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रविवि में अर्जेंट डिग्री मिलना हुआ मुश्किल, सैकड़ों आवेदन अटके

पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण हजारों छात्रों के डिग्री के आवेदन धूल खा रहे हैं। डिग्री बनाकर देने के लिए रविवि के पास सर्टिफिकेट ही नहीं है। पहला टेंडर निकाले माहभर से अधिक हो गया है।

रविवि में अर्जेंट डिग्री मिलना हुआ मुश्किल, सैकड़ों आवेदन अटके

पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण हजारों छात्रों के डिग्री के आवेदन धूल खा रहे हैं। डिग्री बनाकर देने के लिए रविवि के पास सर्टिफिकेट ही नहीं है। पहला टेंडर निकाले माहभर से अधिक हो गया है।

इसके बाद भी रविवि ने अब तक दूसरा टेंडर नहीं निकाला। रविवि के लिए डिग्री सर्टिफिकेट तैयार करने वाली कंपनी का अनुबंध पिछले साल दिसंबर में ही समाप्त हो गया है। अब तक पहले से ही छपकर रखे हुए सर्टिफिकेट से काम चलाया जा रहा था। अब वह भी खत्म हो गए।

डिग्री सर्टिफिकेट तैयार करने के लिए रविवि ने पिछले माह टेंडर निकाले थे। देशभर से सात कंपनियों ने इसके लिए आवेदन किया था। इनमें से एक भी कंपनी टेंडर की शर्तों को पूरा नहीं कर सकी। इसके बाद दोबारा टेंडर निकालने का फैसला किया गया। माहभर बीत जाने के बाद भी दोबारा टेंडर निकाला नहीं जा सका।

अर्जेंट सुविधा भी नहीं

अब तक रविवि के पास पिछले साल दिसंबर तक छपे कुछ डिग्री सर्टिफिकेट शेष थे। जो छात्र अर्जेंट डिग्री के लिए आवेदन कर रहे थे, उन्हें इन्हीं शेष सर्टिफिकेट की सहायता से डिग्री प्रदान की जा रही थी, लेकिन अब इन सर्टिफिकेट के भी खत्म हो जाने के कारण छात्रों को मिलने वाली अर्जेंट सुविधा भी समाप्त हो गई है।
ऐसे में वे छात्र जो अर्जेंट डिग्री के लिए आवेदन करते थे, उन्हें भी डिग्री नहीं मिल पा रही है। ऑनलाइन आवेदन सुविधा भी कई महीनों से बंद हैं। छात्र रोजाना डिग्री के लिए रविवि में संपर्क कर रहे हैं, परंतु कोई मदद उन्हें नहीं मिल पा रही है।

बीकॉम के छात्र ज्यादा

डिग्री के लिए आवेदन करने वाले छात्रों में सबसे ज्यादा संख्या बीकॉम के छात्रों की है। बीकॉम के लगभग 500 छात्रों के आवेदन धूल खाते हुए पड़े हैं। बीकॉम के अलावा बीपीएड, बीएड, एमटेक, एमजेएमसी के भी कई छात्र हैं, जिनके आवेदन थोक में पड़े हुए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन छात्रों को हो रही है, जिन्होंने जॉब के लिए अप्लाई किया है। हजार से अधिक छात्रों के डिग्री आवेदन रुके हुए हैं।

ज्यादा पेंडिंग नहीं

रविवि की मीडिया प्रभारी सुपर्ण सेन गुप्ता ने बताया कि पेंडिंग आवेदनों की संख्या अधिक नहीं है। जल्द ही व्यवस्था करने का प्रयास कर रहे हैं।
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