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सरकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की तैयारी, वित्त विभाग ने सरकार को दिया सुझाव

कोरोना संकट के कारण आवक में कमी को देखते हुए कटौती की तैयारी कर रही है राज्य सरकार। पढ़िए पूरी खबर-

सरकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की तैयारी, वित्त विभाग ने सरकार को दिया सुझाव
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रायपुर। सरकारी कर्मचारियों के लिए एक और झटकेदार खबर है कि उनके वेतन में लगभग 30 फीसदी की कटौती हो सकती है। दरअसल, तमाम राजस्व प्राप्तियों में पिछले सालों की तुलना में कमी और कोरोना मद में बढ़ते खर्च को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार इसकी तैयारी कर रही है।

खबरों के मुताबिक, वित्त विभाग ने अधिकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती का सुझाव दे दिया है। इस सुझाव पर सरकार कब तक और कितनी फीसद अमल करती है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने पीएससी और अनुकंपा नियुक्ति को छोड़कर बाकी भर्तियों पर रोक सी लगा दी है। इसके अलावा वेतनवृद्धि पर भी एक साल के लिए रोक लगी है। इसके बाद सरकारी अधिकारी कर्मचारियों के लिए एक और झटका देने वाली खबर आने वाली है।

सरकारी खर्चों में कटौती के आदेश में शासकीय कर्मियों के इंक्रीमेंट पर रोक को लेकर शासकीय अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन सहित कुछ अन्य संगठनों ने नाराजगी जताई है। इन संगठनों का कहना है कि सरकार का यह आदेश असंवेदनशील तथा कठोर है।

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला ने सरकार के इस आदेश का विरोध किया है। उन्होंने एक बयान जारी कर मुख्यमंत्री को याद दिलाते हुए कहा है कि 24 अप्रैल 2020 को जब केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का जनवरी 2020 से जुलाई 20121 तक का डीए फ्रीज किया था तब राज्य सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा था कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं करेगी। लेकिन अब सरकार इंक्रीमेंट रोककर कर्मियों का वेतन कम कर रही है। फेडरेशन ने कहा है कि इस मामले को लेकर 28 मई को आपात बैठक बुलाई गई है। जिसमें मामले को लेकर विचार किया जाएगा। प्रदेश लिपिक वर्ग संघ के प्रांताध्यक्ष रोहित तिवारी ने कहा है कि सरकार के फैसले से कर्मचारियों पर आर्थिक आघात पंहुचा है।

स्वास्थ्य संयोजक संघ की नेता संध्या मोवले ने भी सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि जो कर्मचारी कोरोना संकट से समाज को उबारने के लिए खुद को खतरे में डालकर काम कर रहे हैं, उनके बारे में ऐसा निर्णय लेना सही नहीं है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, प्रांतीय सचिव मनोज सनाढ्य, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि वित्त विभाग द्वारा मितव्ययिता व वित्तीय अनुशासन के नाम पर वर्ष में एक बार मिलने वाले इंक्रीमेंट में रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है, यह कर्मचारियों को हतोत्साहित करने वाला तथा कर्मचारी विरोधी आदेश है। शासन के पास राजस्व प्राप्ति के अन्य माध्यम भी है उनका उपयोग सरकार को करना चाहिए। इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने की है।

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