बुधवार को सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बुलियन बाजार में चांदी 2,700 रुपये की तेजी के साथ 2.33 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोना 960 रुपये मजबूत होकर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
हालांकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर तस्वीर अलग रही। यहां चांदी 8,000 रुपये गिरकर 2.59 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई, जबकि सोना 3,111 रुपये की गिरावट के साथ 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया।
एशियाई बाजारों का असर
लगातार तीसरे सत्र में गिरावट का रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के चलते कारोबार कमजोर रहा, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। स्पॉट गोल्ड करीब 4,901 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जबकि स्पॉट सिल्वर 1% से ज्यादा गिरकर 72.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
रिकॉर्ड हाई से कितनी दूर?
सोना अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 5,626.80 डॉलर प्रति औंस से करीब 15% नीचे बना हुआ है। वहीं चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर 121.78 डॉलर प्रति औंस से लगभग 67% नीचे है।
डॉलर की मजबूती बनी वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर के चलते सोना-चांदी पर दबाव बढ़ा है। डॉलर इंडेक्स 0.40% बढ़कर 97.28 पर पहुंच गया, जिससे डॉलर में कीमत तय होने वाली धातुएं अन्य देशों के निवेशकों के लिए महंगी हो गईं और मांग कमजोर पड़ी।
वैश्विक संकेतों पर टिकी नजर
चीन, हांगकांग, सिंगापुर, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े एशियाई बाजार लूनर न्यू ईयर के कारण बंद रहे, जिससे बाजार में तरलता कम हुई। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जनवरी बैठक के मिनट्स पर है, जो आगे की मौद्रिक नीति के संकेत दे सकते हैं।