Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

टॉपर्स सजेशन: जानिए एम्स पी.जी में एडमिशन की पूरी प्रक्रिया

चिकित्सा क्षेत्र हमेशा से सम्मान की नजर से देखा जाने वाला क्षेत्र है क्योंकि यहां लोगों को सेवा द्वारा स्वस्थ किया जाता है।

टॉपर्स सजेशन: जानिए एम्स पी.जी में एडमिशन की पूरी प्रक्रिया

चिकित्सा क्षेत्र हमेशा से सम्मान की नजर से देखा जाने वाला क्षेत्र है क्योंकि यहां लोगों को सेवा द्वारा स्वस्थ किया जाता है। देश भर के ऐसे अनेक संस्थान हैं जहां लोगों को उत्तम तरीके के स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। हमारे देश में ऐसा ही एक संस्थान है एम्स। वास्तव में एम्स एक ऐसा स्वास्थ्य संस्थान है जहां देश भर से मेडिकल के छात्र-छात्राएं अपना नामांकन पाना चाहते हैं, लेकिन सफलता कुछ को ही प्राप्त हो पाती है।

एम्स में नामांकन पाने के लिए मेहनत तो सभी करते हैं लेकिन कामयाबी सभी को नहीं मिलती। इसलिए यहां हम आपको ऐसे ही कुछ छात्रों के विचार से आपको रूबरू करा रहे हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से न सिर्फ मेडिकल की परीक्षा पास की बल्कि पी.जी. की पढ़ाई के लिए एम्स जैसे संस्थान में अपना स्थान सुरक्षित भी कर लिया।

एम्स पीजी के बारे में और जानने के लिए यहां क्लिक करें

एम्स पी.जी. के टापर्स

अभी हाल ही में एम्स दिल्ली, भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, रायपुर और ऋषिकेश के पी.जी. सीटों के परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया है। दिल्ली एम्स में अर्चना शशि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस परीक्षा में दूसरे स्थान पर दल्ली तथा तीसरे स्थान पर भी एम्स दिल्ली के छात्र ही चयनित किए गए हैं। विष्णु प्रसाद ने दूसरा स्थान एवं शुभम अग्रवाल तीसरे स्थान पर रहे।इस परीक्षा में राउरकेला के विवेक महंती ने अखिल भारतीय स्तर पर 25वां एवं ओड़िशा राज्य के निवासी के तौर पर श्रेष्ठ स्थान पाया है। उत्तराखंड के ऋतिशक ने भी अपने राज्य के लिए प्रथम स्थान प्राप्त कर माता-पिता का नाम रोशन किया है।

दरअसल मेडिकल के विद्यार्थी दिन-रात अध्ययन करते हैं ताकि उन्हें एम्स जैसे विश्वस्तरीय स्वास्थ्य संस्थान में अध्ययन करने का मौका मिले और वे उत्कृष्ट एवं अत्याधुनिक तकनीक के बारे में जानने के साथ-साथ अनुभवी शिक्षकों से ज्ञान प्राप्त कर एक योग्य चिकित्सक बन सकें और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपना और अपने परिवार का नाम देश भर में रोशन कर पाएं।इसलिए आपके मार्गदर्शन के लिए नीचे कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई जा रही हैं जिसका पालन कर आप भी अपने लक्ष्य को आसानी से पा सकते हैं। सबसे अच्छी बात तो यह है कि नीचे उल्लेखित बातें एम्स पी.जी. परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों ने ही बताए हैं-

पहले भौतिकी का अध्ययन को पूरा करें

आपको सबसे पहले भौतिकी की पढ़ाई पूरी करनी चाहिए। पढ़ाई के दौरान आपको किसी भी तरह का डाउट्स मिले तो उसे अपने शिक्षक से हल कर लें। आखिरी मौके पर केवल प्रश्नों की प्रैक्टिस और फॉर्मूला ही रिवाइज करें। अपने मस्तिष्क को स्थिर रखें।

रसायन की तैयारी के लिए नोट्स बनाएं

रसायन विषय की तैयारी भी इस परीक्षा के लिए बहुत अधिक अहमियत रखती है। इसके लिए आपको सबसे पहले इस विषय का नोट्स बनाना चाहिए और नोट्स बनाने के बाद तैयारी शुरू करनी चाहिए।

बायोलॉजी का लगातार अध्ययन है जरूरी

जीव विज्ञान का अध्ययन करते समय आपको लगातार पढ़ाई करते रहना जरूरी है क्योंकि जीव विज्ञान ऐसा विषय है जिसकी पढ़ाई एक साथ नहीं कर थोड़ा-थोड़ा रोज करना चाहिए। इसे कभी भी आप रसायन विषय की तरह नोट्स बनाकर पूरा नहीं कर सकते। इसके लिए आपको जीव विज्ञान विषय की किताब के पेज को अपने अध्ययन के दिनों के अनुसार बराबर-बराबर भागों में बांट लेना चाहिए और प्रत्येक दिन के अनुसार पेज का पूर्ण रूप से अध्ययन करना चाहिए तथा हर हप्ते रिवाइज भी करना चाहिए।

हमेशा सकारात्मक सोचें

लक्ष्य किसी भी तरह का हो। उसे आसानी से हासिल करने का सबसे बेहतर तरीका है सकारात्मक सोचना। सकारात्मक सोच से व्यक्ति बुरे से बुरे हालात या खराब से खराब परिस्थिति पर भी काबू पा सकता है।इस ऊच्च स्तर की पढ़ाई के लिए सकारात्मक सोच का होना अति आवश्यक है। इसलिए एम्स जैसे संस्थान तक पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले अपनी सोच को सही रखें और अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रखना चाहिए।

जितना अध्ययन करें, सही दिशा में करें

अध्ययन एक मेहनत जैसी चीज है। थोड़ी-सी पढ़ाई करने के बाद ही छात्रों का मन पढ़ाई से उठने लगता है, लेकिन वास्तव में आपको अधिक मेहनत करनी चाहिए। एम्स जैसे संस्थान में स्थान प्राप्त करने के लिए आपको अन्य अभ्यर्थियों से बेहतर बनकर दिखाना होगा। इसके लिए आपको बहुत अधिक धैर्य रखने की जरूरत होती है। खासकर चिकित्सकीय क्षेत्र में पी.जी. स्तर की पढ़ाई के लिए विकसित मस्तिष्क के साथ धैर्य का होना बहुत जरूरी है। अगर सही दिशा में धैर्यपूर्वक अध्ययन किया जाए तो सफलता मिलनी निश्चित है।

असफलता से नहीं घबराएं

कोई भी छात्र अपनी मेहनत से अपनी किस्मत को उज्जवल बना सकता है। इसलिए आपको लगातार कोशिश करते रहना चाहिए और हार नहीं माननी चाहिए। मान लीजिए कि यदि आप किसी एक परीक्षा में असफल भी हो गए हों तो उसमें हुई गलतियों को सुधारते हुए अगली परीक्षा की तैयारी में पूरी तरह से लग जाएं। असफलता से नहीं घबराएं।

गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री

अभ्यर्थी को अध्ययन करने के लिए गुणवत्तापूर्व अध्ययन सामग्री का चयन करना चाहिए। चिकित्सकीय संस्थान में व्यक्ति का कार्य हमेशा लोगों की जीवन की रक्षा करना और सेवा करना है। इसलिए आप क्या पढ़े रहे हैं उसका सही होना आवश्यक है। आपको गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री का चयन करना जरूरी होता है। इसके लिए आप अपने से वरिष्ठ छात्र के साथ शिक्षक अथवा कोचिंग संस्थान से सहायता पा सकते हैं।

समय से सोएं औरसमय से जागें

ज्यादातर छात्र की सोच होती है कि 18 या 12 घंटे पढ़कर सही अंक लाया जा सकता है लेकिन सच यह है कि पढ़ाई के लिए घंटे मायने नहीं रखते, बल्कि आपने क्या पढ़ा और कितना सही पढ़ा है यह जरूरी होता है।

मस्तिष्क को रखें एकाग्रचित

अपने दिमाग को दुरुस्त रखने के लिए आपको हर रोज सुबह कम से कम आधा घंटा योगा या अन्य ऐसे मेडिटेशन कार्य करना चाहिए। रात में दो से तीन बजे जागने से अच्छा है कि आप रात में जल्दी सो जाएं और सुबह जल्दी जागकर पढ़ाई करें।

आशा है कि एम्स पी.जी. परीक्षा पास करने वाले अनेक छात्रों के इन महत्वपूर्ण विचारों से आप भी प्रेरणा लेंगे और आप भी एम्स पी.जी. की परीक्षा अपने मन के मुताबिक अंकों के साथ पास कर एक योग्य चिकित्सक के रूप में स्थापित होंगे तथा अपने मंजिल को पाकर अपना और अपने परिवार के साथ देश का नाम रोशन करेंगे।

Next Story
Share it
Top