नीता अंबानी और मुकेश अंबानी ने अपने आवास पर हिलेरी क्लिंटन का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोस्ती और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के इस खास आयोजन में सितार वादन, गुलाबी मीनाकारी और सोजनी कढ़ाई जैसी भारतीय पारंपरिक कलाओं की मनमोहक झलक देखने को मिली।

Ambani Family Welcome Hillary Clinton: मुंबई जलवायु सप्ताह 2026 के व्यस्त कार्यक्रमों के बीच, व्यापार और कूटनीति से इतर एक ऐसी शाम सजी जहां भारतीय संस्कारों की महक पूरी दुनिया ने महसूस की। नीता और मुकेश अंबानी ने अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला हिलेरी क्लिंटन का अपने निवास 'एंटीलिया' में भव्य और आत्मीय स्वागत किया। यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि 'अतिथि देवो भवः' के उस शाश्वत मंत्र का जीवंत स्वरूप थी, जिसने वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति का मस्तक ऊंचा किया।

पूजा अनुष्ठान और सितार की दिव्य धुन
27 मंजिला भव्य 'एंटीलिया' उस शाम भक्ति और संगीत के रस में डूबा नजर आया। हिलेरी क्लिंटन की इस यात्रा की शुरुआत एक विशेष पूजा अनुष्ठान से हुई। सफेद संगमरमर के फर्श, चांदी के नक्काशीदार दरवाजे और नंदी स्तंभों से सजे दिव्य पूजा कक्ष में पुजारियों के मंत्रोच्चार ने वातावरण को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। जैसे ही क्लिंटन ने प्रवेश किया, कुशल वादकों ने सितार पर ‘अतिथि देवो भव’ की धुन छेड़ दी, जिसकी स्वयं नीता अंबानी ने मुक्त कंठ से सराहना की। दोनों सहेलियों ने रत्नजड़ित राधा-कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष हाथ जोड़कर प्रार्थना की।

'स्वदेश' के जरिए भारतीय शिल्प का गौरव
इस सांस्कृतिक संध्या में ईशा अंबानी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने न केवल अपनी सादगीपूर्ण उपस्थिति से मेहमान का मन मोहा, बल्कि अपने ब्रांड ‘स्वदेश’ के जरिए स्थानीय कारीगरों की अद्भुत कला का प्रदर्शन भी किया। हिलेरी क्लिंटन विशेष रूप से गुलाबी मीनाकारी से बने शतरंज सेट को देखकर मंत्रमुग्ध हो गईं। सोज़नी कढ़ाई और भारतीय शिल्प की ये कलाकृतियां इस बात का प्रमाण थीं कि अंबानी परिवार अपनी व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ भारत के पारंपरिक हुनरमंदों को विश्व पटल पर स्थापित करने के मिशन पर अडिग है।

संस्कार, सादगी और अटूट रिश्ता
अध्यात्म और कला के इस समागम में परिधानों की सादगी ने भी सबका ध्यान खींचा। नीता अंबानी जहां फ्लोरल शिफॉन साड़ी और न्यूनतम क्रिस्टल आभूषणों में भारतीय गरिमा का प्रतीक लग रही थीं, वहीं हिलेरी क्लिंटन ने ऑफ-व्हाइट ट्वीड सूट में अपनी शालीनता पेश की। धीरूभाई अंबानी की तस्वीर के पास बैठकर हुई चर्चाओं ने यह स्पष्ट किया कि यह परिवार अपनी विरासत को कितनी गहराई से संजोए हुए है। अंततः, यह शाम भारत और अमेरिका के बीच केवल मजबूत होते संबंधों की गवाह नहीं बनी, बल्कि इसने दुनिया को भारतीय 'सॉफ्ट पावर' और आध्यात्मिक शक्ति का नया परिचय दिया।