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Board Exam Tips : 10वी-12वीं के छात्र इस प्लानिंग से करें तैयारी, 100 फीसदी मिलेगी सफलता

10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम का अलार्म बज चुका है। ऐसे में कुछ स्टूडेंट्स को इसको लेकर टेंशन और एंग्जाइटी फील होने लगती है।

Board Exam Tips : 10वी-12वीं के छात्र इस प्लानिंग से करें तैयारी, 100 फीसदी मिलेगी  सफलता

Board Exam :

10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा (10th 12th Board Exam) का अलार्म बज चुका है। ऐसे में कुछ स्टूडेंट्स (Students) को इसको लेकर टेंशन और एंग्जाइटी फील होने लगती है। लेकिन आप कुछ बेसिक बातों पर ध्यान दें तो काफी हद तक बोर्ड परीक्षा (Board Exam) एंग्जाइटी से निजात पाकर बेहतर परफॉर्म कर सकते हैं। बोर्ड एग्जाम (Board Exam) में बेहतर परफॉर्मेंस के लिए स्टडी प्लानिंग को सही रखना जरूरी है। इस बारे में हम दे रहे हैं यूजफुल सजेशंस।

एग्जाम फेस करना ही होगा

एक बात आपको अच्छी तरह समझनी होगी कि आप चाहे जितना भी डरें या कतराएं लेकिन किसी भी तरह के एजुकेशन में एग्जाम तो फेस करना ही पड़ेगा। इस बात को आप जितनी जल्दी समझ लेंगे और मान लेंगे, उतनी ही जल्दी एग्जाम फोबिया से उबरने में सक्षम हो जाएंगे। सच तो यह है कि एग्जाम और टेस्ट न हों तो आप कभी न अपना बेस्ट दे पाएंगे और न ही आगे की ओर बढ़ पाएंगे। इसलिए समझ लें कि अच्छी परफॉरमेंस और प्रोग्रेस के लिए एग्जाम कंपल्सरी है।

कॉन्सेप्ट करें क्लियर

बिना समझे कोई भी सब्जेक्ट रटेंगे तो भूलने के चांस बहुत ज्यादा रहेंगे। साथ ही यह पढ़ाई आगे की लाइफ के लिए कभी यूजफुल नहीं रहेगी। इसके अलावा अगर आपने विषय को समझे बगैर प्रश्नोत्तर रटे हैं, तो एग्जामिनर के जरा सा घुमा-फिरा कर प्रश्न पूछते ही आप उसमें उलझ जाएंगे। इसलिए जितना भी पढ़ें विषय को समझकर पढ़ें और कॉन्सेप्ट को क्लीयर करें। एक बार आपने कॉन्सेप्ट समझ लिया तो फिर कितना भी उलझाऊ प्रश्न हो उत्तर आसानी से दे देंगे। इसीलिए स्कूल में होने वाले मंथली टेस्ट, हाफईयरली टेस्ट और प्री-बोर्ड टेस्ट में शामिल होना फायदेमंद होता है।

जरूर करें राइटिंग प्रैक्टिस

किसी भी विषय को सिर्फ पढ़-पढ़कर और मन ही मन दोहराकर याद करने की पद्धति पर निर्भर न हों। पढ़ने और याद करने का सही तरीका जरा मेहनत वाला है। पहले चैप्टर पढ़ें फिर प्रश्नोत्तर याद करें। इसके बाद इन्हें लिखकर भी देखें कि आप कितना फीसदी सही लिख लेते हैं, कहां चूक होती है और एक प्रश्न का उत्तर कितनी देर में लिख लेते हैं। एग्जाम हॉल में ये सारी बातें मैटर करती हैं, इसलिए आपकी तैयारी आधी-अधूरी नहीं कंप्लीट होनी चाहिए। दिन भर में कम से कम दो-ढाई घंटे लिखने का अभ्यास जरूर करें। कई बार लिखने का अभ्यास नहीं होने पर तीन घंटे में स्टूडेंट एग्जाम हॉल में सभी उत्तर नहीं लिख पाते हैं।

रूटीन रहे सही

कई स्टूडेंट्स एग्जाम से कुछ समय पहले अत्यधिक जोश में आकर एकदम टाइट रूटीन बना लेते हैं, जो दिखने में आदर्शवादी होता है लेकिन व्यावहारिक रूप से मुश्किल होता है। सुबह 5 बजे उठना और रात को 11 बजे सोना। इस बीच वे न तो ढंग से खेलने या मनोरंजन का समय रखते हैं, न खाने-पीने का समुचित समय। नतीजतन यह रूटीन पहले ही दिन ध्वस्त हो जाता है। हमेशा पढ़ने का प्रॉपर रूटीन बनाएं और उसका शिद्दत से पालन करें। इस रूटीन में आराम करने और खाने-पीने का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए।

पहचानें अपना एनर्जी टाइम

आपको सही ढंग से पढ़ना हो तो उस वक्त की पहचान करें, जब आप सबसे ज्यादा एनर्जेटिक और लाइट मूड में होते हैं। कई स्टूडेंट्स सुबह सवेरे टफ चीजें पढ़ना पसंद करते हैं, तो कई देर रात को। आप भी अपना वक्त पहचानें और कठिन विषयों की पढ़ाई एनर्जी आवर्स में करें। इससे आप बेहतर ढंग से पढ़ पाएंगे।

बॉक्स बना सकते हैं लेकिन जरूरी नहीं है

इन पर भी दें ध्यान

-एग्जाम से पहले का अधिकांश समय, सभी सब्जेक्ट्स को रिवाइज करने में यूज करें।

-जिन चैप्टर्स और सवालों को टीचर ने इंपॉर्टेंट बताया है, उन्हें अच्छी तरह तैयार करें।

-अनसॉल्व पेपर या मॉडल पेपर्स सॉल्व करने से आपको काफी फायदा हो सकता है।

- एग्जाम में किसी सवाल के सही जवाब के साथ उसे सही तरीके से लिखना भी जरूरी होता है। इसलिए किस सवाल का उत्तर किस तरह से देना सही होगा, इस बारे में टीचर से डिसकस जरूर कर लें।

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