मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय शेयर बाजार में बड़ी तेजी की संभावना है। सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक 95,000 तक पहुंच सकता है। जानिए बाजार क्यों अंडरवैल्यूड माना जा रहा है, क्या हैं जोखिम और निवेशकों के लिए आगे क्या रणनीति हो सकती है।

मुंबई। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बड़ा अनुमान जताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में सेंसेक्स में मजबूत उछाल देखने को मिल सकता है। फर्म का मानना है कि दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 95,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। यह मौजूदा स्तर से करीब 20-22% की संभावित बढ़त को दर्शाता है। हालांकि वैश्विक जोखिम अभी भी बने हुए हैं, लेकिन भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत बताई गई है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि बाजार में आगे अवसर बन सकते हैं।

बुरा दौर अब पीछे छूटा 
रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के समय में बाजार कई नकारात्मक घटनाओं से गुजर चुका है। इनमें वैश्विक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और विदेशी निवेश का दबाव शामिल है। इसके बावजूद बाजार अब स्थिर होता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब खबरों का असर काफी हद तक कीमतों में शामिल हो चुका है। इससे निवेशकों के लिए जोखिम और रिटर्न का संतुलन बेहतर हुआ है। यानी आगे की दिशा में तेजी की संभावना बन रही है।

वैल्यूएशन नीचे, कम कीमत में मौका 
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारतीय शेयर अभी ऐतिहासिक रूप से सस्ते स्तरों के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। पिछले 12 महीनों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है, जिससे वैल्यूएशन नीचे आया है। हालांकि कंपनियों की कमाई में स्थिरता बनी हुई है। यह स्थिति बताती है कि फंडामेंटल मजबूत हैं, लेकिन कीमतें अभी पीछे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत का वैश्विक मुनाफे में हिस्सा बढ़ा है। फिर भी शेयर बाजार में इसका पूरा असर नहीं दिख रहा है।

सोने के मुकाबले सेंसेक्स सस्ता 
एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि सेंसेक्स सोने के मुकाबले सस्ता दिखाई दे रहा है। ऐतिहासिक रूप से जब भी ऐसा हुआ है, बाजार में आगे अच्छी तेजी देखी गई है। इस संकेत को निवेशकों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि बाजार अभी अंडरवैल्यूड स्थिति में हो सकता है।
ऐसे समय में लंबी अवधि के निवेशक अवसर तलाशते हैं। विशेषज्ञ इसे संभावित रैली का शुरुआती संकेत मान रहे हैं।

कितना ऊपर-नीचे जा सकता है बाजार 
मॉर्गन स्टेनली ने सेंसेक्स के लिए तीन संभावित परिदृश्य बताए हैं। पहले यानी बेस केस में 50% संभावना के साथ सेंसेक्स 95,000 तक पहुंच सकता है। दूसरे यानी बुल केस में 30% संभावना के साथ यह 1,07,000 तक जा सकता है। जबकि नकारात्मक स्थिति में 20% संभावना के साथ यह 76,000 तक गिर सकता है। इससे साफ है कि बाजार में जोखिम और अवसर दोनों मौजूद हैं। निवेशकों को अपने निवेश निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए।

कमाई में तेजी से मिलेगा सपोर्ट 
रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों की आय (ईपीएस) में लगातार सुधार की उम्मीद है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2028 तक कंपनियों की कमाई करीब 17% की दर से बढ़ सकती है। यह बाजार की मजबूती के लिए एक अहम कारक माना जाता है। इसके साथ ही नीतिगत स्थिरता और आर्थिक ग्रोथ भी सपोर्ट दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन वजहों से वैल्यूएशन लंबे समय तक मजबूत रह सकते हैं। कुल मिलाकर, भारतीय बाजार के लिए आने वाला समय सकारात्मक नजर आ रहा है।