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मीटर रीडिंग-बिलिंग पर 31 मार्च तक रोक, सीधे 2 महीने बाद आएगा 'हाफ बिल'

कोरोना वाइरस से बचाने बिजली उपभोक्ताओं के हित में अहम फैसला

मीटर रीडिंग-बिलिंग पर 31 मार्च तक रोक, सीधे 2 महीने बाद आएगा

रायपुर. कोरोना वाइरस का फैलाव रोकने के लिये राज्य शासन द्वारा युद्धस्तर पर किये जा रहे प्रयासों के अन्तर्गत सभी शहरों में 31 मार्च 2020 तक कफ्र्यू जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इसे दृष्टिगत रखते हुये माननीय मुख्यमंत्री जी की ओर से मिले दिषा निर्देषानुसार छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग ने प्रदेष के बिजली उपभोक्ताओं को कोरोना वाइरस से बचाने के लिये अहम फैसला किया।

इसके मुताबिक प्रदेष के समस्त निम्नदाब बिजली उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग एवं बिलिंग को 31 मार्च तक रोकने का निर्णय लिया गया है।तदानुसार छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बिजली मीटर रीडिंग कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। उपभोक्ताओं के परिसर की मीटर रीडिंग एवं बिलिंग का कार्य स्पाॅट बिलिंग अथवा मेनुअली किया जा रहा है जिससे कोरोना वाइरस के संक्रमण की प्रबल संभावना है। इसे रोकने के लिये पाॅवर कंपनी का निर्णय तत्काल प्रभाव से प्रदेष में लागू होगा।

ऐसे उपभोक्ता जिनकी मीटर रीडिंग नहीं हुई है उन्हें अक्टूबर 2018 से सितम्बर 2019 में खपत की गई बिजली के आधार पर औसत बिल जारी किया जायेगा। इस बिल में राज्य शासन की हाफ रेट पर बिजली योजना के तहत् 400 यूनिट तक की छूट का लाभ फिलहाल प्रदान नहीं किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में प्रभावित उपभोक्ताओं के हित को दृष्टिगत रखते हुये यह भी निर्णय लिया गया है कि आगामी माह में वास्तविक विद्युत खपत के आधार पर जारी होने वाले बिजली बिल में उन्हें उक्त योजना के अन्तर्गत एकमुष्त दो माह का लाभ ( 400़$ 400 कुल 800 यूनिट) अर्थात 800 यूनिट तक छूट का लाभ दिया जायेगा।

प्रदेश के समस्त विद्युत वितरण केन्द्र एवं जोन के ऐसे निम्नदाब उपभोक्ता जिनके कि वर्तमान माह (फरवरी 20 अथवा मार्च 20) के बिल जारी नहीं हुये हैं उन्हें आगामी माह (मार्च 20 अथवा अप्रेल 20 ) में एकसाथ दो माह की रीडिंग करते हुये बिल जारी किये जायेंगे। ऐसे उपभोक्ताओं के देयकों पर अधिभार की राषि की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही अगले माह मीटर रीडिंग के उपरांत वास्तविक खपत के आधार पर जारी किये जाने वाले बिजली बिल में उपभोक्ता द्वारा देय कम अथवा ज्यादा राषि का समयोजन किया जायेगा।

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