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AICTE तकनीकी शिक्षा में कर सकती है ये जरूरी बदलाव

अगले शैक्षणिक सत्र से इंजीनियरिंग छात्रों का विशेष रोजगार टेस्ट किया जाएगा।

AICTE तकनीकी शिक्षा में कर सकती है ये जरूरी बदलाव

इंजीनियरिंग छात्रों में बेरोजगारी के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए AICTE ने नई पहल की है। अगले शैक्षणिक सत्र से इंजीनियरिंग छात्रों का विशेष रोजगार टेस्ट किया जाएगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने इंजीनियरिंग कालेजों से कहा है कि वे तीसरे या चौथे साल में छात्रों की इंप्लायबिलिटी (रोजगार क्षमता) टेस्ट करें।

अब ऑनलाइन होंगे टेस्ट

AICTE ने इसके लिए चार ऐसी एजेंसियों से समझौते किए हैं जो विदेशों में इस प्रकार का टेस्ट करती हैं। इसमें यह देखा जाएगा कि इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने वाला छात्र फील्ड में रोजगार के योग्य है अथवा नहीं। कमी होने पर उसे दूर करने विशेष योजना तैयार की जाएगी। हालांकि कॉलेजों के लिए अभी इसे अनिवार्य नहीं किया गया है। ये टेस्ट ऑनलाइन ही होंगे। पहली बार तकनीकी शिक्षा के लिए पर्सपेक्टिव प्लान भी बनाया जा रहा है।

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सिलेबस में होंगे जरूरी बदलाव

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन पाठ्यक्रमों और तकनीकी संस्थानों में खाली रह जाने वाली खाली सीटों का विश्लेषण वर्ष 2030 तक की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए करेगी। जब यह अध्ययन पूरा हो जाएगा, तब इंजीनियरिंग और एमबीए के सिलेबस और पाठ्यक्रम में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।

भविष्य में इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना बनाई जाएगी, ताकि तकनीकी कोर्स करने वाले छात्रों को प्लेसमेंट और रोजगार के अधिक मौके मिल सके। यह प्लान इंजीनियरिंग के साथ मैनेजमेंट और आर्किटेक्चर जैसे कई तकनीकी कोर्स के लिए बनाया जा रहा है।

इंग्लिश के लिए स्पेशल क्लासेज

AICTE के अनुसार कुछ कोर्स आउटडेटेड हो गए हैं, जिनमें कोई दाखिला लेना नहीं चाहता। ऐसे पाठ्यक्रमों की पहचान कर उन्हें बंद किया जाएगा। साथ ही नियुक्त की जाने वाली विशेष कमेटी तेजी से बदल रही तकनीक और पाठ्यक्रम पर इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया पर भी शोध करेगी, जिससे सिलेबस को बेहतर और बाजार के अनुकूल बनाने में मदद मिल सके। छात्रों की कम्यूनिकेशन स्किल सुधारने अगले सत्र से उनके लिए इंग्लिश की स्पेशल कक्षाएं भी लगाए जाने की तैयारी है।

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