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CBSE दो बार जांचेगा उत्तरपुस्तिका, 8 साल बाद ग्रेड की जगह प्रतिशत

प्रश्नपत्र लीक होने के बाद से परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठे प्रश्नचिन्हों के बीच सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रणाली में कड़ाई दिखाई है। इस बार 10वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों की उत्तरपुस्तिकाएं दोबारा जांची जा रही हैं।

CBSE दो बार जांचेगा उत्तरपुस्तिका, 8 साल बाद ग्रेड की जगह प्रतिशत

प्रश्नपत्र लीक होने के बाद से परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठे प्रश्नचिन्हों के बीच सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रणाली में कड़ाई दिखाई है। इस बार 10वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों की उत्तरपुस्तिकाएं दोबारा जांची जा रही हैं।

बोर्ड की ओर से किए गए बदलाव के मुताबिक कॉपियों की दो बार जांच के बाद ही रिजल्ट घोषित होगा। इस पहल से बोर्ड के रिजल्ट में गड़बड़ी पर बहुत हद तक अंकुश लग सकेगा।

सीबीएसई से संबद्ध स्कूल संचालक बताते हैं कि पिछले कई सालों से मूल्यांकन में होने वाली गड़बड़ी से बोर्ड की फजीहत होती रही है। पेपर लीक होने के बाद से सीबीएसई परीक्षा या नतीजों के संबंध में ऐसी कोई कोताही नहीं बरतना चाहता, जिससे किसी तरह का कोई विवाद खड़ा हो।

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टेबुलेशन पर फोकस

पहली बार बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया में फेरबदल करते हुए असिस्टेंट हेड एग्जामिनर्स की संख्या में भी बढ़ोतरी की है, ताकि परीक्षक के मूल्यांकन के बाद उन उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराई जा सके।

सबसे ज्यादा फोकस टेबुलेशन पर दिया जाएगा, क्योंकि अंकों को जोड़ने के दौरान सर्वाधिक गलतियां होती रही हैं। बोर्ड का मानना है कि इससे रिजल्ट आने के बाद छात्रों की ओर से दिए जाने वाले री-चेकिंग के आवेदनों का ग्राफ भी घटेगा तथा मूल्यांकन सिस्टम भी बहुत हद तक सुधरेगा।

कॉपियों के दोबारा मूल्यांकन पूर्ण होने के बाद मई के अंतिम सप्ताह में दोनों कक्षाओं के परिणाम जारी किए जाने की संभावना है।

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समाप्त हुआ सीजीपीए

8 वर्षों बाद सीबीएसई की परीक्षा प्रणाली में एक और बदलाव किया गया है। इस बार छात्रों को ग्रेड न देकर प्रतिशत दिए जाएंगे। आठ साल पहले किए गए बदलाव के बाद से छात्रों को प्रतिशत की जगह वरऑल एकेडमिक परफॉर्मेस पर सीजीपीए (कुमुलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज) यानी औसत ग्रेड बिंदु प्रदान किया जाता रहा है।

अब इसे समाप्त कर दिया गया है। दूसरे बाेर्ड की तरह सीबीएसई की मार्कशीट में भी अंकतालिका रहेगी। बोर्ड ने इस संबंध में सभी संबद्ध स्कूलों के संचालकों को सर्कुलर जारी किया है।

हालांकि इस नई व्यवस्था की जानकारी सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही दे दी थी। उस दौरान कुछ लोगों ने छात्रों पर दबाव बढ़ने की बात कहकर इसका विरोध किया था, जबकि कुछ ने छात्रों की पढ़ाई में रुझान बढ़ने की बात कहकर इस फैसले का स्वागत किया था।

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