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कांग्रेस के चार एमएलसी जदयू में शामिल, जीतन राम मांझी ने महागठबंधन का थामा दामन

बिहार विधान परिषद में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक चौधरी के नेतृत्व में चार विधान पार्षदों कांग्रेस को छोड़ा।

कांग्रेस के चार एमएलसी जदयू में शामिल, जीतन राम मांझी ने महागठबंधन का थामा दामन
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राजग में नाराज चल रहे हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) सेक्युलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के राजग छोड राजद-कांग्रेस के महागठबंधन में शामिल होने और कांग्रेस के छह एमएलसी में चार के जदयू का दामन थाम लेने से बिहार में आज का दिन नाटकीय ढंग से राजनीतिक उथल-पुथल भरा रहा।

राजग में अधिक महत्व नहीं मिल पाने से नाराज चल रहे मांझी ने आगामी 23 मार्च को बिहार से राज्यसभा की छह सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव में अपनी पार्टी से एक व्यक्ति को राजग का उम्मीदवार घोषित किए जाने की मांग करते हुए कहा था कि अगर राजग नेतृत्व ने उनकी मांग को अनसुना किया तो उनकी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बिहार में आगामी 11 मार्च को हो रहे अररिया लोकसभा सीट और जहानाबाद एवं भभुआ विधानसभा उपचुनाव में राजग उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार नहीं करेंगे।

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वहीं बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अशोक चौधरी अपनी पार्टी के तीन अन्य विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) रामचंद्र भारती, दिलीप कुमार चौधरी और तनवीर अख्तर के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में शामिल हो गए। आज देर शाम इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गत जुलाई महीने से जिस तरह से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर उन्हें अपमानित किया उसके कारण हमलोग यह निर्णय लेने को विवश हुए।

पटना स्थित अपने आवास पर कांग्रेस के इन तीनों एमएलसी के साथ पत्रकारों से बातचीत करते हुए चौधरी ने कांग्रेस छोड जदयू में शामिल होने की घोषणा कर दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के महामंत्री और बिहार प्रभारी सी पी जोशी पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नजदीकी होने का गलत फायदा उठाकर हमारे खिलाफ षडयंत्र रचकर एक व्यक्ति विशेष को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष (काकब कादरी) बनाने के लिए प्रदेश में पूरी पार्टी को तितर बितर कर दिया। जबतक पार्टी किसी भी कार्यकर्ता को सम्मान नहीं देगी वह अपने दल के लिए कैसे काम कर सकता है।

'पार्टी विधानमंडल दल की बैठक के दौरान मुझ पर आरोप लगाया कि भभुआ में वे पार्टी उम्मीदवार को हराने में लगे हुए हैं जिसके बाद उन्हें लगा कि अब इस दल में बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। चौधरी ने कहा कि आज वे जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार जी से मिले और उनसे अपनी पार्टी में शामिल कर लेने का आग्रह किया और उन्हें अपनी पार्टी में जगह देने के लिए उनके प्रति हम आभार व्यकत करते हैं।'

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यह पूछे जाने पर कि क्या वह सरकार में भी शामिल होंगे तो चौधरी ने कहा कि नीतीश जी से किसी पद को लेकर उनकी कभी बात नहीं हुई। हम उस तरह की राजनीति में विश्वास नहीं करते। अगर मेरे अंदर मेरिट होगा तो मुझे जदयू के एक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने के लिए कहा जाएगा तो वे उसके लिए तैयार हैं, पार्टी नेता का निर्णय क्या होगा वे जानें।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के कई अन्य विधायक उनके संपर्क में हैं और उनके ही रास्ते पर चलने की संभावना है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष कौकाब कादरी ने कहा कि इन चारों एमएलसी को पार्टी विरोधी गतिविधियों को देखते हुए उन्हें आज शाम में ही पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

वैसे तो जीतन राम मांझी ने आज सुबह बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव तथा लालू के विश्वासपात्र माने जाने वाले राजद विधायक भोला यादव के साथ अपने आवास पर मुलाकात के बाद मांझी ने राजग छोडने और राजद-कांग्रेस के महागठबंधन में शामिल होने की घोषणा कर दी थी पर आज देर शाम अपने आवास पर तेजस्वी की उपस्थिति में इसका विधिवत एलान करते हुए उन्होंने राजग से नाता तोडने की तीन वजह बतायी।

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