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Chamki Fever : बिहार में नहीं थम रहा चमकी का कहर, 73 बच्चों की हो चुकी है मौत

बिहार के मुजफ्फरपुर व अन्य जिलों में चमकी का कहर जारी है। अब तक एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) से मरने वालों की संख्या बढ़कर 73 पहुंच गई है। सुबह से ही बच्चों के मौत का सिलसिला जारी है। सुबह 10 समाचार लिखे जाने तक 68 का मौत हुआ था शाम होते होते यह बढ़कर 73 तक जा पहुंचा है। यानी कि 5 बच्चों की मौत और हो गई है लेकिन इस पर डॉक्टर अभी तक काबू नहीं पा सके हैं।

Chamki Fever : बिहार में नहीं थम रहा चमकी का कहर, 73 बच्चों की हो चुकी है मौत

बिहार के मुजफ्फरपुर व अन्य जिलों में चमकी का कहर जारी है। अब तक एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) से मरने वालों की संख्या बढ़कर 73 पहुंच गई है। सुबह से ही बच्चों के मौत का सिलसिला जारी है। सुबह 10 समाचार लिखे जाने तक 68 का मौत हुआ था शाम होते होते यह बढ़कर 73 तक जा पहुंचा है। यानी कि 5 बच्चों की मौत और हो गई है लेकिन इस पर डॉक्टर अभी तक काबू नहीं पा सके हैं।

इसमें 62 बच्चों की मौत श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज में हुई है वहीं 11 बच्चों की मौत केजरीवाल अस्पताल में हुई है। यह जानकारी डॉक्टर शैलेश प्रसाद सिंह ने दिया है जो कि SKMC कॉलेज के सिविल सर्जन हैं। बता दें कि अभी भी बच्चे अस्पताल में भर्ती है और इस रोग पर काबू नहीं पाया जा रहा है। बच्चों के मरने की संख्या लगातार बढ़ रही है। उमस भरी गर्मी से करीब 24 दिन में ही 69 बच्चों का मौत हो गया है।

डॉक्टरों के मुताबिक मात्र 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे ही इस बीमारी के चपेट में आ रहे हैं। ज्यादातर मरने वाले बच्चों में 1 से 7 साल के बीच के बच्चे ही हैं। इस बीमारी का मुख्य लक्षण तेज बुखार, बेहोशी, दस्त औऱ उल्टी है। चमकी यानी की बच्चों के शरीर में रह-रह कर कंपन होती है। यह भी इस बीमारी का एक लक्षण है।

बीमारी का कहर देखते हुए डॉक्टरों का 24 घंटे ड्यूटी लगा दी गई है। मुजफ्फरपुर में बच्चों की हो रही मौत पर बिहार से स्वास्थ्य मंत्री व सीएम नीतीश लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये बीमारी हर साल इसी मौसम में कहर बरपाकर जाता है। फिलहाल इस बीमारी पर शोध हो जा रहा है।

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