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Career Advice: एमबीबीएस करने के बाद चुन सकते हैं स्पेशलाइजेशन

12वीं के बाद विद्यार्थियों के मन में करियर को लेकर कई सवाल होते हैं। वो सोचते है कि कौन सी स्ट्रीम चुन, किस प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में प्रवेश या फिर पारंपरिक डिग्री ले लें। इन बातों को लेकर छात्र काफी परेशान रहते हैं।

Career Advice: एमबीबीएस करने के बाद चुन सकते हैं स्पेशलाइजेशन

12वीं के बाद विद्यार्थियों के मन में करियर को लेकर कई सवाल होते हैं। वो सोचते है कि कौन सी स्ट्रीम चुन, किस प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में प्रवेश या फिर पारंपरिक डिग्री ले लें। इन बातों को लेकर छात्र काफी परेशान रहते हैं।

यदि आपने मेडिकल साइंस से 12वीं पास करने के बाद कोर मेडिकल कोर्सेज में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। मेडिकल साइंस के फिल्ड में एमबीबीएस अंडरग्रेजुएट डिग्री या फर्स्ट प्रोफेशनल डिग्री है।

छात्र को अपना करियर चुनते समय उपनी रुचि और क्षमता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आज हमारे करियर एडवाइजर बताएंगे की आपकी पढ़ाई और रुचि के अनुसार आपको अपना करियर किस फिल्ड में बनाना चाहिए।

सवाल - मैं इंटर बायो से कर रहा हूं। हार्ट स्पेशलिस्ट बनना चाहता हूं। इसके लिए मुझे क्या और कैसे करना होगा? डिटेल में बताएं। -अभिनव निगम, सीहोर

जवाब - हार्ट स्पेशलिस्ट बनने के लिए आपको सबसे पहले एमबीबीएस करना होगा। इसके लिए इंटर (बायो) के आधार पर नीट (एनईईटी) यानी नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट देना होगा, जिसका आयोजन (2019 से) नवगठित एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) द्वारा किया जाएगा।

इस परीक्षा को क्वालिफाई करने के बाद आपको सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) कोर्स में प्रवेश मिलेगा।

एमबीबीएस के बाद आप अपने स्पेशलाइजेशन (जैसे हार्ट स्पेशलिस्ट) वाले विषय में एमडी/एमएस (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन/डॉक्ट ऑफ सर्जरी) कर सकते हैं। इसके बाद सरकारी या निजी अस्पतालों या फिर स्वतंत्र रूप से डॉक्टर के रूप में कार्य कर सकते हैं।

सवाल - मैं बीए कर रहा हूं। यह जानना चाहता हूं कि यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा और एसएससी की तैयारी क्या एक साथ कर सकता हूं? इसके लिए किस तरह से स्ट्रेटेजी बनाई जानी चाहिए? -गौरव सिंह, भोपाल

जवाब - हालांकि सिविल सेवा परीक्षा और एसएससी एग्जाम का पैटर्न काफी हद तक अलग है, लेकिन अगर आप अपने समय को सही तरीके से मैनेज कर सकें, तो बेशक दोनों परीक्षाओं की तैयारी साथ-साथ की जा सकती है। बेहतर होगा कि आप अपनी डेली रूटीन में पढ़ाई के समय को अपनी तैयारी की जरूरत के हिसाब से बांट लें और फिर उसके आधार पर नियमित रूप से अध्ययन पर ध्यान दें।

भटकाव से बचते हुए एक बार में एक ही परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। वैसे सामान्य अध्ययन की तैयारी का लाभ आपको दोनों ही परीक्षाओं में मिल सकता है। बेशक दोनों में उत्तर देने का तरीका अलग है, पर अगर आपकी धारणा स्पष्ट होगी, तो आप किसी भी प्रारूप में अपने उत्तर को अच्छी तरह से प्रस्तुत कर सकेंगे।

सवाल - मैं बीएफए करना चाहता हूं। कृपया बताएं कि इसके लिए कौन-से कॉलेज अच्छे हैं। इसके बाद मुझे किस तरह की नौकरी मिल सकती है? -हेमंत रोहिल्ला, कुरुक्षेत्र

जवाब - बीएफए कोर्स तकरीबन हर विश्वविद्यालय में उपलब्ध है। इसके बाद अगर आप इलस्ट्रेशन, कैरिकेचर, पोर्ट्रेट आदि बनाने में महारत हासिल कर लें और इन सभी कामों को कंप्यूटर के जरिए करना सीख लें, तो फिल्म, टीवी, अखबार, मैगजीन आदि में आसानी से नौकरी हासिल कर सकते हैं।

अगर रुचि हो तो खुद को कार्टूनिस्ट के रूप में डेवलप करके प्रसिद्धि और पैसा हासिल कर सकते हैं। हां, इसके लिए आपको देश-दुनिया के समाचारों पर पैनी नजर रखनी होगी और रेखाचित्रों के जरिए अपनी बात धारदार तरीके से कहने का अभ्यास करना होगा।

सवाल - मैं काउंसलर बनना चाहती हूं। मुझे लोगों से बातचीत करने, उनकी दिक्कतें सुनने और उनका समाधान करने में काफी रुचि है। इसके लिए मुझे बारहवीं के बाद क्या करना चाहिए? इसमें मुझे भविष्य में किस तरह के अवसर मिल सकते हैं? -भावना

जवाब - काउंसिलिंग में भी अब कई अलग-अलग विधाएं हो गई हैं, जैसे-करियर काउंसिलिंग, रिलेशनशिप काउंसिलिंग, मोटिवेशनल काउंसिलिंग, किड्स काउंसिलिंग, साइकोलॉजिकल काउंसिलिंग आदि। आप इनमें से खुद को जिस विधा में आगे बढ़ाना चाहती हैं, उससे संबंधित पढ़ाई करने के अलावा संबंधित क्षेत्र में सामाजिक-मनोवैज्ञानिक नजरिया भी विकसित करना होगा।

करियर काउंसलर बनने के लिए उच्च शिक्षा हासिल करने के अलावा पारंपरिक के साथ-साथ नई करियर संभावनाओं के बारे में भी गहन जानकारी रखनी होगी। हर स्टूडेंट की रुचि अलग होती है। ऐसे में एक ही तरीके की सलाह हर किसी को नहीं दी जा सकती। रुचि और प्रवृत्ति को समझ कर ही सलाह दी जानी चाहिए।

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