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छत्तीसगढ़ में अब ''भूपेश'' राज, आज अकेले लेंगे शपथ

कौन बनेगा मुख्यमंत्री को लेकर पांच दिनों से चला आ रहा सस्पेंस खत्म हो गया। कांग्रेस विधायक दल ने अपना नेता चुन लिया। पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया की मौजूदगी में भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री चुना गया।

छत्तीसगढ़ में अब

कौन बनेगा मुख्यमंत्री को लेकर पांच दिनों से चला आ रहा सस्पेंस खत्म हो गया। कांग्रेस विधायक दल ने अपना नेता चुन लिया। पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया की मौजूदगी में भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री चुना गया।

खड़गे ने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के आदेश से सबको अवगत कराया, सबने उस आदेश पर एक स्वर में सहमति दी। सोमवार शाम रायपुर के साइंस कालेज मैदान में वे अकेले शपथ लेंगे। खड़गे ने कहा कि बाकी मंत्रिमंडल को लेकर बाद में विचार किया जाएगा।

कल शाम तक मुख्यमंत्री चयन को लेकर उठापटक चलती रही। दिल्ली से नाम तय होने के बाद सभी नेता रायपुर लौटे। उस वक्त भी चर्चाएं थमी नहीं थीं। कयास लगाए जा रहे थे कि भूपेश या टीएस सिंहदेव के बीच फैसला हो सकता है। लेकिन विधायक दल की बैठक शुरू होने से पहले ही कुहासा छंट गया। तय हो गया कि आलाकमान ने बघेल को कमान सौंपने का निर्णय ले लिया है। बैठक केवल औपचारिकता के लिए ही बची थी।
एकजुटता दिखाने के लिए सभी वरिष्ठ नेताओं को बुलाया गया। मुख्यमंत्री पद के बाकी तीन दावेदार भी पहुंचे। चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष चरणदास महंत, सांसद ताम्रध्वज साहू और घोषणा पत्र समिति के टीएस सिंहदेव भी पहुंचे और भूपेश को बधाई दी।
कठिन था सीएम का फैसला
अधिकारिक ऐलान के लिए खड़गे मीडिया के सामने आए। कान्फ्रेंस में सभी नेताओं को शामिल किया गया। खड़गे ने कहा भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने केवल दो सवालों के जवाब ही दिए। दूसरे सवाल पर कहा कि बघेल अकेले शपथ लेंगे। मंत्रिमंडल के साथियों के बारे में बाद में विचार विमर्श किया जाएगा। अभी मंत्रिमंडल तय नहीं किया गया है। शपथ के बाद उस पर निर्णय होगा। खड़गे ने कहा कि सीएम पद के लिए इतने काबिल और वरिष्ठ नेता पार्टी में थे कि फैसला कठिन हो गया।
उत्साहित हुए कार्यकर्ता
बघेल के नाम का ऐलान होते ही रायपुर से लेकर दुर्ग तक आतिशबाजी की गई। मिठाईयां बांटी गईं। राजीव भवन में पैर रखने की जगह नहीं थी। पुलिस के तमाम इंतजाम के बावजूद कार्यकर्ता इतने उत्साहित थे कि गेट फांदकर अंदर घुसते रहे। जोरदार नारेबाजी की गई। दूसरे वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों ने भी नारेबाजी कर उत्साह जताया। ढोल नंगाड़े बजे और राजीव भवन उत्साह से छलक उठा।

झीरम कांड के लिए एसआईटी
भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री बनते ही ऐलान किया कि वे पद संभालते ही झीरम कांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन करेंगे। श्री बघेल ने चुनाव में जीत के बाद भी श्रेय झीरम के शहीदों को समर्पित किया था। झीरम कांड में कांग्रेस ने अपना शीर्ष नेतृत्व खो दिया था। श्री बघेल उसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग लंबे समय से करते रहे हैं। उनका मानना है कि झीरम हत्याकांंड की निष्पक्ष जांच नहीं की गई।
पहली कैबिनेट में किसानों की कर्जमाफी
बघेल ने कहा कि मंत्रिमंडल की पहली बैठक में किसानों की कर्जमाफी पर मुहर लगाई जाएगी। कांग्रेस के घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिन के भीतर किसानों की कर्ज माफी का वादा किया गया है। सभी वरिष्ठ नेता यह ऐलान करते रहे हैं कि कांग्रेस सबसे पहले इसी घोषणा पर अमल करेगी।
साइंस कालेज मैदान में शपथ
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद भूपेश बघेल राजभवन पहुंचे। रवींद्र चौबे,सत्यनारायण शर्मा, शिव डहरिया और कवासी लखमा के साथ उन्होंने राजभवन पहुंचकर 68 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा। सोमवार शाम पांच बजे श्री बघेल साइंस कालेज मैदान में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए देशभर से वरिष्ठ नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है।
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