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Lok Sabha Elections : बिहार के इस बूथ पर हो रहा मतदान का बहिष्कार, जानें पूरा मामला

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में बिहार की पांच की सीटों किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर और बांका के लिए आज मतदान शुरू हो गया है। मतदाता लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं तो कहीं मतदाताओं में अपनी मांगों को लेकर भारी आक्रोश है।

Lok Sabha Elections : बिहार के इस बूथ पर हो रहा मतदान का बहिष्कार, जानें पूरा मामला

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में बिहार की पांच की सीटों किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर और बांका के लिए आज मतदान शुरू हो गया है। मतदाता लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं तो कहीं मतदाताओं में अपनी मांगों को लेकर भारी आक्रोश है।इसी क्रम में कटिहार के मनिहारी के दो बूथों पर मतदाताओं ने वोट का बहिष्कार किया है। मनिहारी के गांधीटोला के बूथ 139 और 140 पर वोट बहिष्कार किया गया है।

यहां ग्रामीण गंगा कटाव के स्थायी निदान की मांग कर रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार सिर्फ आश्वासन देती है। आज तक गंगा के कटाव को रोकने के लिए कोई कार्य नहीं हुआ है। मनिहारी सीओ संजीव कुमार मतदाताओं को समझाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन मतदाता अपने जिद पर अड़े हुए हैं।

सुबह 9 बजे तक गांधीटोला के बूथ 139 में 2 और 140 में सिर्फ तीन मतदाताओं ने मतदान किया है।मालूम हो कि पहले चरण में भी बिहार के मतदाताओं ने सड़क की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था। गया, नवादा के कई हिस्सों में लोगों ने अपनी तमाम मांगों को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी।

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के दूसरे चरण के लिए आज 13 राज्यों की 97 लोकसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है। दूसरा चरण में 13 राज्यों की जिन 97 सीटों पर चुनाव होना है उनमें असम की 5, बिहार की 5, छत्तीसगढ़ की 3, जम्मू-कश्मीर की 2, कर्नाटक की 14, महाराष्ट्र की 10, मणिपुर की 1, ओडिशा की 5, तमिलनाडु की 39, त्रिपुरा की 1, उत्तर प्रदेश की 8, पश्चिम बंगाल की 3 और पुद्दुचेरी की 1 सीट पर मतदान हो रह है।

दूसरे चरण के चुनाव में 211 राष्ट्रीय दलों, 109 राज्य और 399 गैर पंजीकृत दलों के अलावा सर्वाधिक 925 निर्दलीय समेत कुल 1644 उम्मीदवार अपनी सियासी किस्मत आजमाने उतरे हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौडा, तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों और पांच केंद्रीय मंत्रियों के अलावा आठ पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के सामने भी सियासी साख बचाने की चुनौती होगी।

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