फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने 200 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी AI प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने के लिए अपने ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव कर रही है।

Meta Layoffs 2026: फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने एक बार फिर अपने कार्यबल में कटौती का फैसला किया है। कंपनी लगभग 200 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी कर रही है। यह छंटनी मुख्य रूप से अमेरिका की सिलिकॉन वैली स्थित टीमों को प्रभावित करेगी, जिनमें बर्लिंगम और सनीवेल के दफ्तर शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, छंटनी की यह प्रक्रिया मई के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। मेटा का यह कदम कंपनी के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा बताया जा रहा है।

AI भविष्य के लिए बदला जा रहा स्ट्रक्चर
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग कंपनी को 'AI-फर्स्ट' बनाने पर जोर दे रहे हैं। इस बदलाव का उद्देश्य केवल नौकरियों में कटौती करना नहीं है, बल्कि पूरे ऑर्गेनाइजेशन चार्ट को फिर से तैयार करना है। कंपनी अब ऐसे स्ट्रक्चर की ओर बढ़ रही है जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम किया जा सके। इसके लिए पुरानी पदक्रम व्यवस्था (Hierarchy) को खत्म कर टीमों को नए सिरे से संगठित किया जा रहा है।

मिडिल मैनेजमेंट के पदों पर गिरी गाज
इस रीस्ट्रक्चरिंग का सबसे बड़ा असर पारंपरिक मिडिल मैनेजमेंट के पदों पर पड़ा है। मेटा अब पुराने मैनेजर पदों को खत्म कर नए टाइटल जैसे 'AI बिल्डर', 'पॉड लीड' और 'ऑर्ग लीड' पेश कर रही है। कंपनी अब ऐसे लीडर्स की तलाश में है जो केवल आदेश न दें, बल्कि खुद भी तकनीक के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। पिछले साल के मुकाबले मेटा ने मिड-लेवल मैनेजमेंट की भर्ती में 12 प्रतिशत से ज्यादा की कमी की है।

तकनीकी कौशल और नवाचार पर जोर
मेटा की इस रणनीति से स्पष्ट है कि कंपनी अब उन लोगों को प्राथमिकता दे रही है जो तकनीक के साथ सीधे जुड़कर काम कर सकें। नए पदों पर बैठने वाले लोग न केवल टीम मैनेज करेंगे, बल्कि जेनरेटिव AI, वर्चुअल रियलिटी (VR) और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों में तकनीक विकसित करने में भी मदद करेंगे। कंपनी का मानना है कि मैनेजमेंट को छोटा और सुव्यवस्थित करने से नवाचार (Innovation) की गति बढ़ेगी।

पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए बड़ा संकेत
मेटा में हो रहे इन बदलावों ने पूरी टेक इंडस्ट्री को एक कड़ा संदेश दिया है। गैर-तकनीकी कर्मचारियों और पारंपरिक प्रबंधकों के लिए तकनीकी दुनिया में बने रहना अब चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेटा की तर्ज पर अन्य बड़ी टेक कंपनियां भी भविष्य में AI-केंद्रित बदलाव कर सकती हैं। मेटा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह नवाचार के लिए बड़े दांव खेल रही है, भले ही इसके लिए उसे अपने पुराने वर्कफोर्स मॉडल को बदलना पड़े।