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TMBU में तीन साल से काम कर रहा था फर्जी कर्मचारी, रजिस्ट्रार को मिली खबर तो...

तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी (टीएमबीयू) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक फर्जी कर्मचारी पिछले तीन साल से बिना नियुक्ति पत्र के काम कर रहा था। इसके पीछे अधिकारियों की साठगांठ मानी जा रही है। यह फर्जी कर्मचारी विश्वविद्यालय के ही एक कर्मचारी का बेटा बताया जा रहा है। फर्जी तरीके से काम करने की सूचना जैसे ही रजिस्ट्रार अरुण कुमार को मिली तो उन्होंने उसे जमकर फटकारा।

TMBU में तीन साल से काम कर रहा था फर्जी कर्मचारी, रजिस्ट्रार को मिली खबर तो...
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Fake employee working in TMBU for three years registrar reprimanded

तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी (टीएमबीयू) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक फर्जी कर्मचारी पिछले तीन साल से बिना नियुक्ति पत्र के काम कर रहा था। इसके पीछे अधिकारियों की साठगांठ मानी जा रही है। यह फर्जी कर्मचारी विश्वविद्यालय के ही एक कर्मचारी का बेटा बताया जा रहा है। फर्जी तरीके से काम करने की सूचना जैसे ही रजिस्ट्रार अरुण कुमार को मिली तो उन्होंने उसे जमकर फटकारा।

खबरों के मुताबिक रजिस्ट्रार अरुण कुमार ने शुक्रवार को कई विभागों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज इंस्पेक्टर कार्यालय में काम कर रहे पंकज कुमार से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसे कोई नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। उसने रजिस्ट्रार को बताया कि तीन साल पहले उसने यहां काम शुरु किया। उसे तत्कालीन कॉलेज रजिस्ट्रार



शुक्रवार को उन्होंने कई विभागों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व में मिली सूचना के आधार पर कॉलेज इंस्पेक्टर कार्यालय में काम कर रहे पंकजकुमार से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसे नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। उसने रजिस्ट्रार को बताया कि तीन साल पहले उसने यहां काम शुरू किया। उसे तत्कालीन कॉलेज इंस्पेक्टर डॉ. मोहन मिश्र ने काम करने की अनुमति दी थी। हालांकि उसे वेतन नहीं मिल रहा था लेकिन उम्मीद थी कि उसे नौकरी मिल जाएगी।

इसके बाद रजिस्ट्रार ने उसे पकड़कर सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया और पुलिस को बुलाने को कहा। फिर पंकज कुमार माफी मांगने लगा, चूंकि वह विश्वविद्यालय में एक कर्मचारी का बेटा हैउसे डांटकर ही भंगा दिया। साथ ही दोबारा विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में प्रवेश न करने की भी हिदायत दी गई।



सूत्रों के मुताबिक उसी विभाग के बगल के एक विभाग में ऐसा ही एक और फर्जी कर्मचारी काम कर रहा है। लेकिन शुक्रवार को वह कार्यालय नहीं आया था। इधर पूर्व कॉलेज इंस्पेक्टर और अभी पीजी संस्कृत कॉलेज के हेड डॉ. मोहन मिश्र ने कहा कि वह किसी पंकज कुमार को नहीं जानते हैं। उसका आरोप गलत है। रजिस्ट्रार या कॉलेज इंस्पेक्टर रहते हुए उन्होंने उन्हीं कर्मचारियों से ड्यूटी कराई जो विधिवत रुप से नियुक्त हैं।

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