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महाराष्ट्र में स्कूलों को फिर खोला एक बेंच पर बैठेगा एक छात्र

महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने स्कूलों को फिर से खोलने के लिए 15 जून को गाइड जारी कर दी है। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए स्कूलों को फिर से खोलने के लिए जिला प्रशासन ने अनुमति दे दी है।

महाराष्ट्र में स्कूलों को फिर खोला एक बेंच पर बैठेगा एक छात्र
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स्कूल (प्रतीकात्मक फोटो)

महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने स्कूलों को फिर से खोलने के लिए 15 जून को गाइड जारी कर दी है। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए स्कूलों को फिर से खोलने के लिए जिला प्रशासन ने अनुमति दे दी है। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार जिन क्षेत्रों में लगभग एक महीने से कोरोना का कोई मामला सामने नहीं आया है उनमें कक्षा 9,10, 11, 12, को शुरू करने के आदेश दे दिये गये हैं। सुरक्षा का ध्यान रखना यह विद्यालय प्रशासन की पहली प्राथमिकता होगी। मास्क सेनेटाइजर का प्रयोग कक्षा में जरूरी है।

महाराष्ट्र राज्य के चन्द्रपुर जिले के गाँव मधेली मेें 6 जुलाई से कर्मवीर विद्यालय में कक्षाऐं शुरू कर दी गई हैं। एक बैंच पर एक छात्र बैठता है और प्रत्येक छात्र के मुंह पर मास्क लगा रहता है। गढचिरौली और चन्द्रपुर जिलें में इस महीने में अधिकांश विद्यालयों को फिर से खोल दिया गया है।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्कूलों को फिर से शिरू करना गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों के विरूद्ध है। गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों के अनुसार सारे देश में स्कूलों को 31 जुलाई तक बंद रखा जाना जरूरी है।

मधेली गाँव में स्कूल को 11 बजे केवल कक्षा 9 और 10 के लिए खोला जाता है। 10 मिनट प्रार्थना करवाकर बच्चों को कक्षाओं में भेज दिया जाता है। लगातार 5 कालाँशों लेकर छात्रों को लंच के लिए छोड दिया जाता है। कक्षा को ग्रुप में विभाजित किया गया है। एक दल में 15 छात्रों को शामिल किया गया है।

जिस दिन स्कूल खोला उस दिन कुल छात्र संख्या का 50 प्रतिशत छात्र उपस्थित हुए। धीरे-धीरे छात्रों की संख्या लगातार बढ रही है। अभी छात्रों की उपस्थिति को अनिवार्य नहीं किया गया है। विद्यालय में माता-पिता को आने की अनुमति नहीं है।

दूसरी कक्षाओं को पढाने के लिए शिक्षक विद्यार्थी मंच योजना को शुरू किया गया है जिसके तहत अध्यापक गाँव-गाँव जाकर खुले स्थानों पर बच्चों को पढाते हैं। 7 जुलाई से शुरू की गई इस योजना में बोरी,गल्का,पवनी और वाडागांव के बच्चों को पढाया गया जिसमें बच्चों की उपस्थिति पूरी थी।




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