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चारा घोटाला: लालू को साढ़े तीन साल की सजा, जानिए अब आगे क्या होगा

अदालत ने सजा की घोषणा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की और सभी अभियुक्तों को बिरसामुंडा जेल में ही वीडियो लिंक से अदालत के सामने पेश कर सजा सुनाई गई।

चारा घोटाला: लालू को साढ़े तीन साल की सजा, जानिए अब आगे क्या होगा

रांची की सीबीआई अदालत ने 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाला में देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपए की अवैध निकासी के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद को साढ़े तीन वर्ष की कैद एवं दस लाख जुर्माने की सजा सुनाई।

अदालत ने लालू के दो पूर्व सहयोगियों लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा को सात वर्ष की कैद एवं बीस लाख रुपए के जुर्माने एवं बिहार के पूर्व मंत्री आर के राणा को साढ़े तीन वर्ष की कैद एवं दस लाख जुर्माने की सजा सुनाई।

फैसला आने के बाद लालू के पुत्र और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पटना में कहा कि हम लालू प्रसाद की दोषसिद्धि के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और अदालत के फैसले का अध्ययन करने के बाद अपील दायर करेंगे।

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, आर के राणा, जगदीश शर्मा एवं तीन वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारियों समेत 16 अभियुक्तों की सजा पर विशेष सीबीआई अदालत का फैसला आज शाम साढ़े चार बजे आया।

अदालत ने सजा की घोषणा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की और सभी अभियुक्तों को बिरसामुंडा जेल में ही वीडियो लिंक से अदालत के सामने पेश कर सजा सुनायी गई।

इससे पूर्व आज दिन में दो बजे सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव एवं राजद के दूसरे नेता आर के राणा एवं अन्य सभी आरोपियों की पेशी सजा सुनने के लिए जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करने के निर्देश दिये थे।

अपने आदेश के लिए अदालत ने शाम चार बजे का समय निर्धारित किया था। अदालत ने सजा के बिंदु पर कल लालू के वकीलों की बहस सुनी जिसमें उन्होंने बार बार उनकी लगभग सत्तर वर्ष की उम्र होने और बीमार होने की दुहाई दी थी। अदालत ने एक-एक कर बाद में अन्य शेष सात अभियुक्तों की भी सजा के बिन्दु पर उनकी उपस्थिति में बहस सुनी थी।

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लालू यादव को अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420, 467, 471एवं 477ए के तहत जहां साढ़े तीन वर्ष कैद एवं पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी वहीं उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) की धारा 13 (2) के तहत 13(1) सी एवं डी के आधार पर दोषी करार देते हुए भी अलग से साढ़े तीन वर्ष की कैद एवं पांच लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

अदालत ने बाद में स्पष्ट किया कि लालू की दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना न अदा करने की स्थिति में लालू यादव को छह माह अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी।

बिहार के पूर्व मंत्री एवं लालू के निकट सहयोगी रहे आर के राणा को अदालत ने भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी पाते हुए साढ़े तीन वर्ष कैद एवं पांच लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनायी।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत अलग से साढ़े तीन वर्ष कैद एवं पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी गयी। राणा की भी दोनों सजायें एक साथ चलेंगी।

किस केस में सजा

बिहार सरकार ने 1991 से 1994 के बीच मवेशियों की दवा और चारा खरीदने के लिए सिर्फ 4 लाख 7 हजार रुपए ही पास किए थे। जबकि इस दौरान देवघर ट्रेजरी से 6 फर्जी अलॉटमेंट लेटर से 89 लाख 4 हजार 413 रुपए निकाले गए।

ऐसे घिरते गए लालू

950 करोड़ के चारा घोटाले का खुलासा 1996 में हुआ था। 1994 में बिहार पुलिस ने कई क्षेत्रों के ट्रेजरी डिपार्टमेंट से फर्जी बिल जमा करवाए। इसके बाद एनिमल हसबैंडरी डिपार्टमेंट के कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। तब लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे।

दो साल बाद 1996 में सीबीआई ने जांच शुरू की और चारे, पशुओं की दवा आदि के खर्च के लिए करोड़ों के बिल बरामद किए। यही नहीं, सीबीआई ने लालू यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी को आय से ज्यादा संपत्ति रखने के आरोप भी लगाए।

2017 में 7वीं बार जेल

पहली बार- 30 जुलाई, 1997 (135 दिन)

दूसरी बार 28 अक्टूबर, 1998 (73 दिन)

तीसरी बार- 5 अप्रैल, 2000 (11 दिन)

चौथी बार- 28 नवंबर, 2000 (1दिन)

पांचवीं बार- 26 नवंबर, 2001 (23 दिन)

छठवीं बार - 3 अक्टूबर, 2013 (दो माह 10 दिन)

सातवीं बार - 23 दिसंबर, 2017

अब आगे क्या?

हाईकोर्ट जाने की तैयारी

सजा की अवधि तीन वर्ष से अधिक होने के चलते अब इन तीनों नेताओं एवं आइएएस अधिकारियों को जमानत के लिए झारखंड उच्च न्यायालय का रुख करना होगा। लालू प्रसाद के अधिवक्ता चितरंजन प्रसाद ने बताया कि अदालत ने तर्क आधारित निर्णय नहीं दिया है। वह जमानत के लिए अगले सप्ताह ही झारखंड उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।

तेजस्वी को बागडोर

राजद के वरिष्ठ नेता जगदानंद ने एेलान किया है कि 2019 का लोकसभा चुनाव तेजस्वी यादव की अगुवाई में ही लड़ा जाएगा। उन्हें राजद के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी लीडर पहले ही घोषित किया जा चुका है। लालू प्रसाद को फंसाने की साजिश करने वालों के खिलाफ अब उनकी पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।

किसे कितनी सजा

3.5 साल जेल, 5 लाख जुर्माना

लालू प्रसाद यादव, बिहार के पूर्व सीएम

फूलचंद सिंह, पूर्व आईएएस ऑफिसर

महेश प्रसाद, पूर्व आईएएस ऑफिसर

बेक जूलियस, पूर्व आईएएस ऑफिसर

सुनील कुमार सिन्हा, चारा सप्लायर

सुशील कुमार सिन्हा, चारा सप्लायर

राजा राम जोशी, चारा सप्लायर

सुबीर भट्टाचार्य, वेटनरी डॉक्टर्स

आरके राणा, पॉलिटिकल लीडर

कृष्ण कुमार, सरकारी अफसर

7 साल जेल, 10 लाख जुर्माना

जगदीश शर्मा, पॉलिटिकल लीडर

सुनील गांधी, चारा सप्लायर

त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, चारा सप्लायर

गोपीनाथ दास. चारा सप्लायर

संजय अग्रवाल - 7 साल, चारा सप्लायर

ज्योति कुमार झा - 7 साल, चारा सप्लायर

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