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SC-ST एक्ट के बाद कांग्रेस ने सवर्ण वोट के लिए चली नई चाल, अब भाजपा को हो सकती है दिक्कत

मंगलवार का दिन बिहार कांग्रेस के लिए खास रहा। बिहार कांग्रेस को स्थाई प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। नए प्रदेश अध्यक्ष का नाम हैं मदन मोहन झा। हालांकि इस पद के लिए अखिलेश सिंह का नाम भी चर्चा में था मगर पार्टी ने मदन मोहन पर भरोसा जताया है।

SC-ST एक्ट के बाद कांग्रेस ने सवर्ण वोट के लिए चली नई चाल, अब भाजपा को हो सकती है दिक्कत

मंगलवार का दिन बिहार कांग्रेस के लिए खास रहा। बिहार कांग्रेस को स्थाई प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। नए प्रदेश अध्यक्ष का नाम हैं मदन मोहन झा। हालांकि इस पद के लिए अखिलेश सिंह का नाम भी चर्चा में था मगर पार्टी ने मदन मोहन पर भरोसा जताया है।

बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियां कमोबेश रणनीति बनाने में जुटी हैं। लालू यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को मिलाया तो वहीं नीतीश कुमार ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को अपनी पार्टी में ज्वाइन करवाया है।
ये वहीं प्रशांत किशोर हैं जिन्होंने 2014 में पीएम मोदी को लोकसभा चुनाव जीतने में मदद की थी। मोदी लहर ऐसी चली कि भाजपा के सामने विपक्ष पूरी तरह टूट गया।
फिलहाल नीतीश अभी दिल्ली में सीट शेयरिंग का मामला अमित शाह के साथ सुलझाने में लगे हैं।
इधर कांग्रेस ने भी मदन मोहन को बिहार की कमान सौंप दी है। मदन मोहन झा के जरिए कांग्रेस ने पीएम मोदी को उलझाने की चाल चली है। हाल ही हुए सवर्ण आंदोलन के बाद से भाजपा पर सवर्ण विरोधी होने का आरोप लग रहा है।
SC-ST एक्ट में बदलाव कर पिछड़ों को तो भाजपा ने अपने साथ मिलाया मगर सवर्ण इससे नाराज हो गए। खैर भाजपा इस मुद्दे पर अपना स्टैंड जब तक बनाने में कामयाब होती तब तक कांग्रेस ने एक कदम आगे बढ़ा दिया है, ऐसे में भाजपा को आने वाले समय में मुश्किल जरूर होगी।
मदन मोहन झा बिहार सरकार के पूर्व मंत्री कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और अभी विधान परिषद के सदस्य भी हैं। पहले वह कई बार कार्यकारी अध्यक्ष रह चुके हैं।
सवर्णेां का सोचना है कि दलितों के नाम पर वोट के लिए सवर्णों के अधिकार के बारे में कोई पार्टी नहीं सोचती है। ऐसे में अध्यक्ष का सवर्ण जाति से होने के कारण कांग्रेस को फायदा मिल सकता है। इसलिए पार्टी मदन मोहन झा के नेतृत्व पर भरोसा कर रहा है।
आपको बता दें कि बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी थे। कई महीनों से स्थाई प्रदेश अध्यक्ष का बिहार को इंतजार था।
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