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समोसा बेचने वाले ने JEE में हासिल की 64वीं रैंक

JEE में 64वीं रैंक पाने वाले स्टूडेंट के पिता की एक छोटी-सी समोसे की दुकान है।

समोसा बेचने वाले ने JEE में हासिल की 64वीं रैंक
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जिन पंखों में हौसला होता है, वही पंख उड़ान भरते हैं। आईआईटी जेईई जैसे बड़ी परीक्षा को पास करने के लिए बच्चे दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिलती।

हमारे देश में कई ऐसे बच्चे हैं, जो सुविधाओं के न होते हुए भी अपने लक्ष्य को पाने का जज्बा रखते हैं। हैदराबाद के रहने वाले वी अभ्यास भी उन्हीं में से एक हैं।

मोहन के पिता की एक छोटी-सी समोसे की दुकान है। जहां मोहन भी अपने पिता के साथ समोसे बनाते और बेचते हैं। लेकिन मोहन का सपना कुछ और ही है। मोहन ने कड़ी मेहनत के दम पर जेईई एडवांस में 64वीं रैंक हासिल की है। मोहन के पिता ने भी मोहन का ये सपना पूरा करने में हर संभव मदद की है।
आईआईटी मेंस में हासिल की 55वीं रेंक
मोहन को आईआईटी रुड़की जोन में 366 अंकों में से 339 अंक मिले हैं। उन्हें गणित में 120, भौतिक विज्ञान में 104 और केमेस्ट्री में 115 मार्क्स मिले हैं। आपको बता दें कि मोहन ने JEE Main में 55वां रैंक हासिल किया था।
अब्दुल कलाम से मिली प्रेरणा
मोहन ने बताया की उन्हें बचपन से ही अब्दुल कलाम के जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिला और उन्हें कलाम बेहद पसंद हैं। मोहन भी कलाम की तरह वैज्ञानिक बनना चाहते हैं। परिणाम आने से पहने मोहन को 50वीं आने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें 64 रेंक मिली। जिससे वो खुश हैं। मोहन का मानना है कि अब उन्हें अपने वैज्ञानिक बनने के सपने को प्लेटाफार्म मिल गया है।
माता-पिता हैं सबसे ऊपर
मोहन के पिता इस सफलता से काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि मोहन 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई करता था। मोहन ने भी बताया कि वो अपने पिता के लिए कुछ भी कर सकता है, उन्हे हर खुशी देना चाहता है। मोहन अब आईआईटी बॉम्बे या मद्रास में पढ़ना चाहता है।

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