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गणित पर शोध: लड़कियों में लड़कों से ज्यादा होती है गणित की चिंता, पैरंट्स भी जिम्मेदार

मैथ्स एक कठिन सब्जेक्ट माना जाता है। मैथ्स के प्रॉब्लम्स देखकर हर कोई थोड़ा परेशान होता है। अब एक रिसर्च के अनुसार मैथ्स का डर लड़कियों में लड़कों से ज्यादा होता है।

गणित पर शोध: लड़कियों में लड़कों से ज्यादा होती है गणित की चिंता, पैरंट्स भी जिम्मेदार

मैथ्स (maths) एक कठिन सब्जेक्ट माना जाता है। मैथ्स के प्रॉब्लम्स देखकर हर कोई थोड़ा परेशान होता है। अब एक रिसर्च के अनुसार मैथ्स का डर (maths fear) लड़कियों (Girls) में लड़कों से ज्यादा होता है। जाने-अनजाने टीचर्स (Teacher) और पैरंट्स भी इस डर को बढ़ावा देने में भूमिका निभाते हैं।

बच्चे हों या बड़े, मैथ्स के सवाल सामने आने पर हर कोई थोड़ा असहज होता है। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी (cambridge university) में रिसर्चर्स ने पाया कि मैथ्स एंग्जाइटी लड़कियों में लड़कों से ज्यादा होती है।

एक हजार बच्चों में किए गए इस रिसर्च में देखा गया कि लड़कियां मैथ्स से ज्यादा असहज होती हैं। जनरल एंग्जाइटी का लेवल भी लड़कियों में लड़कों से ज्यादा पाया गया।

एक अन्य जांच में इंग्लैंड के करीब 17 हजार स्टूडेंट्स को शामिल किया गया। यहां बच्चों ने माना कि मैथ्स अन्य सब्जेक्ट्स से ज्यादा कठिन है। इससे उनका कॉन्फिडेंस कम होता है।

खराब मार्क्स, दोस्तों या भाई-बहनों से तुलना से भी वह परेशान होते हैं। प्राइमरी और सेकंडरी क्लास के स्टूडेंट्स में एंग्जाइटी का लेवल अलग-अलग जरूर था लेकिन सभी में कुछ चीजें कॉमन देखी गईं।

प्राइमरी स्डूडेंट्स ने इसके लिए कुछ हद तक अपने टीचर्स को भी जिम्मेदार माना। कुछ स्टूडेंट्स ने माना कि वह अलग-अलग तरह के टीचिंग मेथड्स के कारण कन्फ्यूज हो जाते हैं।

कई बार टीचर के बर्ताव के कारण भी मैथ्स का डर बैठ जाता है। वहीं, सेकंडरी स्टूडेंट्स का कहना था कि प्राइमरी से सेकंडरी में आने की वजह से उन्हें दिक्कत हो रही है। अचानक प्रॉब्लम्स काफी ज्यादा बढ़ गए हैं और उन्हें इससे जूझना पड़ रहा है।

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