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नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे धरमलाल कौशिक, भाजपा विधायक दल का फैसला

विधानसभा सत्र शुरू होने के पहले आखिरकार भारतीय जनता पार्टी ने अपने नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान कर दिया है। धरमलाल कौशिक भाजपा की तरफ से सदन में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में रहेंगे।

नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे धरमलाल कौशिक, भाजपा विधायक दल का फैसला

विधानसभा सत्र शुरू होने के पहले आखिरकार भारतीय जनता पार्टी ने अपने नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान कर दिया है। धरमलाल कौशिक भाजपा की तरफ से सदन में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में रहेंगे।

धरमलाल कौशिक नेता प्रतिपक्ष के रूप में नाम का ऐलान आज सुबह एकात्मक परिसर पहुंची भाजपा केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने विधायक दल की बैठक में किया।

आपको बता दें कि भाजपा में कई विधायक नेता प्रतिपक्ष के दावेदार थे। खुद रमन सिंह के अलावा, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक, ननकीराम कंवर, नारायण चंदेल नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में थे।

विधानसभा चुनाव में जीत कर आए सभी 15 विधायक चाहते थे कि वह नेता प्रतिपक्ष बनें। लेकिन किसी एक का ही नाम तय होना था। हालांकि बैठक में सभी विधायकों की रायशुमारी के बाद ही विधायक दल का नेता चुना गया।

छत्तीसगढ़ में नेता प्रतिपक्ष का चेहरा शुक्रवार सुबह तय हो जाएगा। विधानसभा कूच करने से पहले सुबह 9.30 बजे एकात्म परिसर में पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में भाजपा विधायकों की बैठक होगी, जिसमें नेता प्रतिपक्ष का ऐलान होगा। अभी तक यह कहा जा रहा था कि छग के इतिहास में पहली दफा बिना नेता प्रतिपक्ष के विधानसभा के नए सत्र की शुरुआत होगी। देर रात तक चली कवायद के बाद अब यह साफ हो गया है कि परंपरा नहीं टूटेगी। सत्र की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष सदन में मौजूद रहेंगे।
भाजपा ने छत्तीसगढ़, मप्र और राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष चुुनने के लिए गुरुवार रात दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई थी। इसमें हार पर मंथन के साथ तीनों राज्यों में नेता प्रतिपक्ष का चयन करने पर्यवेक्षक तय कर दिया। छत्तीसगढ़ में प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन के साथ थावरचंद गहलोत को जिम्मा दिया है। दोनों पर्यवेक्षक शुक्रवार सुबह रायपुर पहुंचेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक सभी विधायकों को 9.30 बजे एकात्म परिसर बुलाया गया है। यहां दोनों पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में विधायक अपना नेता चुनेंगे।
आधा दर्जन दावेदार
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा के हाथ 15 सीटें आई हैं। जो 15 विधायक चुने गए हैं, उनमें नेता प्रतिपक्ष के लिए आधा दर्जन दावेदार हैं। इन दावेदारों में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का नाम सबसे आगे है। इनके बाद पांच और दावेदार हैं। इन दावेदारों में एकमात्र पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने ही दमदारी से नेता प्रतिपक्ष के लिए दावा करने की बात की है, बाकी दावेदार पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर के साथ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक तथा विधायक और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शिवरतन शर्मा इस मामले में खुलकर कुछ नहीं कह रहे। इनका कहना है, पार्टी जो तय करेगी, वह मंजूर होगा।
ननकी पर नजर
जब पर्यवेक्षकों के सामने विधायक दल की बैठक होगी, तो इसमें हंगामे की संभावना भी नजर आ रही है। डॉ. रमन सिंह या और किसी को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाता है, तो बाकी दावेदार संभवत: विरोध नहीं करेंगे, लेकिन जैसे तेवर ननकीराम कंवर दिखा चुके हैं, उससे तय है कि वे बैठक में चुप बैठने वाले नहीं हैं। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि उन्हें मनाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री कंवर नहीं माने, तो नेता प्रतिपक्ष के चयन में परेशानी हो सकती है।

आज आकर करेंगे तय
शुक्रवार को मैं और थावरचंद गहलोत रायपुर आ रहे हैं। वहां आने के बाद बाकी बातें तय होंगी।

डॉ. अनिल जैन, पर्यवेक्षक और प्रदेश प्रभारी भाजपा
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