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CBSE ने इस वजह से स्कूलों को भेजा नोटिस, जानें पूरा मामला

सीबीएसई बोर्ड ने मूल्यांकन कार्य के लिए स्कूलों से सूची मांगी थी।

CBSE ने इस वजह से स्कूलों को भेजा नोटिस, जानें पूरा मामला

इस बार 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए सीबीएसई पूरी तरह सतर्क है। इसके मद्देनजर बोर्ड की ओर से स्कूलों से मूल्यांकन के लिए शिक्षकों की सूची न भेजे जाने पर बोर्ड ने कई स्कूलों को नोटिस भेज दिया है।

सीबीएसई ने स्कूलों से पांच जनवरी तक मूल्यांकन कार्य के लिए शिक्षकों की सूची मांगी थी। वहीं स्कूलों को टीचर्स की सूची शिक्षक एग्जामिनेशन पोर्टल पर पंजीकरण करानी होगी। खास यह है कि मूल्यांकन के लिए जिन टीचर्स को बोर्ड चुनेगा, उन्हें स्कूल किसी और गतिविधि में नहीं लगा सकेंगे।

यह है निर्देश

बोर्ड एग्जाम कराने से लेकर उसके मूल्यांकन में किसी प्रकार की कोई शिकायत या लापरवाही न हो, इसके लिए बोर्ड कवायद में जुटा है। इस बाबत बोर्ड ने स्कूलों के 9वीं से 12वीं तक सभी विषयों के शिक्षकों के नाम मांगे हैं।

जिन स्कूलों ने अभी तक भी बोर्ड में शिक्षकों की सूची नहीं भेजी है, उन पर बोर्ड की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। इस संबंध में सीबीएसई ने सर्कुलर जारी कर कहा कि अगर स्कूलों ने लापरवाही बरती, तो स्कूल की मान्यता वापस भी ली जा सकती है।

गलतियों के बाद फैसला

7 साल बाद दसवीं में सीजीपीए सिस्टम खत्म कर बोर्ड एग्जामिनेशन लागू किया गया है। ऐसे में बोर्ड पर जिम्मेदारी अधिक है। पिछले सालों में कॉपियों की जांच में कई गलतियां पाई गई थीं, इसलिए इस बार बोर्ड ने यह नियम लागू किया है।

बोर्ड इस बार पूरी तरह से त्रुटिमुक्त मूल्यांकन कराना चाहता है। इसके लिए अनुभवी और प्रशिक्षित टीचर्स की आवश्यकता पड़ेगी। कुछ वर्षों से मूल्यांकन कार्यों में हो रही देर के कारण भी इस साल सख्ती बरती जा रही है।

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