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छत्तीसगढ़/ अंतर की राशि व बोनस से किसानों के खाते में आएगी 1 हजार से साढ़े 8 लाख रुपए तक की राशि

प्रदेश में किसानों के धान की कीमत बढ़ाने व पिछले दो साल का बोनस देने के निर्णय से प्रदेश के किसान मालामाल हो जाएंगे। सरकार अपने चुनावी वायदे पर अक्षरश: अमल करती है, तो यहां धान बेचने वाले किसानों को इस साल 1 हजार रुपए से साढ़े 8 लाख रुपए तक अतिरिक्त आमदनी होगी। इससे नई सरकार आने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं।

छत्तीसगढ़/ अंतर की राशि व बोनस से किसानों के खाते में आएगी 1 हजार से साढ़े 8 लाख रुपए तक की राशि

प्रदेश में किसानों के धान की कीमत बढ़ाने व पिछले दो साल का बोनस देने के निर्णय से प्रदेश के किसान मालामाल हो जाएंगे। सरकार अपने चुनावी वायदे पर अक्षरश: अमल करती है, तो यहां धान बेचने वाले किसानों को इस साल 1 हजार रुपए से साढ़े 8 लाख रुपए तक अतिरिक्त आमदनी होगी। इससे नई सरकार आने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं।

प्रदेश में खरीफ फसल के धान की खरीदी सरकार सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर करती है। धान के समर्थन मूल्य का निर्धारण केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है। इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा मोटा धान का समर्थन मूल्य 17 सौ 50 रुपए तथा मोटे धान का समर्थन मूल्य 17 सौ 70 रुपए घोषित किया गया है।
चुनावी वर्ष होने के कारण इस साल प्रदेश की भाजपा सरकार ने किसानों को धान पर प्रति क्विंटल 3 सौ रुपए बोनस की घोषणा की थी। इस आधार पर समितियों में किसानों का धान क्रमश: 2 हजार 50 व 2 हजार 70 रुपए में खरीदा जा रहा था। यहां 1 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हुई है। इस बीच प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुआ।
कांग्रेस ने अपने चुनावी संकल्पपत्र में अपनी सरकार बनने पर किसानों का धान 25 सौ रुपए क्विंटल में खरीदने के साथ ही पिछले दो साल का बोनस देने की घोषणा की थी। कांग्रेस की इस घोषणा का प्रदेश के किसानों पर जबरदस्त असर हुआ और प्रदेश में कांग्रेस को एकतरफा बहुमत मिला तथा कांग्रेस की सरकार बन गई। कांग्रेस की सरकार बनने के कुछ घंटे के भीतर नए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चुनावी घोषणापत्र पर अमल करते हुए किसानों का धान 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने व पिछले दो साल का बोनस देने के आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिया।
साथ ही यह भी वादा किया गया है कि पूर्व में धान बेच चुके किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा और बढ़ी हुई कीमत के अनुसार अंतर की राशि उनके खाते में जमा हो जाएगी। हालांकि इस आदेश का अभी पालन शुरू नहीं हुआ, लेकिन सरकार के इस निर्णय से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। कांग्रेस के संकल्प पत्र के कारण चुनाव से पहले तक खरीदी केंद्रों में धान की आवक नहीं के बराबर थी। सरकार बदलते ही धान की बंपर आवक शुरू हो गई है।
ऐसे समझें फायदे को
प्रदेश में कांग्रेस की नई सरकार के निर्णय के बाद किसानों को होने वाले फायदे को कुछ इस तरह समझा जा सकता है। भाजपा सरकार के 3सौ रुपए बोनस के साथ किसानों के मोटा व पतला धान को प्रति क्विंटल क्रमश: 2 हजार 50 व 2 हजार 70 रुपए में खरीदा जा रहा था। सरकार को अपनी घोषणा के अनुसार किसानों को प्रति क्विंटल 25 सौ रुपए के हिसाब से 450 रुपए और देना होगा। इसके साथ पिछले दो साल का बोनस भी दिया जाएगा।
इस बोनस की गणना 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से की जाएगी अथवा पिछली सरकार द्वारा दिए गए प्रति क्विंटल 3 सौ रुपए की दर से तय होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन 3 सौ रुपए पुराने बोनस के हिसाब से भी गणना की गई, तो किसानो को दो साल का बोनस 600 रुपए व इस साल के अंतर की राशि 450 को मिलाकर प्रति क्विंटल 1 हजार 50 रुपए का फायदा होगा। प्रति एकड़ अधिकतम 15 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है।
इस लिहाज से किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार 7 सौ 50 रुपए तक का लाभ होगा। सरकारी नियम के अनुसार एक किसान 54 एकड़ में धान बेचने के लिए पंजीयन करा सकता है। इस तरह अधिकतम 54 एकड़ का धान खरीदी केंद्रों में बेचने वाले किसान को 8 लाख 50 हजार 5 सौ रुपए तक का लाभ होगा। इस तरह बोनस व अंतर की राशि से ही किसान मालामाल हो जाएंगे।
साफ्टवेयर करना होगा अपडेट
सरकार द्वारा घोषित नई दर पर धान खरीदने के लिए खरीदी केंद्रों के कंप्यूटर के साफ्टवेयर को अपडेट करना होगा। प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह आनलाइन है। इसमें डाले गए साफ्टवेयर में फिलहाल धान का समर्थन मूल्य 17 सौ 50 व 17 सौ 70 तथा बोनस 3 सौ रुपए दर्ज है। अब 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से अपडेट करना होगा। इस लिहाज से मुमकिन है कि केंद्रों में धान की खरीदी पुरानी दर पर ही की जाए और बाद में किसानों द्वारा बेचे गए धान की गणना कर अंतर की राशि उनके खाते में जमा की जाए। इस स्थिति में किसानों को सरकार की घोषणा का लाभ लेने के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़े।
16 लाख से अधिक किसानों को होगा लाभ
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में धान बेचने के लिए पंजीयन कराने वाले करीब 16 लाख किसानों को 1 हजार से साढ़े 8 लाख रुपए का फायदा होगा। 1 नवंबर से अब तक प्रदेश में 6 लाख 47 हजार 951 किसानों से 2 करोड़, 97 लाख 17 हजार 590 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। चुनाव व हाल में बारिश के कारण धान की आवक प्रभावित हुई है। अब खरीदी केंद्रों में धान की बंपर आवक हो रही है।

नहीं आया आदेश
नई दर पर धान की खरीदी के लिए शासन से कोई आदेश नहीं आया, इसलिए किसानों को कितना अतिरिक्त लाभ होगा, यह नहीं कहा जा सकता। फिलहाल पुरानी दर पर किसानों का धान खरीदा जा रहा है।

- श्री चंद्राकर, सीईओ, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, रायपुर
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