Web Analytics Made Easy - StatCounter
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

छत्तीसगढ़ : बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट को बेहतर बनाने के लिए ''एस्ट्रा क्लास'', इन दो सब्जेक्ट्स पर रहेगा ज्यादा फोकस

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में बोर्ड परीक्षाओं (Board exam) का परिणाम (Result) हर साल गणित (Math) और अंग्रेजी (English) विषयों के कारण पिछड़ रहा है। हर साल जारी हो रहे रिजल्ट (Result) पर नजर डालें तो छात्र (Student) बाकी विषयों में अच्छे नंबर पा रहें हैं लेकिन गणित (Math) और अंग्रेजी (English)विषयों में कम नंबर की वजह से बोर्ड का रिजल्ट (CG Board Result) 15 प्रतिशत तक कम हो जा रहा है।

छत्तीसगढ़ : बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट को बेहतर बनाने के लिए

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में बोर्ड परीक्षाओं (Board exam) का परिणाम (Result) हर साल गणित (Maths) और अंग्रेजी (English) विषयों के कारण पिछड़ रहा है। हर साल जारी हो रहे रिजल्ट (Result) पर नजर डालें तो छात्र (Student) बाकी विषयों में अच्छे नंबर पा रहें हैं लेकिन गणित (Maths) और अंग्रेजी (English)विषयों में कम नंबर की वजह से बोर्ड का रिजल्ट (chhattisgarh Board Result) 15 प्रतिशत तक कम हो जा रहा है। इस बात से बोर्ड के अधिकारी भी वाकिफ हैं। इसलिए रिजल्ट सुधारने गणित (Maths) के साथ-साथ इंग्लिश (English)पर भी फोकस किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों (Government school) में दोनों विषयों की एक्सट्रा क्लास (Extra class) भी शुरू की जा रही है।

सरकारी स्कूलों (Government school) की बोर्ड परीक्षाओं (Board exam) में गणित (Math) विषय छात्रों के लिए हमेशा से ही परेशानी रहा है। साथ ही अंग्रेजी (English) का हौव्वा भी पिछले कुछ सालों से बना हुआ है। 10वीं 12 वीं की बोर्ड परीक्षाओं (10th 12th Board Exam) में इन्हीं दोनों विषयों में नकल के सर्वाधिक प्रकरण भी दर्ज किए जाते हैं। इसलिए ही उड़नदस्ता का भी पूरा ध्यान परीक्षा के दौरान इन्हीं दो विषयों पर ही खास तौर पर रहता है।

पिछले कुछ सालों के परिणामों पर ध्यान दें तो प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम हर साल गणित और अंग्रेजी विषयों के कारण पिछड़ रहा है। हर साल जारी हो रहे रिजल्ट पर नजर डालें तो छात्र बाकी विषयों में अच्छे नंबर पा रहें हैं लेकिन गणित और अंग्रेजी विषयों में कम नंबर की वजह से बोर्ड का रिजल्ट 15 प्रतिशत तक कम हो जा रहा है।

CG Board 10th 12th Time Table 2019: छत्तीसगढ़ बोर्ड10वीं 12वीं टाइम टेबल 2019 जारी,जानें पूरा शेड्यूल

हर साल 40 फीसदी छात्र ही हो रहे पास

दसवीं में गणित किस तरह से भारी पड़ता रहा है, इसका अनुमान कुछ साल के रिकार्ड ही बताते हैं। जब पुराना कोर्स था तब गणित में फेल होने वाले छात्रों की संख्या अधिक थी। साल 2015 में गणित में पास होने वाले छात्रों की संख्या 37.64 फीसदी थी।

साल 2016 में यह बढ़कर 40.10 फीसदी हुई। साल 2017 में फिर मामूली बढ़त दर्ज की गई। तब 44.64 फीसदी छात्र पास हुए। साल 2018 में नए कोर्स के अनुसार दसवीं की परीक्षा हुई।

नया कोर्स होने की वजह से ऐसी भी चर्चा थी कि यह छात्रों के लिए भारी साबित होगा। रिजल्ट में गिरावट दर्ज की जाएगी। इसमें गणित में ही ज्यादातर छात्र फेल होंगे। लेकिन नतीजे कुछ अलग साबित हुए। साल 2018 में गणित विषय में 53.75 फीसदी छात्र पास हुए।

रिजल्ट खराब तो पेपर कर दिया आसान

बोर्ड परीक्षाओं में अंग्रेजी, गणित के कारण रिजल्ट खराब होता गया तो माशिमं ने दसवीं बोर्ड में पिछली बार गणित, हिंदी, संस्कृत, विज्ञान समेत कुछ अन्य विषयों का कोर्स इस तरह तैयार किया गया कि इसमें 30 फीसदी तक आसान सवाल पूछे गए। पेपर में कठिन सवालों की संख्या 20 फीसदी तक थी।

इसी तरह औसत सवाल 50 फीसदी तक पूछा गया। इस तरह देखा जाए तो नया कोर्स अैासत स्टूडेंट के लिए कई मामलों में अच्छा है। आसान सवाल और औसत सवाल मिलाकर कुल 80 फीसदी प्रश्न पेपर में होते हैं। छात्र को गणित की थोड़ी भी समझ होगी तो उसके इस विषय में पास होने की संभावना ज्यादा है। पहले ऐसा कोई सिस्टम नहीं था।

CBSE Exam 2019 Update: जानें 10वीं सीबीएसई एग्जाम की डेटशीट और टाइम टेबल

सरकारी स्कूलों में एक्सट्रा क्लास की कवायद

अंग्रेजी, गणित के कारण खराब हो रहे रिजल्ट को देखते हुए बोर्ड ने गणित के साथ-साथ इंग्लिश पर भी फोकस किया है। सरकारी स्कूलों में दोनों विषयों की एक्सट्रा क्लास शुरू कर दी गई हैं। हालांकि चुनाव के कारण अभी दोनों कक्षाओं का सिलेबस ही पूरा नहीं हो पा रहा है।

कोशिश की जा रही है कि एक्सट्रा क्लास लेकर जनवरी के अंत तक कोर्स पूरा किया जा सके। इसके साथ ही कम समय में प्रश्नों को बेहतर तरीके से हल करना भी विषय विशेषज्ञों द्वारा बताया जा रहा है।

Next Story
Share it
Top