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रविवि की वार्षिक परीक्षाएं प्रारंभ, अगले माह जारी होंगे नतीजे, प्रवेश इसके बाद

पं. रविशंकर शुक्ल विवि की वार्षिक परीक्षाएं मंगलवार से प्रारंभ हो गईं। ब्लैंडेड मोड में हो रही इन परीक्षाओं के परिणाम जुलाई अंत तक जारी किए जाने की तैयारी है। सुबह 11 बजे माननीय कुलपति ने 16 विषयों के प्रश्नपत्र सभी परीक्षा केंद्र तक ऑनलाइन माध्यम से प्रेषित किया।

एमपी के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अगस्त के अंतिम सप्ताह में आयोजित होगी विशेष परीक्षा
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विशेष परीक्षा

पं. रविशंकर शुक्ल विवि की वार्षिक परीक्षाएं मंगलवार से प्रारंभ हो गईं। ब्लैंडेड मोड में हो रही इन परीक्षाओं के परिणाम जुलाई अंत तक जारी किए जाने की तैयारी है। सुबह 11 बजे माननीय कुलपति ने 16 विषयों के प्रश्नपत्र सभी परीक्षा केंद्र तक ऑनलाइन माध्यम से प्रेषित किया। आधे घंटे के भीतर सभी परीक्षा केंद्रों से ओके रिपोर्ट प्राप्त हो गई। सभी केंद्रों ने परीक्षार्थियों तक प्रश्नपत्र प्रेषित होने की सूचना विश्वविद्यालय को दी। प्रथम वर्ष के विद्यार्थी पहली बार ब्लैंडेड मोड में परीक्षाएं दिला रहे हैं इसलिए उन्हें लेकर विशेष सावधानी रखने कहा गया था।

परीक्षाएं समाप्त होने के पांच दिनों के भीतर छात्रों को उत्तरपुस्तिकाएं कॉलेजों में जमा करनी है। इसके साथ ही कॉपियाें का मूल्यांकन भी महाविद्यालयों द्वारा शुरू कर दिया जाएगा। जुलाई अंत तक इन परीक्षाओं के नतीजे जारी करने की तैयारी है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्र अगली कक्षाओं में प्रवेश ले सकेंगे। स्नातक की कक्षाएं भी इसके बाद शुरू होंगी।

शैक्षणिक कैलेंडर के लिए बनी कमेटी

कोरोना संक्रमण के कारण लगातार दूसरे साल भी जून माह में प्रवेश सहित अन्य प्रक्रियाओं की शुरुआत नहीं हो सकी है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक कैलेंडर भी अब तक जारी नहीं किया गया है। शैक्षणिक कैलेंडर तैयार करने के लिए विशेष कमेटी बनाई गई है। शैक्षणिक सत्र को यथासंभव तय वक्त से प्रारंभ और समाप्त करने प्रयास किया जा रहा है। शैक्षणिक कैलेंडर भी जल्द जारी करने की तैयारी है ताकि इसके मुताबिक नया सत्र का अध्ययन-अध्यापन किया जा सके।

ऑनलाइन कक्षाओं का निरीक्षण

अगले सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए रविवि और महाविद्यालयों द्वारा अभी से तैयारी की जा रही है। अगस्त में ये परीक्षाएं संभावित हैं। विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन कक्षाओं का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। छात्रों की ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थिति रिपोर्ट भी बनाई जा रही है। निजी महाविद्यालयों द्वारा छात्रों को प्रोजेक्ट और असाइनमेंट भी प्रदान किए जा रहे हैं।

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