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फिजिकल एजुकेशन प्रोफेशनल्स के क्षेत्र में बनाएं दमदार करियर

आप फिजिकल एजुकेशन से रिलेटेड प्रोफेशनल कोर्स कर फिजिकल एजुकेशन टीचर, फिटनेस इंस्ट्रक्टर या स्पोर्ट्स टीचर के तौर पर गवर्नमेंट या प्राइवेट सेक्टर में जॉब पा सकते हैं। इस बारे में डिटेल में जानिए।

फिजिकल एजुकेशन प्रोफेशनल्स के क्षेत्र में बनाएं दमदार करियर

अगर आपकी रुचि मेन स्ट्रीम एकेडमिक्स में नहीं है तो भी एजुकेशन फील्ड से जुड़कर करियर संवार सकते हैं। आप फिजिकल एजुकेशन से रिलेटेड प्रोफेशनल कोर्स कर फिजिकल एजुकेशन टीचर, फिटनेस इंस्ट्रक्टर या स्पोर्ट्स टीचर के तौर पर गवर्नमेंट या प्राइवेट सेक्टर में जॉब पा सकते हैं। इस बारे में डिटेल में जानिए।

पिछले कुछ समय से शिक्षा के साथ ही शारीरिक शिक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। इस वजह से फिजिकल एजुकेशन टीचर्स/इंस्ट्रक्टर्स की आवश्यकता बढ़ी है।

इनकी जरूरत सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों में होती है। फिजिकल एजुकेशन से संबंधित डिग्री या डिप्लोमा कंप्लीट कर आप फिजिकल एजुकेशन टीचर, फिटनेस इंस्ट्रक्टर या स्पोर्ट्स प्रोग्राम एग्जिक्यूटिव के तौर पर करियर संवार सकते हैं।

मेन कोर्सेस-कंटेंट

फिजिकल एजुकेशन में डिप्लोमा, बैचलर और मास्टर डिग्री कोर्सेस उपलब्ध हैं। डिप्लोमा कोर्स दो वर्ष का होता है। इसमें कैंडिडेट को थ्योरिटिकल नॉलेज के साथ ही फिजिकल एजुकेशन का अभ्यास और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज शामिल होती हैं।

इस कोर्स से संबंधित सिलेबस में मुख्य रूप से इंग्लिश कंपोजिशन, कार्डियोवेस्कुलर एक्सरसाइज, इंट्रोडक्शन टू फिजिकल एजुकेशन, इंट्रोडक्श्न टू एनाटॉमी और साइकोलॉजी आदि का अध्ययन शामिल होता है।

बैचलर इन फिजिकल एजुकेशन चार वर्षीय कोर्स है। इसमें मुख्य तौर से एनाटॉमी, साइकोलॉजी, एरोबिक और स्पोर्ट्स से रिलेटेड थ्योरी का अध्ययन किया जाता है। इस कोर्स के अंतर्गत थ्योरी के साथ फिजिकल एजुकेशन की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है।

मास्टर डिग्री कोर्स में कैंडिडेट की विषय से संबंधित स्किल्स को बढ़ाया जाता है। इसमें एडवांस्ड एजुकेशन टेक्नीक और थ्योरी से संबंधित अध्ययन किया जाता है। इसमें एजुकेशनल प्लानिंग, एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजी, फिटनेस एंड कम्युनिटी और न्यूट्रिशन शामिल होता है।

मास्टर डिग्री करने वाले कैंडिडेट्स इस फील्ड में उच्च पदों तक प्रमोट होने का अवसर मिल सकता है। योग्यता के आधार पर वे प्रोग्राम डायरेक्टर या प्रिंसिपल भी बन सकते हैं।

एलिजिबिलिटीज

डिप्लोमा और डिग्री कोर्स में एडमिशन के लिए कैंडिडेट का किसी भी स्ट्रीम से बारहवीं उत्तीर्ण होना जरूरी है। हालांकि किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएट कैंडिडेट फिजिकल एजुकेशन में मास्टर डिग्री कर सकते हैं। लेकिन फिजिकल एजुकेशन में बैचलर डिग्री होल्डर अगर मास्टर्स कर लें तो उनके लिए बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

ऑपर्च्युनिटी

फिजिकल एजुकेशन में शिक्षा हासिल करने वालों को गवर्नमेंट और प्राइवेट दोनों ही संस्थानों में कार्य करने का अवसर मिलता है। डिप्लोमा और ग्रेजुएशन करने वाले को स्कूल, जिम या फिटनेस सेंटर में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। वहीं मास्टर डिग्री करने वाले कैंडिडेट को सेकेंडरी स्कूल, कॉलेज, पुलिस डिपार्टमेंट, स्पोर्ट्स टीम के कोच, स्पोर्ट्स मैनेजर के तौर पर काम करने मौका मिलता है। अनुभवी होने पर फिजिकल फिटनेस डायरेक्टर, स्पोर्ट्स प्रोग्राम एडमिनिस्ट्रेटर जैसे पदों पर भी जॉब के अवसर मिल सकते हैं।

रेन्यूमरेशन

सरकारी संस्थानों में नौकरी मिलने पर कैंडिडेट को केंद्र, राज्य सरकार के वेतनमान के अनुरूप वेतन मिलता है। वहीं प्राइवेट सेक्टर में यह बहुत हद तक ऑर्गनाइजेशन पर निर्भर करता है। प्राइवेट सेक्टर में आमतौर पर शुरुआत में 15 से 30 हजार रुपए सैलरी मिलती है लेकिन जैसे-जैसे अनुभव में वृद्धि होती है, सैलरी में भी इजाफा होता है।

प्रमुख संस्थान

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र

वेबसाइट- www.kuk.ac.in

सीवी रमन यूनिवर्सिटी, बिलासपुर

वेबसाइट- www.cvru.ac.in

एलएनआईपीई, ग्वालियर

वेबसाइट- www.lnipe.edu.in

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर

वेबसाइट- www.rdunijbpin.org

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