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CBSE का फरमान: गणित और बायो के स्टूडेंट्स नहीं दे सकेंगे NEET Exam

सीबीएसई के नए सर्कुलेशन ने छात्रों को परेशान कर दिया है। अब ये छात्र 6 मई को होने वाले नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट) में नहीं बैठ पाएंगे।

CBSE का फरमान: गणित और बायो के स्टूडेंट्स नहीं दे सकेंगे NEET Exam

सीबीएसई के नए सर्कुलेशन ने छात्रों को परेशान कर दिया है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) से पढ़ने वाले छात्रों के साथ ही उन छात्रों के भी नीट में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है,

जो बॉयोलॉजी और बॉयोटेक्नोलॉजी को एडिशनल सब्जेक्ट के रूप में पढ़ रहे हैं। ये छात्र अब 6 मई को होने वाले नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट) में नहीं बैठ पाएंगे।

बगैर विकल्प दिए बोर्ड के इस फैसले से छात्र भी हैरान हैं। कई ऐसे छात्र हैं, जो वर्षों से इसकी तैयारी कर रहे थे। छात्रों द्वारा इस फैसले को रिवाइज करने की मांग की जा रही है। स्टूडेंट्स पहले से चली आ रही बोर्ड की गाइडलाइन को ही फॉलो कर रहे हैं। नए निर्देश आने से छात्र डिप्रेस हैं।

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यह है तर्क

सीबीएसई का कहना है कि वह सिर्फ परीक्षा का आयोजन कराने के लिए उत्तरदायी है। इसमें शामिल होने वाले कैंडिडेट्स की योग्यता का निर्धारण एमसीआई द्वारा किया जाता है।

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की ओर से इस संबंध में तर्क दिया गया है कि विज्ञान के विषयों में प्रेक्टिकल परीक्षा जरूरी है, जबकि एनआईओएस की ओर से विषयों में प्रेक्टिकल कराए ही नहीं जाते।

ऐसे में बच्चों की कार्यक्षमता और सोचने- समझने की शक्ति पर फर्क पड़ता है। हालांकि इस फैसले के बाद मेडिकल के लिए तैयारी कर रहे कई छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। बड़ी बात यह है कि एनआईओएस वाले स्टूडेंट्स को आयुष व वेटेनरी कोर्सेस के आवेदन के लिए भी अपात्र घोषित कर दिया है।

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कॅरियर के लिए ही चयन

एमसीआई का मानना है कि मेडिकल के छात्रों को बॉयो मेन सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ना चाहिए। गणित के अधिकतर छात्र बायो या बायोटेक्नोलॉजी को एडिशनल विषय के रूप में इसलिए लेते हैं, ताकि इंजीनियरिंग सेक्टर में जाने के अलावा उनके पास मेडिकल सेक्टर का विकल्प रहे।

मैथ्स और बायो दोनो का ही सिलेबस बहुत टफ होता है। छात्र अपने कॅरियर के लिहाज से ही दोनों का अध्ययन एक साथ करते हैं। प्रदेश में भी बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं, जो बायो को एडिशनल विषय के रूप में पढ़ रहे हैं।

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