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पढ़ाई के लिए दिल की बात सुने और करें मेहनत: EXPERT

दिशा परिवर्तन करना पड़े, तो निर्णय लेकर आगे बढ़ा जा सकता है।

पढ़ाई के लिए दिल की बात सुने और करें मेहनत: EXPERT

जायसवाल सर्ववर्गीय सभा छग एवं युवा मंच रायपुर द्वारा वृन्दावन हाल में गत दिनों कॅरियर काउंसिलिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम संयोजक राष्ट्रीय अध्यक्ष कलचुरि महासभा के संजय जायसवाल ने कहा कि देश भर में सामाजिक संस्थाएं विभिन्न समाज सेवा मूलक कार्य कर रही है।

लेकिन समय की मांग है कि सामाजिक संस्थाएं युवाओं को भविष्य निर्धारण में मदद करें। उन्हें मार्गदर्शन दें, ताकि इस उम्र के पड़ाव में सही निर्णय ले सकें।

कार्यक्रम में उपस्थित छग मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. रविन्द्र नेरल ने कहा कि जिस विषय में रूचि हो उसी की पढ़ाई करनी चाहिए और उसी दिशा में भविष्य निर्णय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने दिल की आवाज सुननी चाहिए। कुछ बनाना है, तो मेहनत जरूरी है।

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इंदिरा गांधी कृषि यूर्निवसिटी के प्लॉट ब्रीडिंग के वैज्ञानिक डॉ. संदीप मंडारकर ने कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं है। तथा आसानी से आपको कम प्रतिभागियों का समाना करते हुए भविष्य बना सकते है।

छग शासन के पंचायत कमिश्नर आईएएस सुरेन्द्र जायसवाल ने कहा कि आराम करना, टीवी देखना, दोस्तों के साथ घूमना, मोबाइल से चिपके रहना आदि का त्याग करना होगा। तभी आप अपना अमूल्य समय शिक्षा में लगा सकेंगे।

चौकसे इंजिनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर चावला ने कहा कि जरूरी नहीं कि आप जो बनाने चाहते हैं। बनने के बाद वहीं अंतिम पड़ाव होगा। विचारधारा खुली रखनी चाहिए। दिशा परिवर्तन करना पड़े, तो निर्णय लेकर आगे बढ़ा जा सकता है।

जांजगीर-चांपा से ब्रिलिएंट पोंईट के निदेशक पुष्पेन्द्र जायसवाल ने आईएएस, आईपीएस आदि क्षेत्र में भविष्य बनाने के लिए अपना मार्गदर्शन दिया। उन्होंने छात्रों से कई प्रश्न उत्तर किए, जिसके माध्यम से एक विषय पर फोकस होकर लक्ष्य को ओर अग्रसर होने की बात कही।

गोल अकादमी के निदेशक रंजीत जायसवाल ने अपने जीवन के प्रारंभ की बात बताई कि उनकी इच्छा डॉक्टर बनने की थी, परंतु नहीं बन पाए। वे आज इस अकादमी के माध्यम से हर साल करीब 100 छात्रों को डॉक्टरी पढ़ने की दिशा में जरूरी एक्जाम क्लीयर कराते हैं।

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मेडजी एम्स अकादमी के दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि अपनी सोच को सही दिशा देने की आवश्यकता है। पाजिटिव थिकिंग आवश्यक है।

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