा पर ही था। इन दोनों स्थानों पर भाजपा के हाथ एक भी सीट नहीं लगी। राष्ट्रीय संगठन ने हालांकि खुले तौर पर लोकसभा चुनाव पर ध्यान देने कहा है, लेकिन इसी के साथ हार का कारण जानने के भी निर्देश हैं।
विधानसभा चुनाव में हार के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दिल्ली में बैठक ले चुके हैं। इस बैठक के बारे में यही कहा जा रहा है कि बैठक में प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों को लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटने कहा गया है।
भाजपा की बैठक के बाद दिल्ली में किसान मोर्चा और भाजयुमो की बैठक भी हो गई है। दिल्ली में एक तरफ जहां लगातार मोर्चा और प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय स्तर की बैठकों का दौर चलेगा, वहीं प्रदेश भाजपा संगठन के पदाधिकारियों को भी प्रदेश का दौरा करने कहा गया है।
कार्यकर्ताओं से मिलेंगे कौशिक
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक दो दिनों के बस्तर प्रवास पर हैं। वे गुरुवार दोपहर यहां से रवाना हुए हैं। वे कोंडागाव, दंतेवाड़ा, और जगदलपुर में कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे। इस चर्चा में जहां सभी से लोकसभा चुनाव की तैयारी करने कहा जाएगा, वहीं बस्तर में मिली करारी हार का कारण भी जानने का प्रयास होगा।
पिछली बार भाजपा को बस्तर से चार सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार बस्तर में भाजपा पूरी तरह साफ हो गई। बस्तर पर विशेष फोकस करते हुए भाजपा ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भी दौरा भी कराया था।
राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री सौदान सिंह, प्रदेश के प्रभारी डॉ. अनिल जैन, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ और कई दिग्गज नेता लगातार बस्तर गए थे और कार्यकर्ताओं की लगातार बैठकें कर मिशन 65 प्लस के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया था। इतना सब होने के बाद भी बस्तर में करारी हार का कारण भाजपा को समझ नहीं आ रहा है।
अब भाजपा के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं से मिलकर यह जानने का प्रयास करेंगे कि कमी कहां रही है। कमी जानने के बाद इसे दूर किया जाएगा, ताकि लोकसभा चुनाव में विधानसभा जैसा हाल न हो। बस्तर में पहले से ही मोर्चा, प्रकोष्ठ के प्रभारी रामप्रताप सिंह के साथ संगठन के महामंत्री संतोष पांडे मौजूद हैं।
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