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साइबर हैकिंग से जुड़े कोर्स में बंपर नौकरियां, 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट स्टुडेंट्स कर सकते हैं अप्लाई

हाल ही में फेसबुक डाटा लीक के बाद लोगों में डाटा सिक्योरिटी को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। यहां बात केवल फेसबुक डाटा लीक तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इन दिनों एकाउंट हैक करना, बैंक एकाउंट से पैसे निकालने जैसी घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं।

साइबर हैकिंग से जुड़े कोर्स में बंपर नौकरियां, 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट स्टुडेंट्स कर सकते हैं अप्लाई

हाल ही में फेसबुक डाटा लीक के बाद लोगों में डाटा सिक्योरिटी को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। यहां बात केवल फेसबुक डाटा लीक तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इन दिनों एकाउंट हैक करना, बैंक एकाउंट से पैसे निकालने जैसी घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं।

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आजकल लगभग हर गतिविधि ऑनलाइन हो गई है। लोगों के हाथों में स्मार्टफोन, कंप्यूटर या लैपटॉप है, जिसपर वे पर्सनल और प्रोफेशनल हर बात शेयर करने लगे हैं।

ऐसी स्थिति में ईमेल हैक करना, डाटा की चोरी, वायरस का अटैक, पासवर्ड क्रेक करना, क्रेडिट कार्ड नंबर की चोरी, सीक्रेट डाटा को चुराना जैसे साइबर क्राइम भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

इस तरह की घटनाओं से साइबरस्पेस में चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। दूसरी तरफ हैकिंग के नए-नए तरीकों ने भी सिक्योरिटी एजेंसियों को भी परेशानी में डाल दिया है। इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए आईटी सिक्योरिटी इंडस्ट्री में एथिकल हैकर्स या फिर साइबर सिक्योरिटी इंजीनियर्स की डिमांड काफी बढ़ गई है।

क्या है एथिकल हैकिंग

हैकिंग का ही एक रूप एथिकल हैकिंग है, लेकिन यहां हैकिंग से जुड़े कार्य अच्छे उद्देश्य के लिए किए जाते हैं। एथिकल हैकर का कार्य सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में एंट्री के लिए हैकिंग टूल्स, नेटवर्क, एप्लिकेशंस और वेबसाइट की सिक्योरिटी को जांचना और सिक्योरिटी उपायों को लागू करना होता है। वे सिक्योर नेटवर्क्स की सुरक्षा में सेंध लगाने में सहायक लूपहोल्स का पता लगाते हैं।
सामान्य हैकर्स सिक्योरिटी लूपहोल्स का पता लगाकर गोपनीय जानकारी चुरा लेते हैं, महत्वपूर्ण डाटा के साथ छेड़खानी करते हैं और वायरस फैलाते हैं। जबकि एथिकल हैकर्स सिक्योरिटी सिस्टम के लूपहोल्स के बारे में ओनर को जानकारी देते हैं और नेटवर्क की सुरक्षा के लिए समाधान उपलब्ध करवाते हैं।
एथिकल हैकर्स नेटवर्क्स में प्रवेश करते हैं, सिक्योरिटी सिस्टम की कमजोरियों को पहचानते हैं और किसी नुकसान से पहले उन्हें ठीक करते हैं। देखा जाए, तो एथिकल हैकर कानूनी तौर पर हैकिंग से बचने के लिए अपने सिस्टम को चुस्त बनाता है।

ऐसे मिलेगी एंट्री

12वीं करने वाले स्टूडेंट्स भी इस फील्ड में करियर बना सकते हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स को ज्यादा प्राथमिकता मिलती है। कुछ संस्थानों से एथिकल हैकिंग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया जा सकता है।
कई इंस्टीट्यूट साइबर सिक्योरिटी से जुड़े सर्टिफिकेट प्रोग्राम और लॉन्ग टर्म प्रोग्राम चला रहे हैं, इनमें सर्टिफाइड इंफॉर्मेशन ऑडिटर सिस्टम, सर्टिफाइड इंफॉर्मेशन सिस्टम मैनेजमेंट, सर्टिफाइड इंफॉर्मेशन सिस्टम आदि मुख्य हैं।
इसके अलावा, सिस्को सर्टिफाइड सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स और माइक्रोसॉफ्ट सर्टिफाइड सिस्टम इंजीनियर जैसे सर्टिफिकेशन कोर्स से जॉब में काफी मदद मिलती है। ईसी-काउंसिल जो कि इंटरनेशनल अथराइज्ड संस्था है, वह सर्टिफाइड एथिकल हैकर (ईसीएच) में सर्टिफिकेशन देती है।

कोर्स कंटेंट

एथिकल हैकिंग कोर्स में इंटरनेट से संबंधित तमाम बारीक चीजों के बारे में सिखाया जाता है। इससे संबंधित कोर्स में सिक्योरिटी टेस्टिंग की कार्य प्रणाली, प्रीविलेज एस्कलेटिंग, हैकिंग, अटैकिंग नेटवर्क वर्क सिस्टम, हैकिंग वेब एप्लिकेशन, क्रॉस साइट स्क्रिप्टिंग, ब्रेकिंग आईपी, डिफेंसिव टेकनीक, सिस्टम हैकिंग पासवर्ड क्रैकिंग, पेनीट्रेशन टेस्टिंग हैकिंग वेबसर्विस वायरस एंड वर्म आदि से संबंधित जानकारी दी जाती है।

मेन कोर्सेस

  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी
  • एमएससी इन साइबर फोरेंसिक्स एंड इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी
  • एमएस साइबर लॉ एंड इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी
  • एमटेक साइबर सिक्योरिटी सिस्टम्स एंड नेटवर्क्स
  • पीजी डिप्लोमा इन इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी एंड क्लॉउड कंप्यूटिंग
  • एमटेक इन कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी
  • एमटेक इन इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी एंड कंप्यूटर फोरेंसिक

साइबर स्पेस के सिक्योरिटी एक्सपर्ट

आज के दौर में साइबर स्पेस में जैसे-जैसे एक्टिविटी बढ़ रही है, हैकर्स भी लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। डाटा लीक, एकाउंट हैकिंग, पासवर्ड क्रैकिंग जैसी समस्याएं कॉमन हो गई हैं। इनसे निजात दिलाने और साइबर स्पेस को सिक्योर बनाने के लिए एथिकल हैकर्स की भरपूर डिमांड है। इस फील्ड के एक्सपर्ट बनकर आप भी शानदार करियर बना सकते हैं।

टेक्निकल स्किल

इस फील्ड में करियर बनाने के लिए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, जैसे-सी, सी प्लस प्लस, पर्ल, पाइथान और रुबी की अच्छी नॉलेज जरूरी है। इसके अलावा, वेब एप्लिकेशन जैसे-माइक्रोसॉफ्ट, डॉट नेट और पीएचपी और ऑपरेटिंग सिस्टम्स माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, लिनक्स के अलग-अलग वर्जन की जानकारी जरूर होनी चाहिए। वैसे, एथिकल हैकर्स को टीसीपी/आईपी प्रोटोकॉल जैसे एसएमटीपी, आईसीएमपी और एचटीटीपी की बेसिक समझ जरूरी है।

जॉब मार्केट

केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया योजना के बाद यह क्षेत्र गति पकड़ रहा है। सरकारी महत्वपूर्ण सूचनाएं भी ऑनलाइन उपलब्ध की जा रही हैं। लेकिन इससे भी ज्यादा इन सूचनाओं की सुरक्षा जरूरी है।
नैस्कॉम की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में अभी सिर्फ 50 हजार के लगभग साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल हैं। जबकि दूर-दराज के क्षेत्रों में इंटरनेट जिस तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है, उसे देखते हुए हर साल करीब 77 हजार एथिकल हैकर्स की जरूरत है।
इस तरह, स्थानीय और वैश्विक बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को वर्ष 2020 तक लगभग 50 लाख एथिकल हैकर चाहिए, लेकिन वर्तमान में हर साल इस क्षेत्र में सिर्फ 15 हजार प्रोफेशनल्स ही आ रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर सभी बड़ी आईटी कंपनियां अपना खुद का डाटा सेंटर बना रही हैं। इन्हें भी कुशल साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स चाहिए। साइबर सिक्योरिटी को लेकर आने वाले दिनों में लोग भी पर्सनल सर्विसेज लेना शुरू करेंगे।

कहां-कहां है डिमांड

हरेक कंपनी अपने आंकड़ों को सुरक्षित रखने या प्रतिद्वंद्वी कंपनी की रणनीति को समझने के लिए एथिकल हैकर्स रखने लगी हैं। इस फील्ड के प्रोफेशनल्स गवर्नमेंट सेक्टर, आईटी, फाइनेंस, पावर, ऑयल एंड गैस, टेलिकॉम, एयरलाइंस, ऑनलाइन मीडिया कंपनी, सोशल मीडिया, ऑनलाइन नेटवर्किंग कंपनीज आदि में जॉब कर सकते हैं।
ई-कॉमर्स कंपनियों में भी एथिकल हैकर्स की डिमांड है। गूगल, याहू आदि वेब कंपनियां भी यूजर की प्राइवेसी बनाए रखने के लिए इन्हें काम पर रख रही हैं। इन्फोसिस, विप्रो आदि सॉफ्टवेयर कंपनियों द्वारा भी एथिकल हैकर को जॉब दिया जा रहा है। इसके अलावा, गवर्नमेंट सेक्टर में भी एथिकल हैकर की मांग बढ़ रही है।
साइबर क्राइम की नई चुनौती से निपटने के लिए भी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एथिकल हैकर की सेवाएं ली जा रही हैं। इन कंपनियों में आप एथिकल हैकर, सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेटर, पेनीट्रेशन टेस्टर, सिक्योरिटी ऑडिटर, सिक्योरिटी कंसल्टेंट, साइबर क्राइम इंवेस्टिगेटर, आईएस एग्जिक्यूटिव मैनेजर, सिक्योरिटी एडवाइजर आदि के तौर पर काम कर सकते हैं।

सैलरी पैकेज

इस क्षेत्र में शुरुआती वार्षिक सैलरी करीब 2.5 से 4 लाख रुपए तक होती है। एक-दो वर्ष का वर्क एक्सपीरियंस हासिल करने के बाद एनुअल सैलरी 4 से 7 लाख रुपए तक होती है। अगर आपका एक्सपीरियंस 5-10 वर्ष का है, तो सैलरी पैकेज 10-12 लाख रुपए वार्षिक हो सकती है।

आने वाले समय में बढ़ेगी डिमांड

साइबर सुरक्षा का विस्तार आज के समय बहुत ज्यादा है। आने वाले दिनों में इसकी जरूरत और ज्यादा पड़ेगी, क्योंकि अब कंप्यूटर और स्मार्टफोन हर किसी की दिनचर्या में शामिल हो गए हैं। हर तरह की महत्वपूर्ण पर्सनल जानकारी भी लोग कंप्यूटर और मोबाइल में ही रखने लगे हैं, जिसे कभी भी कोई हैक कर सकता है।
एथिकल हैकर्स वे लोग हैं, जो आधिकारिक अनुमति के साथ सिस्टम में मौजूद लूपहोल्स को ठीक करने का काम करते हैं। आजकल सभी कंपनियां अपना नेटवर्क इस्तेमाल कर रही हैं और उसमें कोई छेड़खानी न कर पाए, इसके लिए अपने यहां एथिकल हैकर्स रख रही हैं।
एथिकल हैकिंग के विशेषज्ञ बनकर गलत नीयत वाले आईटी के जानकारों यानी हैकर्स से लोगों और कंपनियों को बचाने के साथ- साथ आप हैकर्स को सबक भी सिखा सकते हैं।
जिन युवाओं में कंप्यूटर का पैशन है, बेशक वे किसी भी दूसरी स्ट्रीम में काम कर रहे हों, इस फील्ड में आकर शानदार करियर बना सकते हैं। इसकी किसी विशेष ब्रांच, जैसे-एप्लिकेशन सिक्योरिटी, वाई-फाई सिक्योरिटी, नेटवर्क सिक्योरिटी आदि में स्पेशलाइजेशन के बाद ग्रोथ के चांस और बढ़ जाते हैं।
- पवन दुग्गल, साइबर लॉ एक्सपर्ट

मेन इंस्टीट्यूट

-इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, दिल्ली
वेबसाइट- http://ignou.ac.in
-इंडियन स्कूल ऑफ एथिकल हैकिंग, बेंगुलरु
वेबसाइट- www.isoeh.com
-सर्टिफाइड एथिकल हैंकिंग, ईसी काउंसिल, बेंगलुरु
वेबसाइट- https://cert.eccouncil.org
-इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी, मुंबई
वेबसाइट- http://iisecurity.in
-यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास, चेन्नई
वेबसाइट- http://www.unom.ac.in/
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