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छत्तीसगढ़/ सभी किसानों के अल्पकालीन कृषि ऋण ही होंगे माफ

सरकार ने कृषि ऋण माफी के अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि खाद, बीज आदि खेती के काम वाले अल्पकालीन कृषि ऋण माफ किए जाएंगे। विभागीय अफसरों का कहना है कि आदेश में सरकार ने जोत के आकार और कृषकों के प्रकार को लेकर कोई बाध्यता नहीं रखी है।

छत्तीसगढ़/ सभी किसानों के अल्पकालीन कृषि ऋण ही होंगे माफ
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सरकार ने कृषि ऋण माफी के अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि खाद, बीज आदि खेती के काम वाले अल्पकालीन कृषि ऋण माफ किए जाएंगे। विभागीय अफसरों का कहना है कि आदेश में सरकार ने जोत के आकार और कृषकों के प्रकार को लेकर कोई बाध्यता नहीं रखी है। केवल एक ही बाध्यता है कि अल्पकालीन ऋण होना चाहिए। वह भी 30 नवंबर से पहले का।

कृषि कार्य के लिए नाबार्ड अपेक्स बैंक को राशि देता है। अपेक्स बैंक, जिला सहकारी मर्यादित बैंक को और वहां से सोसाइटियों को पैसा जाता है। किसानों को ऋण सोसाइटियों के माध्यम से ही मिलता है।
हालांकि, राष्ट्रीयकृत कृषि बैंक भी ऋण जारी करते हैं, लेकिन सरकार के आदेश में फिलहाल इसे शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में राष्ट्रीयकृत बैंकों से जारी कृषि ऋण पर किसी को कोई छूट नहीं मिलेगी। अल्पकालीन कृषि ऋण के दायरे में अधिकतर लघु और सीमांत कृषक आते हैं। 5 एकड़ तक कृषि जोत के स्वामी सीमांत कृषक और इससे कम कृषि जोत रखने वाले लघु कृषक कहलाते हैं।
उल्लेखनीय है कि अल्पकालीन कृषि ऋण के तहत प्रति एकड़ 10 से 15 हजार रुपए दिए जाते हैं। प्रदेश में 16 लाख 65 हजार किसानों के ऋण माफ होंगे। ऐसे में हर किसान का औसतन 60-65 हजार रुपए के ऋण ही माफ होंगे। इस प्रकार किसानों के 61 सौ करोड़ के कृषि ऋण के माफी का अनुमान है।
ऋणमाफी योजना की शर्त
यह योजना अल्पकालीन कृषि ऋणमाफी योजना-2018 कहलाएगी। यह योजना अल्पकालीन कृषि ऋण जो दिनांक 30 नवंबर पर बकाया ऋण के लिए प्रभावशील होगा तथा इसका विस्तार छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा तक होगा। ऋण माफी के लिए राज्य सरकार ने कुछ बिंदु तय किए हैं।
इसके तहत ऐसे कृषक जो भूस्वामी, मौरुसी कृषक, शासकीय पट्टेदार या सेवा भूमि के स्वत्व में कृषि भूमि धारण करता हो या किसी व्यक्ति की कृषि भूमि पर खेती करता हो, ऐसे सीमांत कृषक जो 2.50 एकड़ तक कृषि भूमि धारण करता हो, ऐसे बड़े कृषक जो 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि धारण करता हो।
स्वसहायता समूह या कृषकों के ऐसे समूह से है जो 31 मार्च के पूर्व से गठित है, जिनके द्वारा समिति, बैंक से फसल ऋण के प्रायोजन के लिए अल्पकालीन कृषि ऋण लिया गया हो। इसके अलावा ऐसे अल्पकालीन कृषि ऋण जो 30 नवंबर की स्थिति में बकाया हो, इसे माफ किया जाएगा।

लिकिंग या नकद जमा राशि वापस होगी
जारी आदेश में शासन ने स्पष्ट किया है कि चूंकि प्रदेश में इस साल खरीफ वर्ष में धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू हो गई थी, इसलिए 1 नवंबर से 30 नवंबर के मध्य लिंकिंग या नकद के रूप में चुकाए गए ऋण की राशि भी माफी योग्य होगी, जो कृषकों को वापसी योग्य होगी।

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