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Fashion Designing में अपने करियर को दें नई उड़ान, होगी अलग पहचान

आज के समय में फैशन डिजाइनर की मांग अधिक बढ़ती जा रही है। फैशन डिजाइनिंग (Fashion Designing) को सबसे अधिक रोमांचक और डिमांडिंग करियर में गिना जाने लगा है।

Fashion Designing में अपने करियर को दें नई उड़ान, होगी अलग पहचान

आज के समय में फैशन डिजाइनर की मांग अधिक बढ़ती जा रही है। फैशन डिजाइनिंग (Fashion Designing) को सबसे अधिक रोमांचक और डिमांडिंग करियर में गिना जाने लगा है।

फैशन डिजाइनर अपनी कला से कपड़ों को आकर्षक डिजाइनिंग और स्टाइलिस्ट बना देते हैं। फैशन डिजाइनिंग में आप भी अपना करियर बना चाहते है तो आज हमारे करियर एक्सपर्ट आपको बताएंगे।

अगर आप भी बनना चाहते हैं चार्टर्ड अकाउंट, तो इन स्टेप्स को फॉलो कर करें तैयारी, जानें पूरा प्रोसेस

सवाल - मेरी फैशन डिजाइनिंग और इंटीरियर डिजाइनिंग दोनों में रुचि है। मैं समझ नहीं पा रही हूं कि किसमें करियर बनाना अच्छा रहेगा? कृपया मुझे उचित गाइडेंस दें। -हिमांशी नेगी

उत्तर - इंटीरियर डिजाइनिंग घर और कार्यालयों को सुसज्जित करने की विधा है, जबकि फैशन डिजाइनिंग के तहत विभिन्न तरह के कपड़ों की डिजाइनिंग होती है। अब आप यह देखें कि इन दोनों में से कौन आपको सबसे अधिक लुभाता है। दोनों में ही क्रिएटिविटी और इनोवेशन के कमाल से न सिर्फ अपने करियर को आगे बढ़ाया जा सकता है, बल्कि अपनी अलग पहचान भी बनाई जा सकती है। अगर ड्रेसेस की नई डिजाइनिंग आकर्षित करती है, तो बेहतर होगा कि इससे संबंधित कोर्स करके खुद को इसमें आगे बढ़़ाएं।

सवाल - मैं इंटर पीसीएम से कर रहा हूं। मैं यह जानना चाहता हूं कि देश की बड़ी-बड़ी पेट्रो कंपनीज, जैसे-एचपीसीएल, ओएनजीसी, इंडियन ऑयल आदि में जॉब कैसे मिलती है? इसके लिए मैं किस तरह की पढ़ाई करूं? -रमीज, ईमेल से

उत्तर - सार्वजनिक क्षेत्र की तेल और गैस कंपनियों में ज्यादातर नियुक्तियां इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट बैकग्राउंड के लोगों की होती है। अगर इंजीनियरिंग में रुचि है, तो अपनी पसंद के ब्रांच में कम से कम बीटेक करने के बाद इन कंपनियों की ओर से निकाली जाने वाली रिक्तियों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

वहीं अगर मैनेजमेंट सेक्टर में जाना चाहते हैं, तो आपको एमबीए या पीजीडीएम करना होगा। एक विकल्प यह भी है कि आप बीटेक करने के बाद एमबीए/पीजीडीएम कर लें। इससे आपकी वैल्यू और विकल्प दोनों बढ़ जाएंगे। इसके जरिए एक बार नियुक्ति हो जाने के बाद आपके लिए तरक्की की सीढ़ियां चढ़ना आसान हो जाएगा।

सवाल - मेरे एक पैर पर पोलियो का असर है। मैं बीकॉम कर रहा हूं और रेलवे में जॉब करना चाहता हूं। इस दिव्यांगता के बाद भी क्या मुझे रेलवे में जॉब मिल सकती है? -श्याम जी, सीहोर

उत्तर - दिव्यांग लोगों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें प्रयासरत हैं। यही कारण है कि उनके लिए नौकरियों में आरक्षण होता है। भारतीय रेलवे में फील्ड/लाइन जॉब को छोड़कर तमाम ऐसी जॉब्स हैं, जिनमें आप बिना किसी परेशानी के काम कर सकते हैं। इसमें क्लर्क, स्टेनो, बुकिंग क्लर्क जैसे पदों पर आरआरबी द्वारा नियमित रूप से और बड़े पैमाने पर भर्तियां होती हैं।

आप समाचार पत्रों और आरआरबी की वेबसाइट पर नजर रखें और रिक्तियां निकलने पर आवेदन करें। बेशक इन नौकरियों में आपको आरक्षण का लाभ मिलेगा, पर यथाशक्ति आप संबंधित प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर उसे अपने दम पर क्वालिफाई करने की हिम्मत रखें। हौसला रखेंगे, तो कामयाबी अवश्य मिलेगी।

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सवाल - मैं इंटर कॉमर्स से कर रहा हूं। मैं यह जानना चाहता हूं कि सीए और सीडब्ल्यूए में से क्या करना ठीक रहेगा? किसमें जल्दी और अच्छी जॉब मिलेगी? - करन साहू, कोरिया

उत्तर - सीए यानी चार्टर्ड अकाउंटेंट जहां कंपनियों की बैलेंस शीट का हिसाब-किताब देखते हैं, वहीं सीडब्ल्यूए यानी कॉस्ट एंड वर्क अकाउंटेंट कंपनियों के मर्जर, इंवेस्टमेंट, डिसइंवेस्टमेंट, विस्तार आदि में भूमिका निभाते हैं।

ऐसे में पहले आपको अपनी रुचि देखनी होगी। अगर आपकी रुचि अकाउंटेंसी, बैलेंस शीट आदि में है, तो इसमें आपको जल्दी नौकरी भी मिल सकती है और कुछ अनुभव और नेटवर्किंग हो जाने के बाद आप स्वतंत्र रूप से भी काम कर सकते हैं। सीडब्ल्यूए के रूप में नौकरियां अपेक्षाकृत कम होती हैं। फिर भी अगर आप इसमें रुचि रखते हैं, तो इसमें कंपनियों के बोर्ड रूम का हिस्सा बनने और ऊंचाई पर पहुंचने के कहीं ज्यादा अवसर होते हैं।

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