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पं. दीनदयाल पर गरमाई सियासत, भूपेश ने कहा- दस्तावेज से हटाएंगे फोटो, BJP ने कहा- बदले की भावना

छत्तीसगढ़ के सरकारी प्रपत्रों में भाजपा के पितृ पुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र को भूपेश सरकार ने सरकारी दस्तावेज से हटाने का आदेश दिया है। इससे भाजपा और सरकार के बीच घमासान मचा हुआ है।

पं. दीनदयाल पर गरमाई सियासत, भूपेश ने कहा- दस्तावेज से हटाएंगे फोटो, BJP ने कहा- बदले की भावना

छत्तीसगढ़ के सरकारी प्रपत्रों में भाजपा के पितृ पुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र को भूपेश सरकार ने सरकारी दस्तावेज से हटाने का आदेश दिया है। इससे भाजपा और सरकार के बीच घमासान मचा हुआ है।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भूपेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ऐसा निर्णय द्वेषपूर्ण है। भाजपा के अन्य पदाधिकारी इसे बदले की भावना बता रहे हैं।
इधर, रमन के बयान के बाद कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव ने उन पर पटवार करते हुए कहा, सरकारी दफ्तर पर दीनदयाल उपाध्याय का फोटो लगाना गलत है।
पूर्ववर्ती सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय शताब्दी वर्ष मनाते हुए 2018 में वर्षभर कई कार्यक्रम कराए। इतना ही नहीं, कई चौराहे और प्रमुख स्थानों का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखा गया। इसमें नया रायपुर में एक प्रमुख सड़क का नाम दीनदयाल उपाध्याय मार्ग रखा गया। पुराने कई चौराहों, भवन, ऑडिटोरियम आदि का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से रखा गया। विभिन्न प्रकार के सरकारी कार्यक्रमों में उनका नाम जोड़ा गया।
शताब्दी वर्ष में सभी प्रकार के सरकारी प्रपत्र और दस्तावेज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की फोटो अनिवार्य रूप से लगाने को आदेश दिया गया था। सरकार बदलते ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की फोटो लगाने का आदेश निरस्त करते हुए तत्काल हटाने का आदेश दिया है।
द्वेषपूर्ण निर्णय, उपाध्याय महान चिंतक -रमन
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सबसे पहले शासकीय पत्रों से पंडित दीनदयाल के चित्र को हटाने का फैसला राजस्थान सरकार ने लिया है। इस तरह का फैसला लेने वाली है, जो पूरी तरह गलत है। इस फैसले को उन्होंने पूरी तरह द्वेषपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय देश के महान चिंतक थे। उनकी सोच सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली थी। आज वर्तमान परिस्थिति में सभी वर्ग और समुदाय के लिए उनकी सोच प्रेरणा का काम करती है। इसके बाद भी सरकार बदलते ही सरकारी पत्रों से उनकी तस्वीर हटाना दुखद है।
समाप्त हो चुका है शताब्दी वर्ष- भूपेश
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि शताब्दी वर्ष समाप्त हो गया है, तो अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय का फोटो लगाने का कोई औचित्य नहीं है। हमने सरकारी दस्तावेज से तत्काल पंडित दीनदयाल उपाध्याय का फोटो हटाने का आदेश दिया है। अब किसी भी सरकारी प्रपत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का फोटो नहीं प्रकाशित होगा।
चौराहों के नाम से आपत्ति नहीं - सिंहदेव
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि सरकारी दस्तावेज में दीनदयाल उपाध्याय की फोटो गलत है। हमारी सरकार को चौराहों के नाम पर किसी भी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सरकारी दस्तावेज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का फोटो होना गलत है, इसलिए सभी प्रकार के सरकारी दस्तावेज से पंडित दीनदयाल उपाध्याय का फोटो हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
बदले की है भावना- उपासने
भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने का कहना है, यह तो पूरी तरह से बदले की भावना से लिया गया निर्णय है। प्रजातंत्र में चुनाव होते हैं, सरकार आती है, जाती है। कांग्रेस को जनादेश, इसलिए नहीं मिला कि वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर हटाए। जनता से किए वायदों के कारण जनादेश मिला है, इसलिए जनता से वायदा पूरा करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस प्रकार के निर्णय लेकर कांग्रेस सरकार अशांति का मार्ग तैयार कर रही है। अाने वाले समय में अनावश्यक अशांति का माहौल बनेगा। इस प्रकार की राजनीति ठीक नहीं है।
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