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आठ महीने से लटके अटल नगर प्रोजेक्ट को नई सरकार का इंतजार

अटल नगर (नया रायपुर) में प्रस्तावित राजभवन और मुख्यमंत्री आवास प्रोजेक्ट की फाइल बीते आठ महीने से लटकी हुई है। नई सरकार गठन के बाद अब इस प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है।

आठ महीने से लटके अटल नगर प्रोजेक्ट को नई सरकार का इंतजार
अटल नगर (नया रायपुर) में प्रस्तावित राजभवन और मुख्यमंत्री आवास प्रोजेक्ट की फाइल बीते आठ महीने से लटकी हुई है। नई सरकार गठन के बाद अब इस प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है।
मार्च में पीडब्ल्यूडी ने सात सौ करोड़ रुपए का बजट बनाकर शासन को स्वीकृति के लिए फाइल भेज दी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण प्राजेक्ट को मंजूरी नहीं मिल पाई और टेंडर लटक गया।
पीड्ब्लूडी के अधिकारियों के मुताबिक अब नई सरकार गठन के बाद शासन की स्वीकृति मिलते ही निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक स्वीकृति मिलने के बाद तीन माह के भीतर निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट में मुख्यमंत्री निवास, राजभवन और 14 मंत्रियों के लिए बंगले बनाए जाएंगे। गौरतलब है कि वर्तमान में मंत्रालय, पुलिस मुख्यालय व प्रदेश के सभी विभागों के हेड ऑफिस को नया रायपुर में शिफ्ट कर दिया गया है।
वर्तमान में मुख्यमंत्री निवास, राजभवन और मंत्रियों के आवास ही रायपुर में हैं। अभी तक मुख्यमंत्री और मंत्रियों को काम खत्म करने के बाद नया रायपुर से राजधानी आना जाना करना पड़ता है। नया रायपुर में आवास बनने से यह बंद हो जाएगा। साथ समय की बचत के साथ एक ही जगह सभी विभागीय कार्य हो सकेंगे।
सेक्टर 18 में बनेगा भवन
राज्यपाल, मुख्यमंत्री और 14 मंत्रियों का निवास कहां बनेगा, इसके लिए अब इंतजार खत्म हो गया है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने मुख्यमंत्री, राजभवन और मंत्री आवास के लिए जमीन तय कर दी है। विभाग द्वारा नया रायपुर के सेक्टर 18 में इसे बनाना सुनिश्चित किया है। राजभवन, मुख्यमंत्री और मंत्रियों का आवास 243 एकड़ एरिया में बनाया जाना प्रस्तावित है।

मंत्रिमंडल की संख्या से दो अधिक आवास
छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रिमंडल में सीएम के अलावा 12 मंत्री होते हैं। साथ ही 14 मंत्रियों के लिए आवास का निर्माण कार्य किया जाएगा। मंत्रिमंडल में 12 मंत्री होते हैं, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग 14 आवास बना रहा है। विभाग दो आवास का अतिरिक्त निर्माण करेगा। इसका मकसद है कि यदि भविष्य में मंत्रियों की संख्या में इजाफा हुआ, तो किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। इसमें मुख्यमंत्री और राजभवन का निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग अलग से करेगा।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की देर
नया राजभवन, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के निवास से जुड़े प्रोजेक्ट का प्रस्ताव आठ महीने पहले शासन को भेज दिया गया है, लेकिन शासन स्तर से अभी तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली। शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की देर है। इसके बाद टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
- दीपक अग्रवाल, कार्यपालन अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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