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Bihar Flood : नेपाल के पानी से मर रहे हैं बिहार के लोग, जानें क्या कहते हैं वहां के बाशिंदे पंकज त्रिपाठी और मनोज बाजपेई

नेपाल में हो रही भारी बारिश का पानी बिहार के लोगों के लिए एक अभिशाप बन चुका है, सरकार तमाम प्रयासों के बाद भी विफल है आईए जानते हैं क्या कारण है बाढ़ पर बिहार व भारत सरकार कुछ नहीं कर पा रही है। पंकज त्रिपाठी सरकार को क्या दे रहे हैं सुझाव ? आईए जानते हैं...

Bihar Flood : नेपाल के पानी से मर रहे हैं बिहार के लोग, जानें क्या कहते हैं वहां के बाशिंदे पंकज त्रिपाठी और मनोज बाजपेई
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Flood In Bihar Due to Nepal Heavy Rain Pankaj Tripathi Manoj Bajpai

बिहार में भीषण बाढ़ की चपेट में 12 जिलों के 81 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, इस तबाही में कुल 125 लोगों की मौत हो चुकी है। कोसी और उसकी सहायक नदियों का सारा पानी ऊंची चोटियों से आता है और अपने साथ रेत, किचड़ बहा कर ले आता है। स्वाभाविक रूप से जब नदी के आस पास बांध बनाए जाते हैं तो आस पास की जमीन कम हो जाती है इस कारण बाढ़ का खतरा बन जाता है। नेपाल में हो रही भारी बारिश का पानी बिहार के लोगों के लिए एक अभिशाप बन चुका है, सरकार तमाम प्रयासों के बाद भी विफल है आईए जानते हैं क्या कारण है बाढ़ पर बिहार व भारत सरकार कुछ नहीं कर पा रही है।


बाढ़ की चपेट में सबसे ज्यादा मौतें सीतामढ़ी, शेहर, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिलों में हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल से अतिरिक्त पानी बिहार में आ रहा है जिसके कारण राज्य का उत्तरी हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। नेपाल एक पहाड़ी देश है जब भी वहां भारी बारिश होती है इसका पूरा पानी कोसी, गंडक, कमला बलान, बागमती और नारायणी सहित उत्तर बिहार की सभी प्रमुख नदियों में आ जाता है।


बाढ़ इतना विनाशकारी होता है कि बड़े पैमाने पर जन धन की हानि कर देती है। इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में 2008, 2011, 2013, 2015, 2017 और इस साल भी नेपाल की बारिश ने बिहार में कहर मचा दिया है। जल और ऊर्जा आयोग सचिवालय (डब्ल्यूईसीएस), नेपाल-भारत संयुक्त समिति की बाढ़ और बाढ़ प्रबंधन और नेपाल-भारत संयुक्त समिति जैसे जल संसाधनों पर कई मंच बने हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच राजनयिक सहित विभिन्न स्तरों पर चर्चा भी हुई लेकिन संकट को हल करने में दोनों देशों की सरकारें विफल रही है।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह नेपाल में मूसलाधार बारिश हो रही है जिसका पूरा पानी बिहार में आ रहा है। इसी कारण बिहार में इतना विनाशकारी बाढ़ आया हुआ है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर नेपाल में भारी बारिश अगस्त और सितंबर माह में होती है, लेकिन इस बार एक महीने पहले हुई।


पश्चिमी चंपारण में जन्में मनोज वाजपेई क्या कहते हैं

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में जन्में अभिनेता मनोज वाजपेयी का कहना है कि बार-बार की तबाही का स्थायी समाधान ढूंढना होगा। नेपाल सरकार और भारत सरकार को इस मुद्दे बैठकर बात करनी चाहिए, लोग हर साल मर रहे हैं लेकिन आज तक हम इसका समाधान नहीं ढूंढ पाए हैं।


दिग्गज अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने दिया सरकार का सुझाव

वहीं बिहार के गोपालगंज जिले से आने वाले दिग्गज अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने भी अपने राज्य में बाढ़ से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हर साल बाढ़ आएगी और एक राहत कोष शुरू किया जाएगा लोग मरेंगे और मुआवजा देकर बात रफा दफा हो जाएगी यह कब तक चलेगा? इस समस्या का एक स्थायी समाधान खोजने की आवश्यकता है।



उन्होंने कहा कि या तो हम अपने बांधों को मजबूत करें या नहरों के नेटवर्क को ठीक करें। बिहार में, ऐसे क्षेत्र भी हैं जो सूखे की चपेट में हैं, हम बाढ़ की पानी को वहां तक मोड़कर ले जा सकते हैं।

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