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CBI बैन को लेकर रमन की टिप्पणी पर बोले भूपेश बघेल, सुपर CM का सुपर घोटाला बेनकाब

सीबीआई की नो एंट्री को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के बयान पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, सुपर सीएम का सुपर घोटाला बेनकाब हो गया है। किसी भी जांच एजेंसी से डरने का तो सवाल ही नहीं उठता।

CBI बैन को लेकर रमन की टिप्पणी पर बोले भूपेश बघेल, सुपर CM का सुपर घोटाला बेनकाब

सीबीआई की नो एंट्री को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के बयान पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, सुपर सीएम का सुपर घोटाला बेनकाब हो गया है। किसी भी जांच एजेंसी से डरने का तो सवाल ही नहीं उठता। 15 सालों में रमन सिंह ने बहुत डराने की कोशिश की है। जिसे मौत का भय नहीं, वो सीबीआई से क्या डरेगा? रमन सिंह मुझ पर एक उंगली उठाएंगे तो तीन उंगली उनकी तरफ होगी।

राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत में बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि 15 साल से डॉक्टर रमन सिंह की सरकार डराने का काम करती रही है। मैंने पहले भी कहा था कि मुझे मौत का भय नहीं है। जब भय नहीं है तो डर कैसा? मुझे किसी भी जांच एजेंसी से डरने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के निर्देश होंगे, तो जांच को मानना बंधनकारी है, लेकिन पिछले दिनों सीबीआई को अधिकार दे दिया गया था। सरकार ने नहीं दिया था, एक अधिकारी ने दिया था। 2011 में रमन सरकार ने भी आपत्ति दर्ज की। ओएसडी ने एक पत्र भारत सरकार को भेजा था। राज्य सरकार ने खुद इसे गजट नोटिफिकेशन में प्रकाशित किया है। हमने तो विधिवत पत्र भेजा है।
बघेल ने कहा कि 2011 में एसीएस विजयवर्गीय ने पत्र भेजा था। 2011 में अशोक जुनेजा ने डिनोटीफाई करने के लिए पत्र भेजा था, लेकिन वह नोटिफिकेशन में नहीं आया। इसे लेकर पिछली सरकार ने खुद पत्र लिखा था, तो आज इस विषय को लेकर उन्हें आपत्ति क्यों?
कैग की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कैग की रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं, जहां भी जांच की आवश्यकता महसूस होगी, जांच की जाएगी। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के द्वारा अक्सर उनकी गतिविधियों पर प्रश्नचिन्ह लगाने के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रमन सिंह मुझ पर जब भी अंगुली उठाएंगे, तो तीन अंगुली उनकी तरफ होगी। केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं की विश्वनीयता खत्म कर रही है, यह गंभीर विषय है। सीबीआई चीफ को एक ही दिन में हटा दिया गया। लगातार इस तरह की कार्रवाई संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने लिए की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुन्नी मेला प्रदेश की पहचान, संस्कृति और परंपरा है। उसे हम बरकरार रखने का प्रयास कर रहे हैं। इस प्रेसवार्ता में शैलेश नितिन त्रिवेदी, आरपी सिंह, अमरजीत भगत, घनश्याम राजू तिवारी, किरणमयी नायक आदि मौजूद थे।
28 को आएंगे राहुल
पत्रवार्ता में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी छत्तीसगढ़ के किसानों के बीच लेकर जाएगी। वे किसानों से चर्चा भी करेंगे। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष के आने के आसार हैं। गांधी जब छत्तीसगढ़ आएंगे, तो हम उन्हें किसानों के पास लेकर जाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष के आने की संभावना है।
जिनकी जरूरत नहीं, वे संविदा कर्मी बाहर होंगे
संविदा के अधिकारी-कर्मचारी को निकाले जाने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनकी आवश्यकता रहेगी, वे काम करेंगे और जिन्हें सिर्फ पद भरने के लिए नियुक्ति की गई थी, वे जाएंगे। उन्होंने कहा, संविदा में नियुक्त कुछ लोगों की निष्ठा उनके प्रति हो जाती है, जिन्होंने उनकी नियुक्ति की थी, इसलिए एेसे लोगों को हटाया जाएगा।

निशाने पर स्कॉईवॉक प्रोजेक्ट
शहर के चर्चित प्रोजेक्ट स्कॉईवाॅक के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि इंजीनियरिंग आर्किटेक्ट और प्रबुद्ध लोगों से राय लेंगे, फिर जो भी उचित होगा, सरकार निर्णय लेगी। स्कॉईवॉक के संबंध में करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं।
शराबबंदी पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी कोई नोटबंदी की तरह नहीं है, जो अचानक बंद कर दी जाए। यह विषय गंभीर है, इसके सभी पहलुओं पर विचार विमर्श किया जाएगा। इसके बाद शराबबंदी होगी।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्लेसमेंट एजेंसी को बंद करेगी। हमने हमेशा इसका विरोध किया है। मेहनतकश युवाआें से कुछ लोग पैसा खाने के पक्ष में हैं। ऐस प्लेसमेंट एजेंसी बंद की जाएगी।
फैलोशिप सुशासन योजना पर लटकी तलवार
पूर्ववर्ती सरकार की फैलोशिप सुशासन योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा आईएएस अधिकारियों की योग्यता को मैं जानता हूं, मुझे अधिकारियों पर पूरा भरोसा है। कांग्रेस की सरकार को अधिकारियों से काम लेना आता है, इसलिए किसी और की उनके ऊपर आवश्यकता नहीं है। आईएएस के ऊपर आईआरएस या किसी और को बैठाने की आवश्यकता नहीं।
उन्होंने कहा, शैडो कलेक्टर और सचिवों के साथ दो दर्जन से अधिक युवाओं की नियुक्ति पूर्ववर्ती सरकार ने की थी, जिन्हें भारी-भरकम वेतन दिया जा रहा था।
बदलेगा प्लेसमेंट सिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनतकश लोगों के बीच प्लेसमेंट के रूप में कुछ लोग पैसा खाने की कोशिश करते हैं। सीएम ने आगे कहा कि इस सिस्टम को बदला जाएगा। आजकल प्लेसमेंट एजेंसियां केवल आउटसोर्सिंग का माध्यम बन चुकी है। मेहनती युवाओं और रोजगार के बीच आने वाले सभी प्लेसमेंट एजेंसियों को बंद किया जाएगा।
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