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बस्तर टाइगर का बेटा पहुंचा नक्सली संवेदशील इलाके में, लेकर आया लावारिस पड़े ठेकेदार के शव को

दंतेवाड़ा के कमलूर में नक्सलियों ने बुधवार को एक ठेकेदार की गला रेत कर निर्मम हत्या कर दी थी। जिस जगह पर यह घटना हुई वह बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है और ऐसी घटनाओं के बाद शव उठाने आने वाले जवानों को नक्सली एम्बुश में फंसाने की कोशिश करते हैं।

बस्तर टाइगर का बेटा पहुंचा नक्सली संवेदशील इलाके में, लेकर आया लावारिस पड़े ठेकेदार के शव को

दंतेवाड़ा के कमलूर में नक्सलियों ने बुधवार को एक ठेकेदार की गला रेत कर निर्मम हत्या कर दी थी। जिस जगह पर यह घटना हुई वह बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है और ऐसी घटनाओं के बाद शव उठाने आने वाले जवानों को नक्सली एम्बुश में फंसाने की कोशिश करते हैं।

यही वजह है कि सुरक्षा की दृष्टि से जवानों को तत्काल मौके पर जाने के लिए मना किया गया था। जिसकी वजह है ठेकेदार गणेश नायडू का शव घंटो घटनास्थल पर पड़ा रहा।
ऐसे में छबिन्द्र कर्मा मानवता का परिचय देते हुए अपनी जान जोखिम की परवाह न करते हुए घटनास्थल पर पहुंचे और मृत ठेकेदार के शव को लेकर आए। इस दौरान उनके साथ कोई फोर्स नहीं थी।
बता दें छबिन्द्र कर्मा बस्तर के टाइगर कहे जाने स्वर्गीय महेंद्र कर्मा के बेटे हैं। दंतेवाड़ा में पूरा कर्मा परिवार नक्सलियों के टारगेट में हैं और यही वजह है कि पूरे कर्मा परिवार को विशेष दी गई है। ऐसे में घटनास्थल पर अकेले जाना और शव को लेकर आना क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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