Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

राजस्थान: नेत्रहीन युवा ने पास किया IAS Pre Exam, बनना चाहता है कलेक्टर

लोढ़सर गांव के रहने वाले सार्वजनिक निर्माण विभाग में बेलदार पद पर कार्यरत टीकूराम के नेत्रहीन बेटे नानूराम राव ने आईएएस की प्री परीक्षा पास की है और वह मेंस परीक्षा पास कर कलेक्टर (आईएएस) बनना चाहता है।

राजस्थान: नेत्रहीन युवा ने पास किया  IAS Pre Exam, बनना चाहता है कलेक्टर

विश्वास और मेहनत से कोई काम नामुमकिन नहीं होता है इसका एक उदाहरण यह है राजस्थान चुरू के लोढ़सर गांव के रहने वाले नेत्रहीन युवा ने आईएएस की प्री परीक्षा पास की है।

लोढ़सर गांव के रहने वाले सार्वजनिक निर्माण विभाग में बेलदार पद पर कार्यरत टीकूराम के नेत्रहीन बेटे नानूराम राव ने आईएएस की प्री परीक्षा पास की है और वह मेंस परीक्षा पास कर कलेक्टर (आईएएस) बनना चाहता है।

यह भी पढ़ेंः मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

नानूराम राव ने एक मीडिया को बताया है कि मन में विश्वास, मेहनत और लगन से ही कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है। मैं अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए आईएएस परीक्षा की तैयारी कर रहा हूं, और कहा मुझे पूरा भरोसा है कि मैं इस बार मेंस परीक्षा पास कर में अपने पिता के सपने का साकार करूंगा।

आपको बता दें कि नानूराम राव जब 6 क्लास की पढ़ाई कर रहा था तब उनकी आखों की रोशन चली गई थी। उसके बाद भी राव ने पढ़ाई करना बंद नहीं किया।

आईएएस बनना है राव का लक्ष्य

नानूराम ने बताया है कि मेरा एक ही लक्ष्य है प्रशासनिक सेवा में जाना वो भी आईएएस बनना है। इस लिए सिर्फ आईएएस की तैयारी कर रहा हूं। अभी तक मैने किसी दूसरी भर्ती में आवेदन नहीं किया है।

राव ने बताया है कि मेरे जैसे नेत्रहीन व दिव्यांग देश में बहुत है। जिनमें पढ़, लिख कर कुछ करने की तमन्ना है, लेकिन उनके पास संसाधन नहीं है। उनके लिए अलग से स्कूल, रिकॉर्डर जैसी व्यवस्थाएं करना चाहूंगा और मेरा जो लक्ष्य है उसे प्राप्त करूंगा।

यह भी पढ़ेंः UPSC Prelims Result 2018 ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित किए, सफल उम्मीदवार फिर भरें फॉर्म

ऐसे की आईएएस की तैयारी

नानूराम राव ने प्राथमिक शिक्षा अपने गांव के सरकारी स्कूल से ली है और क्लास 10वीं और 12वीं ओपन बोर्ड से पास की थी। नानूराम ने स्नातक सीकर एस.के कॉलेज से किया है।

नेत्रहीन नानूराम ने अपने आईएएस बनने के सपने को साकार करने के लिए नियमित दो साल तक सीकर अप-डाउन कर निजी कोचिंग में दो साल तक क्लास ली और सेल्फ स्टडी और नानूराम की पढ़ाई में अहम योगदान उनकी बहनें पूनम, नीलम, भगवती, मंजू व भाई सुनील का रहा है। राव ने ब्रेनलिपी का प्रयोग किया, वह अपनी बहनों से नोट्स रिकॉर्ड करवाकर उनकों सनुता था।

Next Story
Top