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​​​​​​​कृषि मंत्री ने किया प्रदेश के 20 वें और जिले के पहले शासकीय कृषि महाविद्यालय चर्रा का उद्घाटन

आज प्रदेश के कृषि, पशुपालन, मछलीपालन, जल संसाधन, आयाकट, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कुरूद के खेल मेला मैदान में

​​​​​​​कृषि मंत्री ने किया प्रदेश के 20 वें और जिले के पहले शासकीय कृषि महाविद्यालय चर्रा का उद्घाटन

आज प्रदेश के कृषि, पशुपालन, मछलीपालन, जल संसाधन, आयाकट, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कुरूद के खेल मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्य के 20 वें और जिले के पहले शासकीय कृषि महाविद्यालय का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में होने वाले विकास में कृषि की अहम् भूमिका है। इसके अलावा कृषि बाहुल्य धमतरी जिले में युवाओं का कृषि की ओर बढ़ते रूझान के तहत् इस महाविद्यालय का अपना महत्व है।

इस मौके पर कृषि मंत्री ने समन्वित कृषि पर जोर देते हुए किसान भाईयों से आग्रह किया कि वे कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मछलीपालन, मुर्गीपालन, उद्यानिकी फसलों को भी लगाएं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को 1300 करोड़ रूपए का बीमा पंजीयन किया गया, जो कि पूरे देश में सर्वाधिक है। साथ ही दलहनी फसलों पर 300 रूपए का बोनस निर्धारित किया गया।

इस अवसर पर ’आवास मड़ई’ के तहत् वर्ष 2018-19 में स्वीकृत 14,562 आवासों के लिए हितग्राहियों को स्वीकृति दी गई तथा मुख्य अतिथि द्वारा प्रतीकात्मक रूप से 10 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र दिया गया। साथ ही जिले में छः करोड़ 24 लाख की लागत के 16 नलजल प्रदाय योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।

इस अवसर पर प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, संसदीय कार्य मंत्री अजय चन्द्राकर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् जहां 2011 की सर्वे सूची के पात्र हितग्राहियों को पक्का आवास मिलेगा,
वहीं जिले में शासकीय कृषि महाविद्यालय के खुलने से क्षेत्र के किसानों की दशा और दिशा बदलेगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए जिले के छात्रों को अन्यत्र जाना पड़ता था। राज्य शासन ने बजट में छः नवीन कृषि महाविद्यालय खोलने की अनुशंसा की।
इसके तहत् आज कुरूद के ग्राम चर्रा में नवीन शासकीय कृषि महाविद्यालय का उद्घाटन किया जा रहा है। इससे प्रतिभावान और जरूरतमंद विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा और कृषि संबंधी नए अनुसंधानों को करने में सहूलियत होगी और जिला कृषि के क्षेत्र में और आगे बढ़ेगा। साथ ही केन्द्र शासन की महत्वाकांक्षी योजना, जिसके तहत् किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दुगुनी करनी है, को भी गति मिलेगी।
इस मौके पर कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एस.के.पाटिल ने कहा कि चर्रा में खोले गए शासकीय नवीन कृषि महाविद्यालय को अगले चार साले में राष्ट्रीय स्तर के महाविद्यालय में शामिल करने का पूरा प्रयास किया जाएगा,
जिसकी शुरूआत अंतर्राष्ट्रीय कंपनी के धान पर प्रयोग किए जाने से होगी। ज्ञात हो कि चर्रा शासकीय कृषि महाविद्यालय में 48 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। इसके साथ ही जिले में एक निजी कृषि महाविद्यालय, दो निजी उद्यानिकी महाविद्यालय और नए शासकीय कृषि महाविद्यालय को मिलाकर अब कुल चार कृषि महाविद्यालय हो गए हैं।
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